
– 200 से ज्यादा होटल, रेस्टोरेंट जांच के दायरे में
पहाड़ का सच मसूरी। मसूरी में अब उन सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच होगी, जो आवासीय उपयोग के लिए स्वीकृत भवनों में चल रहे हैं।
मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण ने शनिवार से पूरे शहर में सर्वे शुरू कर दिया है। इसमें यह पता लगाया जाएगा कि किस भवन को किस उपयोग के लिए मंजूरी मिली थी और वहां वास्तव में क्या गतिविधि संचालित हो रही है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, शहर के 200 से अधिक होटल और रेस्तरां ऐसे हैं, जिनके पास स्वीकृत व्यावसायिक भवन योजना नहीं होने के आरोपों की जांच हो सकती है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि इन सभी प्रतिष्ठानों को अवैध घोषित कर दिया गया है। सर्वे में भवनों की स्वीकृति, वास्तविक उपयोग और संबंधित नियमों के अनुपालन की स्थिति सामने आने के बाद ही तस्वीर स्पष्ट होगी।
वैसे मसूरी में होटल और रेस्तरां पर्यटन कारोबार का अहम हिस्सा हैं। ऐसे में आवासीय उपयोग के लिए स्वीकृत भवनों में व्यावसायिक गतिविधियों की जांच का दायरा बड़ा होने पर इसका असर केवल भवन मालिकों तक सीमित नहीं रहेगा। होटल संचालकों, दुकानदारों और दूसरे कारोबारियों के साथ पर्यटन से जुड़े स्थानीय रोजगार पर भी इसका संभावित प्रभाव पड़ सकता है। हालांकि, अभी सर्वे शुरू हुआ है। कितने भवनों में नियमों का उल्लंघन मिला, कितने प्रतिष्ठानों के पास वैध व्यावसायिक स्वीकृति है और कितने मामलों में कार्रवाई की जरूरत पड़ेगी, इसका आधिकारिक आंकड़ा सामने नहीं आया है।
आवासीय भवनों में अनधिकृत व्यावसायिक गतिविधियों का मुद्दा सुप्रीम कोर्ट में भी उठ चुका है। लोगनाथन बनाम तमिलनाडु राज्य एवं अन्य मामले में 25 मार्च 2026 को दिए गए आदेश में न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और न्यायमूर्ति आर. महादेवन की पीठ ने आवासीय कॉलोनियों के व्यावसायिक क्षेत्रों में बदलने पर चिंता जताई थी। कोर्ट ने भवन उपनियमों और भूमि उपयोग संबंधी नियमों का उल्लंघन कर आवासीय भवनों में व्यावसायिक गतिविधियां चलाने के मुद्दे को गंभीरता से लिया ।


