भारत रत्न जीबी पंत का सम्पूर्ण जीवन राष्ट्र को समर्पित रहा: एमडी पीसी ध्यानी
पहाड़ का सच देहरादून । भारत रत्न पंडित गोविन्द वल्लभ पन्त जी के 139वें जन्म दिवस के अवसर पर यूपीसीएल व पिटकुल में दोनों निगमों में आयोजित कार्यक्रम में प्रबन्ध निदेशक पीसी ध्यानी व कार्मिकों ने देश के महान नेता को पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर एमडी ध्यानी ने कहा कि पंत ने अपना सम्पूर्ण जीवन देश को समर्पित किया है।
भारत रत्न पंडित गोविन्द वल्लभ पन्त के 139वें जन्म दिवस के शुभ अवसर पर गुरुवार को पिटकुल मुख्यालय पर प्रबन्ध निदेशक ध्यानी के नेतृत्व में कार्यक्रम आयोजित किया गया।
ध्यानी द्वारा सर्वप्रथम भारत रत्न पंडित गोविन्द वल्लभ पन्त के चित्र का अनावरण करते हुए माल्यार्पण किया गया तथा पुष्पांजलि अर्पित करते अपनी कृतज्ञता व्यक्त की तथा कार्मिकों को शुभकामनाएं प्रेषित की गयी। इसके पश्चात मुख्यालय भवन में कार्यरत समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा भारत रत्न पंडित गोविन्द वल्लभ पन्त को पुष्पांजलि अर्पित की गयी।

ध्यानी द्वारा पन्त के जीवन के पहलुओं का अनुस्मरण करते हुए अवगत कराया गया कि पन्त एक महान स्वतंत्रता सैनानी एवं कुशल राजनीतिज्ञ थे। साथ ही एक निडर और कुशाग्र वकील भी रहे। पन्त का स्वतंत्रता संग्राम में अह्म योगदान रहा। उनके द्वारा गांधी के असहयोग आन्दोलन, नमक सत्याग्रह एवं भारत छोड़ो आन्दोलन में प्रतिभाग किया और जेल गये। काकोरी कांड के क्रान्तिकारियों का मुकदमा भी लड़ा।
उन्होंने कहा कि पंडित गोविन्द वल्लभ पन्त का जन्म 10 सितम्बर 1887 को उत्तराखण्ड के अल्मोड़ा जिले के खूंट गाँव में हुआ था तथा उनका जीवन संघर्षशील रहा तथा उनका व्यक्तित्व दृढ निश्चय एवं आदर्श चरित्र वाला था। कठिन परिस्थितियों में भी अपने दृढ निश्चय एवं आदर्श चरित्र के कारण ही उनके द्वारा अल्मोड़ा जिले के खूंट गाँव से सूदूर इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से स्नातक एवं वकालत की पढाई की।
उत्तर प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री एवं देश के गृहमंत्री के पद पर आसीन होने का गौरव प्राप्त किया। पन्त द्वारा उक्त पदों पर रहते हुये अनेक सामाजिक सुधार के कार्य किये गये तथा राज्यों के पुर्नगठन एवं हिन्दी को अधिकारिक भाषा को मान्यता देने के सम्बन्ध में उत्कृष्ट कार्य किये गये। राष्ट्र सेवा एवं उत्कृष्ट कार्यों को दृष्टिगत रखते हुये भारत सरकार द्वारा उन्हें देश के सर्वोच्च सम्मान ‘‘भारत रत्न’’ से सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर प्रबन्ध निदेशक ध्यानी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का विशेष धन्यवाद दिया गया, जिनके द्वारा राज्य के एक महान स्वतंत्रता सैनानी एवं कुशल राजनीतिज्ञ एवं कुशाग्र वकील जैसी महान शख्सियत एवं ‘‘भारत रत्न’’ पंडित श्री गोविन्द वल्लभ पन्त का जन्मदिवस समारोह मनाने का निर्णय लिया गया।
इस अवसर पर अशोक कुमार जुयाल, महाप्रबन्धक (मा0सं0) द्वारा ‘‘भारत रत्न’’ पंडित गोविन्द वल्लभ पन्त के जीवन परिचय एवं उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में मुख्य अभियन्ता स्तर-1 ईला चन्द, मुख्य अभियन्ता, हितेन्द्र सिंह ह्यांकी, अनुपम सिंह, जितेन्द्र चतुर्वेदी, मन्त राम, पकज कुमार, महाप्रबन्धक (वित्त) मनोज कुमार, कम्पनी सचिव अरूण सभरवाल, उपमहाप्रबन्धक (वित्त) श्रीमती शालू जैन, उपमहाप्रबन्धक (मा सं), विवेकानन्द, अधीक्षण अभियन्ता, कार्तिकेय दुबे, राजकुमार, ललित कुमार, सूर्य प्रकाष आर्य, अविनाश अवस्थी, प्रमोद कुमार ध्यानी, श्रीमती सायमा कमाल, अधिशासी अभियन्ता श्रीमती मीनाक्षी भारती, मुकेश चन्द्र बड़थ्वाल, सतेन्द्र सिंह रावत, सन्दीप कुमार रवि, लेखाकार, भारत सिंह एवं अन्य अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
यूपीसीएल के ऊर्जा भवन में भी दी गई पुष्पांजलि
कार्यक्रम में प्रबन्ध निदेशक, यूपीसीएल द्वारा पंडित गोविन्द बल्लभ पन्त को श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संबोधित करते हुए प्रबन्ध निदेशक, यूपीसीएल ने पंडित जी के राष्ट्र निर्माण, जनसेवा, प्रशासनिक दक्षता एवं सामाजिक उत्थान में दिए गए अतुलनीय योगदान को स्मरण किया। पन्त को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए पुष्पांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने पंडित गोविन्द बल्लभ पन्त के आदर्शों एवं सिद्धांतों का अनुसरण करते हुए प्रदेश एवं राष्ट्र की प्रगति में अपना योगदान देने का संकल्प लिया।
उक्त कार्यक्रम के उपरान्त प्रबन्ध निदेशक द्वारा एडीबी टीम के साथ आयोजित कार्यशाला के दौरान सम्बोधन किया गया जिसमें कारपोरेशन में Gender Equality, Environment & Safety और Social Policy जैसे मुददों पर संयुक्त रूप से विचार विमर्श किया गया। तत्पश्चात् प्रबन्ध निदेशक द्वारा यूपीसीएल के अधिकारियों के साथ Average Billing Rate (ABR) पर समीक्षा बैठक ली गई। .प्रबन्ध निदेशक द्वारा कम ABR वाले खण्डों के प्रति अप्रसन्नता व्यक्त की गई तथा ABR में यथाआवश्यक सुधार लाने हेतु आवश्यक कार्यवाही किये जाने हेतु निर्देशित किया गया।

