
– यूपी के सीएम योगी पहले नंबर पर, उत्तराखंड के लिए गर्व , – दोनों टॉप टू सीएम उत्तराखंड के सपूत
धामी सरकार के कुछ कड़े फैसले देश के लिए बने नजीर
पहाड़ का सच देहरादून। प्रशासनिक क्षमता, कार्यशैली, जनस्वीकार्यता और शासन के विभिन्न पहलुओं का सही मूल्यांकन करने में सफल रहे उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी देश में मुख्यमंत्रियों की रैंकिंग में नंबर दो पर रहे हैं । नंबर एक पर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ रहे हैं।
फेम इंडिया मैगजीन के सर्वे में मुख्यमंत्रियों के नेतृत्व, प्रशासनिक क्षमता, कार्यशैली, जनस्वीकार्यता और शासन के विभिन्न पहलुओं का मूल्यांकन किया गया। उत्तराखंड के सीएम धामी 881 अंकों के साथ दूसरे नंबर पर रहे जबकि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देशभर में पहला स्थान हासिल किया है। योगी को 1000 में से सर्वाधिक 897 अंक मिले हैं। इस सर्वे में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी 881 अंकों के साथ दूसरे और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा 874 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहे।

सर्वे में मुख्यमंत्रियों के नेतृत्व, प्रशासनिक क्षमता, कार्यशैली, जनस्वीकार्यता और शासन के विभिन्न पहलुओं का मूल्यांकन किया गया। यह दावा फेम इंडिया पत्रिका और एशिया पोस्ट की ओर से किए गए संयुक्त ‘बेस्ट चीफ मिनिस्टर सर्वे 2026’ में किया गया है। सर्वे में कुल 15 मुख्यमंत्रियों को शामिल किया गया है। इनमें शीर्ष 10 को ‘बेस्ट चीफ मिनिस्टर’ और 11वें से 15वें स्थान तक के मुख्यमंत्रियों को विशेष ‘मुख्यमंत्री पंचरत्न’ श्रेणी में स्थान दिया गया है।
पत्रिका का कहना है कि सर्वे में मुख्यमंत्रियों के प्रदर्शन और नेतृत्व क्षमता को परखने के लिए 10 प्रमुख मानक निर्धारित किए गए थे। इनमें सुशासन, कानून-व्यवस्था, व्यक्तित्व, छवि, कार्यक्षमता, प्रभाव, विभागों की समझ, लोकप्रियता, दूरदर्शिता तथा कार्यशैली और परिणाम शामिल हैं। दावा किया गया है कि वहीं, व्यक्तित्व एवं छवि में नेतृत्व क्षमता, संवाद कौशल, निर्णय लेने की क्षमता और जनता के बीच विश्वसनीयता का आकलन किया गया। इसके अलावा प्रशासनिक दक्षता, नीतियों का प्रभाव आदि को भी मूल्यांकन का आधार बनाया गया।
तीन स्तरीय प्रक्रिया से तैयार हुई रैंकिंग
यह सर्वे करीब तीन से चार महीने तक किया गया। पहले चरण में सोशल मीडिया और पारंपरिक मीडिया के विभिन्न मंचों पर मुख्यमंत्रियों से संबंधित प्रतिक्रियाओं, चर्चाओं, समाचारों और जनधारणाओं का अध्ययन करने का दावा किया गया है। .दूसरे चरण में विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिष्ठित हस्तियों, बुद्धिजीवियों और विशिष्ट व्यक्तियों की राय एवं आकलन को शामिल किए जाने का दावा किया गया है। तीसरे चरण में आम नागरिकों से सीधे संवाद कर उनके विचार, अनुभव और दृष्टिकोण जानने का दावा किया गया है। इसके बाद मुख्यमंत्रियों का 10 निर्धारित मानकों पर मूल्यांकन करने का पत्रिका ने दावा किया है। सभी मानकों पर प्राप्त अंकों को जोड़कर 1000 अंकों के पैमाने पर अंतिम रैंकिंग तैयार की गई।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कार्यकाल के दौरान लिए गए प्रमुख और ऐतिहासिक फैसले
• समान नागरिक संहिता (UCC): उत्तराखंड देश की आजादी के बाद समान नागरिक संहिता लागू करने वाला पहला राज्य बना, जिसे 27 जनवरी 2025 को लागू किया गया। यह कानून विवाह, तलाक, संपत्ति और विरासत के मामलों में सभी धर्मों के लिए समान नियम तय करता है।
• सख्त नकल विरोधी कानून: प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक रोकने और पारदर्शिता लाने के लिए राज्य में बेहद कड़ा नकल विरोधी कानून लागू किया गया, जिसके तहत हजारों युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं। धामी के कार्यकाल में राज्य के 35000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई हैं।
• अतिक्रमण विरोधी अभियान: सरकारी भूमि को अतिक्रमण और अवैध कब्जों से मुक्त कराने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चलाया गया, जिसके तहत 12,000 एकड़ से अधिक सरकारी जमीन को अतिक्रमण से हटाया गया है।
• महिलाओं के लिए आरक्षण: सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत क्षैतिज (horizontal) आरक्षण लागू किया गया है। इसके अलावा सहकारी समितियों में भी महिलाओं को आरक्षण दिया गया है।
• लखपति दीदी योजना और स्वरोजगार: महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए चलाई गई योजनाओं के माध्यम से राज्य में 2.54 लाख से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बनी हैं।
• भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस: भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए विजिलेंस और अन्य एजेंसियों के माध्यम से कई गिरफ्तारियां और मामलों में कार्रवाई की गई है।
• नवीनतम पहल: हाल ही में राज्य के विकास में नागरिकों की सीधी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए ‘देवभूमि परिवार पोर्टल’ और ‘विकसित उत्तराखंड विजन 2047’ जैसी पहल शुरू की गई है।


