
हरीश जोशी/पहाड़ का सच देहरादून। बदलते दौर में रिटायरमेंट अब करियर का अंत नहीं, बल्कि नई शुरुआत का अवसर बनता जा रहा है। अनुभव और कौशल से भरपूर वरिष्ठ नागरिकों को दोबारा रोजगार से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार का नेशनल करियर सर्विस (एनसीएस) पोर्टल अहम माध्यम बनकर उभरा है।
इस पोर्टल पर वर्तमान में 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के लिए 1.68 लाख से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध हैं। अब तक 1.89 लाख वरिष्ठ नागरिक इस पोर्टल पर अपना पंजीकरण करा चुके हैं। इनमें उत्तराखंड के बुजुर्ग भी शामिल हैं।

केंद्र सरकार “एक्टिव एजिंग” की अवधारणा को बढ़ावा दे रही है, ताकि सेवानिवृत्ति के बाद भी इच्छुक वरिष्ठ नागरिक अपनी योग्यता और अनुभव के अनुरूप रोजगार प्राप्त कर सकें। इसके लिए राज्यों के सहयोग से देशभर में 407 मॉडल करियर सेंटर (एमसीसी) संचालित किए जा रहे हैं। ये केंद्र रोजगार मेले, करियर परामर्श, कौशल विकास और एनसीएस पोर्टल के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराने में सहायता कर रहे हैं। वर्ष 2015 में शुरू हुए एनसीएस पोर्टल पर अब तक 6.46 करोड़ से अधिक नौकरी तलाशने वाले और 58.76 लाख नियोक्ता पंजीकृत हो चुके हैं।
पोर्टल के माध्यम से 2.29 करोड़ से अधिक उम्मीदवारों को विभिन्न संस्थानों और कंपनियों ने शॉर्टलिस्ट भी किया है।उत्तराखंड के संदर्भ में यह पहल और भी महत्वपूर्ण है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार राज्य में 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के करीब आठ लाख वरिष्ठ नागरिक हैं, जो कुल आबादी का लगभग 8.8 प्रतिशत हैं। इनमें से बड़ी संख्या ऐसे लोगों की है जो सेवानिवृत्ति के बाद भी काम करने की इच्छा और क्षमता रखते हैं।
एनसीएस पोर्टल पर पंजीकरण पूरी तरह निःशुल्क है। वरिष्ठ नागरिक अपनी प्रोफाइल बनाकर योग्यता और अनुभव के अनुरूप नौकरियों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा नजदीकी मॉडल करियर सेंटर से भी पंजीकरण और रोजगार संबंधी मार्गदर्शन लिया जा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि देश में वरिष्ठ नागरिकों की बढ़ती आबादी को देखते हुए ऐसे रोजगार मंच न केवल उनकी आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ाएंगे, बल्कि उनके अनुभव का लाभ समाज और उद्योगों को भी मिलेगा।
वर्ष 2015 में शुरू हुए एनसीएस पोर्टल पर अब तक 6.46 करोड़ से अधिक नौकरी तलाशने वाले और 58.76 लाख नियोक्ता पंजीकृत हो चुके हैं। पोर्टल के माध्यम से 2.29 करोड़ से अधिक उम्मीदवारों को विभिन्न संस्थानों और कंपनियों ने शॉर्टलिस्ट भी किया है।
एनसीएस पोर्टल पर पंजीकरण पूरी तरह निःशुल्क है. वरिष्ठ नागरिक अपनी प्रोफाइल बनाकर योग्यता और अनुभव के अनुरूप नौकरियों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं. इसके अलावा नजदीकी मॉडल करियर सेंटर से भी पंजीकरण और रोजगार संबंधी मार्गदर्शन लिया जा सकता है. उत्तराखंड में वरिष्ठ नागरिकों (60 वर्ष से अधिक आयु) के लिए राष्ट्रीय करियर सेवा (NCS) पोर्टल और इससे जुड़ी पुन: रोजगार सेवाएं एक महत्वपूर्ण बदलाव के दौर से गुजर रही हैं।
केंद्र सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के निर्देशों के तहत, उत्तराखंड का प्रशिक्षण एवं सेवायोजन निदेशालय बुजुर्गों को उनकी योग्यता के अनुसार काम दिलाने के लिए डिजिटल और ऑन-ग्राउंड दोनों स्तरों पर सक्रिय है।
उत्तराखंड में बुजुर्गों (Senior Citizens) के लिए NCS की वर्तमान स्थिति, अवसरों और व्यवस्थाओं का विवरण
एकीकृत सेवा प्रणाली (समान मंच)अलग से कोई नया पोर्टल नहीं: केंद्र सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए किसी अलग रोजगार पोर्टल की मांग को खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि बुजुर्गों को NCS पोर्टल (National Career Service) के माध्यम से ही सभी अवसर मिलते रहेंगे।
उत्तराखंड के बुजुर्ग नागरिक भी देश भर में सूचीबद्ध 1.68 लाख वरिष्ठ-अनुकूल रिक्तियों (Senior-friendly vacancies) को इसी एकल डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए देख सकते हैं।
मॉडल करियर केंद्रों (MCCs) के माध्यम से जुड़ाव काउंसलिंग और जॉब फेयर: उत्तराखंड में स्थापित किए गए आधुनिक मॉडल करियर सेंटर (जैसे देहरादून, अल्मोड़ा, उधम सिंह नगर आदि) केवल युवाओं के लिए नहीं, बल्कि बुजुर्गों के लिए भी काम करते हैं।
स्थानीय स्तर पर मदद: जो बुजुर्ग इंटरनेट या कंप्यूटर चलाने में सहज नहीं हैं, वे सीधे इन केंद्रों पर जाकर वहां मौजूद अधिकारियों की मदद से अपनी प्रोफाइल बनवा सकते हैं और स्थानीय कंपनियों में परामर्शदाता (Consultant) या सलाहकार के पदों की जानकारी ले सकते हैं।
उत्तराखंड में बुजुर्गों के लिए प्रमुख रोजगार श्रेणियां (Sectors)उत्तराखंड की भौगोलिक और औद्योगिक स्थिति को देखते हुए, NCS पोर्टल पर पंजीकृत वरिष्ठ नागरिकों को मुख्य रूप से निम्नलिखित क्षेत्रों में अवसर मिल रहे हैं:पर्यटन और होमस्टे गाइडेंस: राज्य की बड़ी पर्यटन और होमस्टे नीति के तहत अनुभवी बुजुर्गों को परामर्श, गेस्ट मैनेजमेंट और सांस्कृतिक गाइड के रूप में देखा जाता है।शिक्षा और कोचिंग: सेवानिवृत्त (Retired) शिक्षकों और सैन्य अधिकारियों के लिए स्कूलों, कोचिंग सेंटरों और सरकारी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले संस्थानों में ‘गेस्ट फैकल्टी’ और ‘करियर मेंटर’ के रूप में काफी मांग रहती है।
अकाउंट्स, एडमिनिस्ट्रेशन और लीगल एडवाइज: निजी कंपनियों और सिडकुल (SIDCUL) के उद्योगों में वित्तीय ऑडिट, कानूनी सलाह और प्रशासनिक देखरेख के लिए अनुभवी बुजुर्गों को पार्ट-टाइम या अनुबंध (Contract) पर प्राथमिकता दी जाती है।
रोजगार प्रयाग’ और NCS का समन्वय आउटसोर्सिंग में अनुभव को प्राथमिकता: उत्तराखंड सरकार ने सरकारी विभागों में आउटसोर्सिंग (अनुबंध) के जरिए जनशक्ति की भर्ती के लिए Rojgar Prayag Portal शुरू किया है। इस पोर्टल के साथ NCS को भी सिंक किया गया है। कई विभागों में पुराने अनुभवी और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को प्रोजेक्ट-आधारित कार्यों के लिए इसके माध्यम से प्राथमिकता दी जाती है।
चुनौतियां और वर्तमान स्थिति जागरूकता की कमी: देश भर में पंजीकृत 1.89 लाख बुजुर्गों की तुलना में उत्तराखंड से पंजीकरण की संख्या अभी सीमित है, क्योंकि राज्य के ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों में बुजुर्गों को इस डिजिटल सेवा की जानकारी कम है।
भौगोलिक बाधाएं: पर्वतीय क्षेत्रों में बुजुर्गों के लिए घर से बाहर जाकर दोबारा काम करना कठिन होता है, इसलिए राज्य सरकार अब वर्क फ्रॉम होम (Work From Home) और ऑनलाइन ट्यूटरिंग जैसी नौकरियों को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

