
पहाड़ का सच नई दिल्ली/देहरादून।
भाजपा नेता व उत्तराखंड के पूर्व प्रभारी दुष्यंत गौतम को राज्यपाल बनाए जाने के विरोध में अंकिता भंडारी के माता-पिता ने इंडिया गेट के बाहर धरना शुरू किया है। राहुल और प्रियंका भी धरना स्थल पर पहुंचे।
बहुचर्चित अंकिता भंडारी मर्डर केस में पिछले चार साल से ‘वीआईपी’ के खुलासे के लिए संघर्षरत अंकिता के माता-पिता ने भाजपा नेता दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने के विरोध में सोशल एक्टिविस्ट योगिता भयाना के साथ इंडिया गेट के बाहर धरना शुरू कर दिया है। देर शाम लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी भी इंडिया गेट पहुंचकर अंकिता के माता-पिता के साथ धरने पर बैठे। देर रात तक इंडिया गेट पर काफी भीड़ जुट चुकी थी।

साल-2022 में अंकिता भंडारी की हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद से ही आरोप लग रहा है कि उसकी हत्या की वजह वीआईपी को ‘स्पेशल सर्विस’ देने से स्पष्ट इनकार बनी है। इस मामले में तीन दोषी कोर्ट से सजा पाने के बाद जेल में हैं। लेकिन, अंकिता के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी और मां सोनी देवी उस वीआईपी को सजा दिलाने के लिए साल-2022 से ही निरंतर संघर्ष कर रहे हैं। इतना ही नहीं, विपक्षी दल और जनसंगठन भी इस मामले में लगातार आवाज उठा रहे हैं।
पिछले साल एक ऑडियो क्लिप वायरल होने और उसमें भाजपा के उत्तराखंड प्रभारी रहे दुष्यंत गौतम का कथित तौर पर जिक्र आने के बाद से दिसंबर आखिरी पखवाड़े और इस साल जनवरी में वीआईपी के खुलासे के लिए सीबीआई जांच की मांग को लेकर पूरे प्रदेश में जबर्दस्त आंदोलन हुआ। प्रदेश सरकार ने इसी साल जनवरी में सीबीआई जांच की संस्तुति कर दी।

अंकिता के माता-पिता, जन-संगठन और विपक्ष भाजपा के पूर्व प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम को भी कथित वीआईपी के तौर पर देखते हुए सीबीआई जांच पूरी होने तक उन्हें सभी दायित्वों से मुक्त रखने की मांग कर रहे हैं। चूुंकि, उत्तराखंड में जल्द ही विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में भाजपा नेतृत्व ने गौतम को कुछ माह पूर्व उत्तराखंड के प्रदेश प्रभारी के दायित्व से मुक्त कर दिया। किंतु दो दिन पूर्व उन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सिक्किम का राज्यपाल मनोनीत कर दिया।
इससे व्यथित अंकिता के पिता वीरेंद्र भंडारी और मां सोनी देवी बुधवार अपराह्न अचानक इंडिया गेट पहुंचे और धरने पर बैठ गए। अंकिता के पिता की स्पष्ट मांग है कि जब तक सीबीआई जांच पूरी नहीं हो जाती तब तक दुष्यंत गौतम की राज्यपाल के तौर पर की गई नियुक्ति पर राष्ट्रपति तत्काल रोक लगाएं।
अंकिता के माता-पिता के साथ परी फाउंडेशन की संस्थापक व जानी-मानी सोशल एक्टिविस्ट योगिता भयाना भी बैठीं। देर शाम पहले राहुल गांधी और फिर प्रियंका गांधी भी इंडिया गेट पहुंचकर अंकिता के माता-पिता से मिले और उनके साथ धरने पर बैठेे। इस दौरान अंकिता की मां लगातार भावुक होकर रोती रहीं। वहीं, राहुल ने अंकिता के पिता को ढाढस बंधाते हुए उनके संघर्ष में पूरा साथ देने का आश्वासन दिया।
साथियों,
आप इस बात से अवगत हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने अंकिता भंडारी प्रकरण में उन्हीं की पार्टी द्वारा नामजद व्यक्ति दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किया है। यह नियुक्ति सीधे तौर पर उत्तराखंड की जनभावनाओं को रौंदने वाली है। साथ ही, इससे अंकिता भंडारी प्रकरण में संभावित दोषियों को बचाने के षड्यंत्र की आशंका को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
उन्हीं की पार्टी द्वारा आरोपित किए गए व्यक्ति को राज्यपाल बनाकर कानूनी अभयदान दिए जाने की आशंका के बीच यह नियुक्ति कई राजों को पिटारे में ही बंद रखने की एक नाकाम कोशिश साबित होगी।
अंकिता भंडारी के माता-पिता आज इंडिया गेट पर दुष्यंत गौतम की राज्यपाल के रूप में नियुक्ति को रद्द करने की मांग के साथ धरने पर बैठे हैं। इस मामले का संज्ञान नेता प्रतिपक्ष आदरणीय राहुल गांधी जी ने लिया। आदरणीय राहुल गांधी जी ने अंकिता के माता-पिता को ढांढस बंधाने तथा उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए तत्काल धरनास्थल पर पहुंचकर उनसे मुलाकात की।
हम सबका यह परम कर्तव्य बनता है कि अंकिता भंडारी के माता-पिता और उत्तराखंड कांग्रेस की इस मुहिम को मजबूती प्रदान करें, ताकि दुष्यंत गौतम को तत्काल वापस बुलाने की मांग को प्रभावी ढंग से उठाया जा सके।
अतः मेरे समस्त वरिष्ठ नेतागण, विधायकगण, पूर्व विधायकगण, पीसीसी के वर्तमान एवं पूर्व पदाधिकारीगण, प्रत्याशी, जिला अध्यक्ष, ब्लॉक अध्यक्ष तथा तमाम ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों एवं न्याय पंचायत कमेटियों से निवेदन है कि कल शाम राज्य की प्रत्येक संगठनात्मक इकाई के स्तर पर जिला, ब्लॉक एवं न्याय पंचायत कमेटियों के साथ-साथ अर्धशहरी एवं शहरी क्षेत्रों में कैंडल मार्च, मशाल जुलूस आयोजित करें तथा दुष्यंत गौतम को वापस बुलाने की मुहिम के समर्थन में एक दीपक प्रज्वलित कर इस अभियान को अपना समर्थन दें।
मेरा कांग्रेस के सभी वरिष्ठ नेतागणों एवं जिला अध्यक्षों से यह भी आग्रह है कि कल दोपहर तक दिनांक 13 अक्टूबर से लेकर अब तक कांग्रेस नेताओं द्वारा दिए गए वक्तव्यों के आधार पर प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करें तथा दुष्यंत गौतम को राज्यपाल पद से वापस बुलाए जाने की मुहिम को और अधिक मजबूती प्रदान करें।
जब तक दुष्यंत गौतम को राज्यपाल के पद से वापस नहीं बुलाया जाता, तब तक हमारी यह मुहिम मजबूती के साथ अनवरत जारी रहनी चाहिए।
आगे के कार्यक्रमों के संबंध में जल्द ही सूचित किया जाएगा।
:गणेश गोदियाल


