
गृह मंत्री के दौरे की पूर्व संध्या पर हरदा ने भाजपा नेत्री को घेरा
210 करोड़ की संपत्ति मामले में भाजपा से पूछा आखिर पैसा आया कहां से?
आने वाले दिनों में होगा खुलासा: हरीश रावत
पहाड़ का सच, देहरादून। इन दिनों जैनी-हरक-महेंद्र भट्ट व दीप्ति-सोनिया आनन्द के बीच जारी जंग के बीच पूर्व सीएम हरीश रावत ने बंटी-बबली की ‘लूट’ पर निशाना साधते हुए भाजपा को कठघरे में खड़ा किया।
गृह मंत्री अमित शाह के दौरे की पूर्व संध्या पर पूर्व सीएम हरीश रावत ने बंटी बबली की करोड़ों की सम्पत्ति और पुराने स्टिंग ऑपरेशन के जिक्र कर कहीं इशारे में कहीं सीधे तौर पर बहुत कुछ कह दिया।


हाल ही में चर्चित प्रकरणों के बीच उत्तराखंड में 210 करोड़ रुपये की कथित संपत्ति को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सोशल मीडिया पर फेसबुक पोस्ट के जरिए भाजपा और उसकी एक महिला नेत्री पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने संपत्ति में कथित तौर पर तेजी से हुई बढ़ोतरी पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि आखिर 210 करोड़ रुपये की संपत्ति कहां से आई? रावत ने इस मामले को बंटी-बबली की जोड़ी से जोड़ते हुए आरोप लगाया कि इस जोड़ी ने उत्तराखंड को कितना लूटा, इसका आकलन भविष्य में होगा।
पूर्व सीएम हरीश रावत ने अपनी पोस्ट में तंज कसते हुए लिखा कि पांच से सात वर्षों के भीतर 210 करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित करना अपने आप में आश्चर्यजनक है। इतनी तेजी से तो शायद एलन मस्क, अडानी और अंबानी की संपत्ति ही बढ़ती होगी। उन्होंने कहा कि भाजपा की महिला नेत्री की संपत्ति में जिस अनुपात में वृद्धि हुई है, उसका खुलासा किसी दूसरे ने नहीं, बल्कि उनके पति ने ही किया है।
रावत ने महिला नेत्री के पति के कथित बयान का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने सही कहा है कि उनकी कथनी और करनी में कोई अंतर नहीं है। पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि जब उनकी सरकार पर दबाव बनाने की कोशिशें सफल नहीं हुईं तो संबंधित लोग भाजपा में चले गए। अब वहां रहकर वे वही कर रहे हैं, जिसकी पहले बात करते थे। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि महिला नेत्री के पास 210 करोड़ रुपये की संपत्ति है तो उन्हें कठपुतली की तरह नचाने वाले उनके पति के पास कितनी संपत्ति होगी?
पूर्व मुख्यमंत्री ने संपत्तियों के स्रोत पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या संबंधित लोगों की कोई मिल, फैक्ट्री, खेती या अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान थे, जिनसे इतनी संपत्ति अर्जित हुई? उन्होंने मध्यान्ह भोजन योजना, आंगनबाड़ी और अन्य विभागों में भर्ती तथा खिलाड़ियों के हिस्से में कथित गड़बड़ी का जिक्र करते हुए इन सभी मामलों की जांच और संपत्ति के स्रोत का खुलासा करने की मांग उठाई।
अपनी पोस्ट में रावत ने भाजपा की ओर से उनके खिलाफ स्टिंग ऑपरेशन को लेकर लगाए जा रहे आरोपों का भी जवाब दिया। उन्होंने चुनौती दी कि भाजपा के नेता साबित करें कि स्टिंग में किसी तरह का लेन-देन हुआ था। रावत के मुताबिक, एक व्यक्ति पत्रकार के रूप में उनकी सरकार को बचाने का दावा करते हुए उनसे मिला था। जब पैसे की बात आई तो उन्होंने साफ कह दिया कि उनके पास कुछ नहीं है।
रावत ने आरोप लगाया कि संबंधित व्यक्ति खुद ही उनका करीबी बनकर पैसे देने की बात करने लगा था। उन्होंने तंज कसते हुए लिखा कि जब कोई व्यक्ति ताजमहल या चांदनी चौक खरीदकर देने की बात कर रहा था तो उन्होंने उससे कहा कि पहले खरीदकर लाओ, फिर ब्याज सहित लौटा दूंगा। उन्होंने कहा कि उन्हें मालूम था कि उस व्यक्ति की न तो ताजमहल खरीदने की हैसियत है और न ही चांदनी चौक की।
स्टिंग प्रकरण पर सफाई देते हुए रावत ने कहा कि पत्रकार के बाने का सम्मान करते हुए उन्होंने कुछ कड़वी बातें कहने के बजाय मीठी-मीठी गोलियां दी थीं। उन्होंने दावा किया कि भाजपा और उसके नेताओं के पास अब उनके खिलाफ इन्हीं बातों के अलावा कहने के लिए कुछ नहीं बचा है।
पोस्ट के अंत में रावत ने भाजपा पर कटाक्ष करते हुए लिखा कि बबली खूब चीं-चीं कर रही है और बंटी माल लेकर चंपत है, जबकि भाजपा चौराहे पर बेनकाब हो रही है। उनकी इस पोस्ट ने प्रदेश की राजनीति में संपत्ति, कथित भ्रष्टाचार और पुराने स्टिंग प्रकरण को लेकर एक बार फिर बहस तेज कर दी है।


