– लर्निंग, टीचिंग, रिसर्च और इनोवेशन में एआई के उपयोग को मजबूत करने के लिए जेमिनी डे मनाया गया
देहरादून। यूपीईएस के गूगल क्लाउड के साथ रणनीतिक सहयोग ने कैंपस में ‘गूगल जेमिनी डे’ के आयोजन और छात्रों तथा फैकल्टी के लिए 10,100 जेमिनी एंटरप्राइज फॉर एजुकेशन के रोलआउट के साथ एक नया माइलस्टोन हासिल किया। इस पहल का उद्देश्य लर्निंग, टीचिंग, रिसर्च, कोलैबोरेशन और इनोवेशन में एआई के इंटीग्रेशन को और गहरा करना है।
इस कार्यक्रम में गूगल इंडिया, उसके टेक्नोलॉजी डिप्लॉयमेंट पार्टनर पैराडाइमआईटी, और यूपीईएस कम्युनिटी के प्रतिनिधि शामिल हुए। उपस्थित लोगों में वैभव कुमार श्रीवास्तव, इंडिया हेड – एडटेक्स एंड एजुकेशन, गूगल क्लाउड (इंडिया एंड सार्क); आंचल चोपड़ा, गूगल इंडिया; मनोज भूटानी, गूगल इंडिया; और श्रीधर गाधी, सीईओ और एमडी, पैराडाइमआईटी शामिल थे।
कार्यक्रम की शुरुआत विजिटिंग डेलिगेशन के स्वागत और इंटरैक्शन के साथ हुई, जिसके बाद यूपीईएस लीडरशिप, छात्रों और फैकल्टी मेंबर्स के साथ एंगेजमेंट्स हुए। चर्चाओं में शिक्षा में जेनेरेटिव एआई की बढ़ती भूमिका और इस बात पर विचार किया गया कि एंटरप्राइज-ग्रेड एआई टूल्स तक पहुंच छात्रों और शिक्षकों को नए तरीकों से प्रयोग करने, निर्माण करने और समस्याएं हल करने में कैसे सक्षम बना सकती है।
गूगल जेमिनी डे के हिस्से के रूप में, वैभव कुमार श्रीवास्तव ने यूपीईएस छात्रों के लिए एक स्पेशलाइज़्ड गूगल जेमिनी सेशन आयोजित किया, जिसमें इंटरैक्शन और क्यू एंड ए शामिल था। कार्यक्रम में डेमॉन्स्ट्रेशन्स और बातचीत भी शामिल थीं, जिनका उद्देश्य छात्रों को यह समझने में मदद करना था कि जेमिनी एंटरप्राइज का उपयोग अलग-अलग अकादमिक डिसिप्लिन्स में प्रभावी और जिम्मेदार तरीके से कैसे किया जा सकता है। एक प्रतीकात्मक बैलून रिलीज़ ने गूगल जेमिनी डे के औपचारिक उत्सव और यूपीईएस की एआई ट्रांसफॉर्मेशन जर्नी के अगले चरण की शुरुआत को चिह्नित किया।
इस अवसर पर बोलते हुए, डॉ. सुनील राय, वाइस चांसलर, यूपीईएस, ने कहा, “एआई-फर्स्ट यूनिवर्सिटी बनना केवल एडवांस्ड टेक्नोलॉजी तक पहुंच देने के बारे में नहीं है, यह एआई को उस तरीके में सार्थक रूप से शामिल करने के बारे में है, जिससे हमारे छात्र सीखते हैं, हमारी फैकल्टी पढ़ाती है और रिसर्च करती है, और हमारी अकादमिक कम्युनिटी इनोवेशन करती है। इस स्तर पर जेमिनी एंटरप्राइज फॉर एजुकेशन का रोलआउट हमारे छात्रों और फैकल्टी को अपने रोजमर्रा के अकादमिक माहौल में शक्तिशाली एआई क्षमताओं के साथ जुड़ने का अवसर देता है। गूगल क्लाउड के साथ हमारा सहयोग ऐसे ग्रेजुएट्स तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो केवल उभरती टेक्नोलॉजीज़ का उपयोग करने में सहज न हों, बल्कि जिम्मेदारी से उनके साथ निर्माण करने का आत्मविश्वास और क्षमता भी रखते हों।”
वैभव कुमार श्रीवास्तव, इंडिया हेड – एडटेक्स एंड एजुकेशन, गूगल क्लाउड (इंडिया एंड सार्क), ने कहा, “मैं यूपीईएस को गूगल क्लाउड पर पहले डिजिटल कैंपसेज़ में से एक बनने के लिए बधाई देना चाहता हूं। यूनिवर्सिटी की लीडरशिप ने यह समझने की दृष्टि और क्षमता दिखाई है कि एआई छात्रों के लिए क्या कर सकता है और उनके लिए कौन से अवसर बना सकता है। हम यूपीईएस को न केवल भविष्य की वर्कफोर्स तैयार करने में, बल्कि भविष्य के जॉब क्रिएटर्स को विकसित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए देखते हैं। आज, उत्तरी भारत के सबसे बड़े जेमिनी कैंपस के लॉन्च के साथ, हम यूपीईएस के साथ साझेदारी कर इस यात्रा को आगे बढ़ाने को लेकर बेहद उत्साहित हैं।”
जेमिनी एंटरप्राइज तक पहुंच के साथ, यूपीईएस के छात्र और फैकल्टी एडवांस्ड एआई क्षमताओं को एक्सप्लोर कर सकेंगे, एआई-पावर्ड समाधान विकसित कर सकेंगे, इंटेलिजेंट अकादमिक और रिसर्च टूल्स के साथ प्रयोग कर सकेंगे, और उन टेक्नोलॉजीज़ की व्यावहारिक समझ बना सकेंगे जो वैश्विक स्तर पर इंडस्ट्रीज़ और वर्कप्लेसेज़ को बदल रही हैं।
यह पहल यूपीईएस और गूगल क्लाउड के साझा विज़न को मजबूत करती है, जिसके तहत ऐसे एआई-रेडी ग्रेजुएट्स तैयार किए जाएं, जो टेक्नोलॉजी के केवल यूज़र्स न रहकर क्रिएटर्स, प्रॉब्लम-सॉल्वर्स और इनोवेटर्स बनें। एडवांस्ड टूल्स, इंडस्ट्री एंगेजमेंट और एक्सपीरिएंशियल लर्निंग तक पहुंच के माध्यम से, यूपीईएस एक एआई-एनेबल्ड अकादमिक इकोसिस्टम को लगातार मजबूत कर रहा है, जिसे अपनी कम्युनिटी को तेजी से एआई-ड्रिवन होते भविष्य के लिए तैयार करने के उद्देश्य से डिजाइन किया गया है।

