
– उत्तराखंड में भी 23 अक्टूबर से फिर आंदोलन का बिगुल, 27 को गैरसैण में विसभा का घेराव , एक नवंबर को दिल्ली में प्रदर्शन
पहाड़ का सच नई दिल्ली/देहरादून। सिक्किम कांग्रेस व अन्य राजनीतिक दलों ने सोमवार 19 अक्टूबर को नवनियुक्त राज्यपाल दुष्यंत गौतम के शपथ ग्रहण के खिलाफ राज्यव्यापी बंद और भारी विरोध प्रदर्शन की घोषणा की गई है। सिक्किम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (SPCC), वरिष्ठ नेताओं और विभिन्न सामाजिक संगठनों का आरोप है कि दुष्यंत गौतम का नाम उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड (2022) से जुड़ा हुआ है, जिसके कारण उन्हें इस संवैधानिक पद पर नहीं बैठना चाहिए। उधर ,उत्तराखंड कांग्रेस ने भी 23 अक्टूबर से फिर से आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया है। इसमें 27 अक्टूबर को गैरसैण में विधानसभा का घेराव भी शामिल है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 12 अक्टूबर 2026 को भाजपा के वरिष्ठ नेता दुष्यंत गौतम को सिक्किम का नया राज्यपाल नियुक्त किया था, जो ओम प्रकाश माथुर का स्थान ले रहे हैं। उनके 19 अक्टूबर को गंगटोक के लोक भवन में होने वाले शपथ ग्रहण समारोह के खिलाफ अब देशव्यापी और राज्यव्यापी विरोध तेज हो गया है।
यह पूरा विवाद साल 2022 में उत्तराखंड में हुए अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़ा है। अंकिता भंडारी उत्तराखंड ऋषिकेश क्षेत्र में के एक रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट थी। आरोप है कि रिसॉर्ट मालिक ने उस पर किसी ‘अज्ञात वीआईपी (VIP)’ को विशेष सेवाएं देने का दबाव बनाया था। अंकिता द्वारा मना करने के बाद उसकी हत्या कर दी गई और शव नहर में मिला था
उस समय दुष्यंत गौतम भाजपा के उत्तराखंड प्रभारी थे। विरोध कर रहे राजनीतिक दलों का दावा है कि इस मामले में जिस ‘वीआईपी’ का जिक्र बार-बार आता है, उसमें दुष्यंत गौतम का नाम उछाला गया था। हालांकि, उन पर कोर्ट या जांच एजेंसी द्वारा कोई आरोप साबित नहीं हुआ है और उन्होंने खुद इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। इस प्रकरण में सीबीआई जांच भी चल रही है।
विरोध प्रदर्शन और ‘सिक्किम बंद’ की मुख्य बातें
इस नियुक्ति के विरोध में सिक्किम से लेकर उत्तराखंड और दिल्ली तक राजनीतिक उबाल देखा जा रहा है। सिक्किम (गंगटोक) सिक्किम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (SPCC) के अध्यक्ष गोपाल छेत्री के नेतृत्व में डीसी कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया गया। पार्टी ने 19 अक्टूबर को पूर्ण बंद का आह्वान करते हुए सभी राजनीतिक दलों से दलीय राजनीति से ऊपर उठकर सिक्किम की प्रतिष्ठा के लिए एकजुट होने की अपील की है।
उत्तराखंड (देहरादून) उत्तराखंड कांग्रेस की प्रभारी कुमारी शैलजा और प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में देहरादून में एक विशाल बाइक और स्कूटर रैली निकाली गई। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि उत्तराखंड की बेटी को इंसाफ दिलाने की उनकी लड़ाई जारी रहेगी।
सिक्किम कांग्रेस अध्यक्ष गोपाल छेत्री ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार ने दुष्यंत गौतम को कानूनी कार्रवाई से बचाने के लिए राज्यपाल नियुक्त किया है। संविधान के अनुच्छेद 361 के तहत किसी भी राज्यपाल को पद पर रहते हुए कानूनी मुकदमों और गिरफ्तारी से छूट (इम्यूनिटी) मिल जाती है। याचिकाओं के माध्यम से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मांग की गई है कि जब तक इस पूरे मामले की सीबीआई (CBI) जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक दुष्यंत गौतम की नियुक्ति को निरस्त या स्थगित रखा जाए।
उत्तराखंड में भी होगा तीव्र विरोध
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने बताया कि 23 अक्टूबर से 25 अक्टूबर तक सभी विधानसभाओं में न्याय यात्रा निकाली जाएगी।
उन्होंने कहा कि 27 अक्टूबर गैरसैंण विधानसभा सत्र के दौरान घेराव किया जाएगा। एक नवंबर को देश व्यापी वोट चोरी मुद्दे पर चलो दिल्ली ,रामलीला मैदान के लिए कांग्रेस के हजारों कार्यकर्ता कूच करेंगे।
गोदियाल ने कहा कि चार नवंबर को राज्य सरकार में जमीनों की नीलामी, धांधली और भ्रष्टाचार के विरोध में जिला मुख्यालयों मेसरकार के विरोध में प्रदर्शन किया जायेगा। शनिवार शाम को पार्टी कैंडल मार्च निकालेगी।


