
– 2026 के ग्रेजुएटिंग बैच को 126 पुरस्कार प्रदान किए
-छह दिवसीय समारोह का समापन छात्रों की उत्कृष्ट उपलब्धियों और प्रोफेशनल्स की अगली पीढ़ी की शैक्षणिक उत्कृष्टता को सम्मानित करने के साथ हुआ
देहरादून। देहरादून स्थित मल्टीडिसिप्लिनरी और एआई–फर्स्ट यूनिवर्सिटी, यूपीईएस ने आज अपने 24वें दीक्षांत समारोह का समापन किया। इस अवसर पर शैक्षणिक उत्कृष्टता का जश्न मनाया गया और 2026 के ग्रेजुएटिंग बैच की उपलब्धियों को सम्मानित किया गया। 22 से 27 अक्टूबर तक आयोजित छह दिवसीय दीक्षांत समारोह में कुल 126 पुरस्कार प्रदान किए गए, जिनके माध्यम से यूनिवर्सिटी के सात स्कूलों और यूपीईएस ऑनलाइन के छात्रों के उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन को सम्मानित किया गया। समारोह में ग्रेजुएट होने वाले छात्र, उनके परिवार, यूनिवर्सिटी लीडरशिप और सरकार, इंडस्ट्री, शिक्षा जगत तथा रिसर्च क्षेत्र के प्रतिष्ठित अतिथि शामिल हुए।

इन शैक्षणिक सम्मानों में 15 गोल्ड मेडल्स, 82 सिल्वर मेडल्स, एक ब्रॉन्ज मेडल और 28 लेटर्स ऑफ एप्रिसिएशन शामिल थे। इनमें यूनिवर्सिटी के सात स्कूलों में दिए गए 117 शैक्षणिक सम्मान, यूपीईएस ऑनलाइन के मेधावी छात्रों को प्रदान किए गए छह सिल्वर मेडल्स और यूनिवर्सिटी स्तर के तीन मेडल्स शामिल थे। विशेष रूप से सम्मानित छात्रों में स्कूल ऑफ लॉ के वीरेंद्र प्रताप सिंह राठौड़ को यूनिवर्सिटी गोल्ड मेडल, स्कूल ऑफ डिजाइन की सौम्या गुप्ता को यूनिवर्सिटी सिल्वर मेडल और स्कूल ऑफ हेल्थ साइंसेज़ एंड टेक्नोलॉजी के परितोष जुयाल को यूनिवर्सिटी ब्रॉन्ज मेडल प्रदान किया गया।

यूपीईएस के अब तक के सबसे बड़े दीक्षांत समारोह के रूप में, कॉन्वोकेशन 2026 में कुल 5,129 ग्रेजुएट होने वाले छात्रों की उपलब्धियों का जश्न मनाया गया। इनमें रेगुलर प्रोग्राम्स के 4,140 छात्र शामिल थे, इसके अलावा, यूपीईएस ऑनलाइन के 989 छात्र भी शामिल रहे। जिनमें 3,024 अंडरग्रेजुएट और 2,105 पोस्टग्रेजुएट छात्र थे। यूनिवर्सिटी ने 22 अक्टूबर को आयोजित उद्घाटन समारोह में अपने विभिन्न स्कूलों के रिसर्च स्कॉलर्स को 121 पीएचडी डिग्रियां भी प्रदान कीं। यह समारोह श्री पुष्कर सिंह धामी, माननीय मुख्यमंत्री, उत्तराखंड, और डॉ. दुर्गेश पंत, डायरेक्टर जनरल, उत्तराखंड स्टेट काउंसिल फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी यानी यूकॉस्ट, की उपस्थिति में आयोजित किया गया।
पूरे दीक्षांत समारोह के दौरान यूपीईएस ने विभिन्न क्षेत्रों और डिसिप्लिन्स का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रतिष्ठित लीडर्स का मुख्य अतिथि के रूप में स्वागत किया। स्कूल ऑफ कंप्यूटर साइंस के अलग-अलग सेशन्स में प्रदीप बत्रा, माननीय मंत्री – सूचना प्रौद्योगिकी, उत्तराखंड सरकार; मोहन बाबू नेल्लोर, डायरेक्टर ऑफ इंजीनियरिंग, लिंक्डइन; डॉ. अरिजीत रॉय, ग्रुप डायरेक्टर, आईआईआरएस (इसरो); और डॉ. धर्मेंद्र सिंह यादव, डिप्टी डायरेक्टर जनरल, नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर, मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। स्कूल ऑफ लॉ ने डॉ. धन सिंह रावत, माननीय मंत्री – उच्च शिक्षा, उत्तराखंड सरकार, का स्वागत किया। वहीं स्कूल ऑफ बिजनेस के विभिन्न समारोहों में कुमार नितेश, सीईओ – एजियो बिजनेस एंड ट्रेंड्स फुटवियर, और सुबोध उनियाल, माननीय मंत्री – चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, उत्तराखंड सरकार, मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
समारोह में स्कूल ऑफ हेल्थ साइंसेज़ एंड टेक्नोलॉजी यानी एसओएचएसटी की ओर से डॉ. डी. श्रीनिवास रेड्डी, डायरेक्टर, सीएसआईआर–इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी यानी आईआईसीटी, हैदराबाद, भी शामिल हुए। स्कूल ऑफ डिजाइन यानी एसओडी ने श्री संजीव चोपड़ा, आईएएस (सेवानिवृत्त), पूर्व डायरेक्टर, एलबीएसएनएए, मसूरी, का स्वागत किया। वहीं, समापन दिवस पर स्कूल ऑफ एडवांस्ड इंजीनियरिंग यानी एसओएई में रोहन एम. गणपति, सीईओ और सीटीओ, बेलाट्रिक्स एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड, और स्कूल ऑफ लिबरल स्टडीज़ एंड ह्यूमैनिटीज़ यानी एसओएलएसएच में रोहित विश्वकर्मा, मैनेजिंग एडिटर, एनडीटीवी इंडिया, शामिल हुए। इन विविध क्षेत्रों के लीडर्स की भागीदारी ने अकादमिक लर्निंग को इंडस्ट्री एक्सपर्टीज़ और वास्तविक दुनिया के दृष्टिकोणों से जोड़ने पर यूनिवर्सिटी के निरंतर जोर को दर्शाया।
24वें दीक्षांत समारोह के समापन पर बोलते हुए, डॉ. सुनील राय, वाइस चांसलर, यूपीईएस, ने कहा, “इस वर्ष का दीक्षांत समारोह यूपीईएस के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, क्योंकि हम अब तक के अपने सबसे बड़े ग्रेजुएटिंग बैच की सफलता का जश्न मना रहे हैं। आंकड़ों से आगे बढ़कर, यह उन हजारों युवाओं की आकांक्षाओं, दृढ़ संकल्प और उपलब्धियों को दर्शाता है, जो भविष्य को आकार देने के लिए तैयार हो रहे हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और तेजी से बदलती टेक्नोलॉजी के इस दौर में हमारी जिम्मेदारी छात्रों को केवल ज्ञान और स्किल्स से लैस करना ही नहीं, बल्कि उनमें जिज्ञासा, बदलाव के अनुरूप ढलने की क्षमता और ईमानदारी भी विकसित करना है, ताकि वे सार्थक प्रभाव पैदा कर सकें। जैसे ही क्लास ऑफ 2026 अपनी यात्रा का अगला अध्याय शुरू कर रही है, मुझे विश्वास है कि हमारे ग्रेजुएट्स इनोवेशन, लीडरशिप और उद्देश्य की इसी भावना को आगे बढ़ाएंगे।”
दीक्षांत समारोह का समापन स्कूल ऑफ एडवांस्ड इंजीनियरिंग और स्कूल ऑफ लिबरल स्टडीज़ एंड ह्यूमैनिटीज़ के समारोहों के साथ हुआ। इसके साथ ही शैक्षणिक उपलब्धियों, इंटरडिसिप्लिनरी लर्निंग और इंडस्ट्री तथा रिसर्च के साथ यूनिवर्सिटी के मजबूत जुड़ाव का जश्न मनाने वाले इस आयोजन का समापन हुआ। अपने 24वें दीक्षांत समारोह के माध्यम से यूपीईएस ने भविष्य के लिए तैयार ऐसे प्रोफेशनल्स को विकसित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई, जो समाज और तेजी से बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था में सार्थक योगदान देने के लिए सक्षम हों।


