– जनता से नकारे जाने के बाद अराजकता के सहारे सत्ता तलाश रही कांग्रेस
– जनता का विश्वास खो चुकी कांग्रेस अब सरकारी कार्यालयों में हंगामा कर रही
पहाड़ का सच देहरादून। हल्द्वानी में शुद्धिकरण के विवाद में कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर दर्ज एफआईआर के बाद कांग्रेस व भाजपा में राजनीतिक संग्राम छिड़ गया है। भाजपा ने कांग्रेस के प्रदर्शन को सत्ता की भूख करार दिया है और आरोप लगाया कि यही कारण है कि कांग्रेस सरकारी कार्यालयों पर हंगामा कर रही है।

कैबिनेट मंत्री खजान दास ने देहरादून और हल्द्वानी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा एसएसपी कार्यालयों में प्रदर्शन पर कहा कि सत्ता की भूख में कांग्रेस अब लोकतंत्र, कानून और संवैधानिक संस्थाओं की मर्यादा को भी तार-तार करने पर उतर आई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को सत्ता चाहिए, लेकिन जनता का विश्वास उसके पास नहीं है। यही कारण है कि जनसमर्थन के बजाय कांग्रेस अब दबाव, धमकी, हंगामे और अराजकता की राजनीति के रास्ते पर चल रही है।
मंत्री ने कहा कि देहरादून और हल्द्वानी में जिस प्रकार एसएसपी कार्यालयों को राजनीतिक प्रदर्शन का केंद्र बनाने और वहां अव्यवस्था पैदा करने का प्रयास किया गया, वह कांग्रेस की वास्तविक मानसिकता को उजागर करता है। कांग्रेस को यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वह लोकतंत्र में विश्वास करती है या फिर सरकारी संस्थाओं पर भीड़ के दबाव से अपनी राजनीति चलाना चाहती है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस का इतिहास सत्ता के लिए हर प्रकार के राजनीतिक हथकंडे अपनाने का रहा है। उत्तराखंड में भी वही मानसिकता दिखाई दे रही है। कांग्रेस को यह स्वीकार नहीं हो रहा कि राज्य की जनता मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में विकास और सुशासन की राजनीति के साथ खड़ी है। इसी हताशा में कांग्रेस अब विरोध और आंदोलन के नाम पर माहौल खराब करने की कोशिश कर रही है।
कांग्रेस को दलितों, देवभूमि के अपमान की नहीं सिर्फ राहुल के झूठे सम्मान की चिंता : भाजपा

देवभूमि निडर! हल्द्वानी के साहसी सनातनी दलित भाइयों के अपमान का कानूनी प्रतिकार अवश्य लेगी :भगत
सनातन और दलित अपमान पर, न्यायालय के साथ जन अदालत में भी सजा पाएगी कांग्रेस : भगत
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री, कालाढूंगी विधायक बंशीधर भगत ने कांग्रेस के केंद्रीय एवं प्रदेश नेतृत्व के बयानों पर पलटवार कर कहा कि मुद्दाविहीन कांग्रेस राजनैतिक लोलुपता में इतनी अंधी हो गई है कि वो सफेद झूठ को भी काला सच दर्शाने में जुट गई है। उनके दिल्ली से देहरादून तक के बयान और आज का उनका प्रदर्शन भी उसकी एक कड़ी था, जिसमें दलित अपमान के कानूनी शिकंजे में फंसता देख राहुल गांधी और कांग्रेस की चिंता साफ दिखाई देती है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस षड्यंत्रकारी रणनीति के तहत अपनी हल्द्वानी रैली में हुए सनातन विरोधी कृत्यों को ढकने के लिए हवन की लकड़ियों को साँप बताने की कोशिश की। तब उन्हें भी रत्ती भर जानकारी नहीं थी कि वहां पूजा हवन करने वालों में बड़ी संख्या में दलित भाई भी थे। दरअसल लगातार चुनाव में हार से निराश कांग्रेस पार्टी सत्ता पाने के लालच में अंधी हो गई है। उन्हें लगा कि झूठे जातिवादी आरोप लगाकर, जनता में नकारात्मक नैरेटिव फैलाएंगे। बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि इसके लिए उन्होंने अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष को भी उसमें शामिल किया वो भी लोकतंत्र के सर्वोच्च सदन में।
उन्होंने कटाक्ष किया कि राहुल गांधी को लगा, देवभूमि में समाज को बांटने वाले इस मुद्दे पर अपनी झूठ की गूंज सुनाई जाए। लेकिन बहुत प्रशंसनीय है कि हमारे देवभूमि के साहसी सनातनी दलित भाइयों ने कांग्रेस के युवराज को उनके झूठ पर चुनौती दी है। क्यूंकि राहुल गांधी उनके द्वारा किए पूजा हवन को दलित विरोधी बताने का पाप बता रहे हैं। जिससे स्वयं उन दलित युवाओं, देवभूमि और समूचे सनातन की प्रतिष्ठा धूलधूसरित करने का प्रयास कांग्रेस द्वारा किया जा रहा है। अब राहुल गांधी को अहसास हो जाएगा कि ये देवभूमि है, यहां झूठ बोलकर भागा नहीं जा सकता, आपको सबसे पहले कानून की अदालत में सबूतों एवं तथ्यों के साथ ज़बाब देना ही होगा।
उन्होंने चेताया कि कांग्रेस को लगता है, सिर्फ राहुल का सम्मान ही सब कुछ है और वे आंदोलन कर देवभूमि को डरा देंगे। लेकिन ये देवभूमि है जो अपनी धार्मिक संस्कृति और परंपरा एवं दलित भाइयों का अपमान किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी। लिहाजा कानून की अदालत से तो राहुल को सजा मिलेगी ही, साथ ही 27 में लगने वाली जनता की अदालत में कांग्रेस दोषी साबित होगी।
कांग्रेस नेताओं का प्रदर्शन महज़ नौटंकी, जनता बनावटी राजनीति समझ चुकी है: सरिता आर्य
सीएम धामी की लोकप्रियता से घबराई कांग्रेस, जातिवादी राजनीति पर उतरी : सरिता आर्य
नैनीताल भाजपा विधायक श्रीमती सरिता आर्य ने वर्तमान में कांग्रेस पार्टी के नेताओं द्वारा दिए जा रहे धरना-प्रदर्शनों पर तीखा हमला बोलते हुए इसे महज़ एक “नौटंकी” करार दिया है।
श्रीमती सरिता आर्य ने जारी बयान में कहा कि जिस दिन कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हल्द्वानी पहुंचे थे और उनकी जनसभा में जनता का समर्थन न मिलने के कारण भीड़ नहीं जुट पाई, उस बौखलाहट में उन्होंने हल्द्वानी में एसएसपी कार्यालय में जिस प्रकार की अमर्यादित और गुंडागर्दी की भाषा का प्रयोग किया, वह किसी भी सभ्य समाज की भाषा नहीं हो सकती। उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि राहुल गांधी देश भर में जिस तरह झूठ के आधार पर अनर्गल राजनीति और बयानबाज़ी कर रहे हैं, उसकी असलियत को अब जनता अच्छी तरह समझ चुकी है। इस पूरे घटनाक्रम में स्वयं अनुसूचित जाति वर्ग के व्यक्तियों ने उनकी धमकियों से प्रताड़ित होकर उनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई है। इसके बावजूद, कांग्रेस के नेता अपने कार्यकर्ताओं के माध्यम से अभी भी धमकी की भाषा का इस्तेमाल करने से बाज नहीं आ रहे हैं।
श्रीमती सरिता आर्य ने स्पष्ट शब्दों में कहा, उत्तराखंड की स्वाभिमानी जनता, चाहे वह किसी भी वर्ग से आती हो, किसी की धमकी से डरकर काम नहीं करती। यहाँ की देवतुल्य जनता समाज में वैमनस्यता और अराजकता फैलाने वालों को करारा जवाब देना अच्छी तरह जानती है। आज उत्तराखंड में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी की अभूतपूर्व लोकप्रियता से कांग्रेस पूरी तरह घबरा चुकी है। इसी बौखलाहट का नतीजा है कि कांग्रेस के लोग इस प्रकार की निम्नस्तरीय हरकतें कर रहे हैं और राज्य में कायम भाईचारे व सौहार्दपूर्ण माहौल को बेवजह बिगाड़ने का कुत्सित प्रयास कर रहे हैं। लेकिन राज्य की जागरूक जनता उनके इस फैलाए भ्रम में आने वाली नहीं है।

