ज्योतिष इंद्रमोहन डंडरियाल
🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
🌤️ *दिनांक – 16 सितंबर 2026*
🌤️ *दिन – बुधवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2083 (गुजरात अनुसार 2082)*
🌤️ *शक संवत -1948*
🌤️ *अयन – दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु – शरद ॠतु*
🌤️ *मास – भाद्रपद*
🌤️ *पक्ष – शुक्ल*
🌤️ *तिथि – पंचमी सुबह 08:59 तक तत्पश्चात षष्ठी*
🌤️ *नक्षत्र – विशाखा शाम 05:22 तक तत्पश्चात अनुराधा*
🌤️ *योग – वैधृति दोपहर 12:23 तक तत्पश्चात विष्कंभ*
🌤️*राहुकाल – दोपहर 12:12 से दोपहर 01:43 तक*
🌤️ *सूर्योदय – 06:02*
🌤️ *सूर्यास्त – 06:21*
👉 *दिशाशूल – उत्तर दिशा मे*
🚩 व्रत पर्व विवरण –
*विशेष- पंचमी को बेल खाने से कलंक लगता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
💥 *चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए।(स्कन्द पुराण)*
💥 *चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है।*
🚩~*सनातन पंचांग* ~🚩
🌷 *सूर्य षष्ठी* 🌷
🙏🏻 *भाद्रपद मास शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को मोरयाई छठ का व्रत रखा जाता है। इसे मोर छठ या कुछ स्थानों पर सूर्य षष्ठी व्रत भी कहते हैं। इस बार यह व्रत 17 सितम्बर, गुरुवार को है। भविष्योत्तर पुराण के अनुसार, प्रत्येक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को भगवान सूर्य के निमित्त व्रत करना चाहिए। इनमें भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी का विशेष महत्व है। इस दिन गंगा स्नान, सूर्योपासना, जप एवं व्रत किया जाता है। इस दिन सूर्य पूजन, गंगा स्नान एवं दर्शन तथा पंचगव्य सेवन से अश्वमेघ यज्ञ के समान फल प्राप्त होता है। इस दिन व्रत को अलोना (नमक रहित) भोजन दिन में एक बार ही ग्रहण करना चाहिए। सूर्य पूजा में लाल फूल, गुलाल, लाल कपड़ा, लाल रंग की मिठाई आदि का विशेष महत्व है।*
🚩 ~ *सनातन पंचांग* ~ 🚩
🌷 *गणेश उत्सव* 🌷
🙏🏻 *मोर पंख सिर्फ भगवान श्रीकृष्ण को नहीं, बल्कि सभी देवी–देवताओं को प्रिय है। इसमें नौ ग्रहों का निवास भी माना गया है। ज्योतिष शास्त्र से जुड़े कुछ खास उपायों को गणेश उत्सव पर किया जाए तो पैसों के साथ ही जीवन की अन्य कई तरह की समस्याओं को दूर किया जा सकता है। आइए जानते हैं मोर पंख से जुड़े कुछ खास आसान उपाय….*
👉🏻 *गणेश उत्सव में सिर्फ 1 मोर पंख बदल सकता है आपका भाग्य*
🌷 *कारगर उपाय* 🌷
*आपका भाग्य बदल सकता है गणेश जी को चढ़ाया हुआ एक मोरपंख*
🌿 *पैसों से जुड़ी प्राॅब्लम*
*जिन लोगों को पैसों की कमी रहती है वे पर्स में ये मोर पंख रखें।*
🌿 *रुके हुए काम होंगे पूरे*
*इस मोर पंख को हमेशा साथ रखने पर रुके हुए काम पूरे होने लगते हैं।*
🌿 *बच्चा जिद्दी हो तो*
*उस बच्चे के सिर से पैर तक ये मोर पंख फिरा दें। फायदा होगा।*
🌿 *डरावने सपने आते हों तो*
*रात में डरावने सपने आते हों तो मोर पंख को सिरहाने रखकर सोएं।*
🌿 *नकारात्मक शक्ति*
*मोर पंख को घर के किसी ऐसी जगह पर रखें जहां से वो दिखाई दे तो नकारात्मकता दूर होगी।*
🌿 *बरकत के लिए*
*साउथ इस्ट में इस मोर पंख को रखने से घर में हमेशा बरकत रहेगी।*
🌿 *किताब में मोर पंख*
*इस मोर पंख को स्टूडेंट अपनी किताब में रखें तो पढ़ाई में मन लगने लगेगा।*
🌿 *यदि वास्तुदोष हो तो*
*यदि मुख्य द्वार दोष में हो तो दरवाजे के ऊपर तीन मोर पंख लगाएं।*
🌿 *शत्रु परेशान कर रहा हो तो*
*मंगलवार को मोर पंख से हनुमानजी के मस्तक पर सिंदूर से शत्रु का नाम लिखे।रात भर मोर पंख को देवस्थान पर रखें व सुबह बहते हुए जल में प्रवाहित कर दें।*
🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩

