
पिथौरागढ़ में पार्टी के परिवर्तन संकल्प सम्मेलन के दौरान विधायक मयूर मेहर के विरोधियों के किया हंगामा, विधायक समर्थकों समेत सम्मेलन छोड़कर निकले
अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं, शालीनता से बात करें: पीसीसी अध्यक्ष गोदियाल
पुराना झगड़ा बना मंच पर हंगामे की वजह
पहाड़ का सच पिथौरागढ़/देहरादून। मंगलवार को कांग्रेस के जिला पिथौरागढ़ में परिवर्तन संकल्प सम्मेलन में पार्टी के ही लोगों ने इस कदर हंगामा किया कि पीसीसी अध्यक्ष गणेश गोदियाल को सख्ती दिखानी पड़ी। अनुशासहीनता के आरोप में महिला कांग्रेस की जिला अध्यक्ष तीन का जबाव तलब किया गया तथा महिला कांग्रेस की जिला कमेटी को भंग करते हुए जिलाध्यक्ष को पद से हटा दिया गया है।
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प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री राजेंद्र सिंह भंडारी की तरफ से जारी सूचना में बताया गया है कि घोर अनुशासनहीनता के चलते पार्टी के तीन नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए तीन दिन के अन्दर स्पष्टीकरण देने को कहा है। भंडारी ने बताया कि कांग्रेस पार्टी द्वारा प्रदेशभर में परिवर्तन संकल्प सम्मेलन आयोजित किये जा रहे हैं।
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प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में मंगलवार को पिथौरागढ़ में परिवर्तन संकल्प सम्मेलन के दौरान पार्टी नेता महेन्द्र सिंह लुंठी, दीपक लुंठी एवं महिला जिलाध्यक्ष श्रीमती भावना नगरकोटी द्वारा मंच पर अभद्रता की गई जिसे पार्टी नेतृत्व द्वारा गम्भीरता से लिया गया तथा उक्त तीनों नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए तीन दिन के अन्दर स्पष्टीकरण देने को कहा है।
राजेन्द्र भंडारी ने यह भी बताया कि प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती ज्योति रौतेला द्वारा जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती भावना नगरकोटी को पद मुक्त करते हुए जिला महिला कांग्रेस कमेटी को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया गया है।
प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल की मौजूदगी पिथौरागढ़ में परिवर्तन संकल्प सम्मेलन’ का आयोजन किया गया। मंगलवार को सम्मेलन के दौरान पिथौरागढ़ जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष भावना नगरकोटी के संबोधन से विवाद शुरू हुआ।
भावना नगरकोटी ने नगर निकाय चुनाव में टिकट और पार्टी से अलग होकर काम करने को लेकर पिथौरागढ़ के विधायक मयूख महर पर निशाना साधा। महिला अध्यक्ष के आरोपों के बाद विधायक मंच पर ही नाराज हो गए और समर्थकों के साथ सभागार छोड़कर बाहर निकल गए।
कार्यक्रम शुरू होने से पहले मंच से घोषणा की गई थी कि सम्मेलन में केवल परिवर्तन संकल्प अभियान और जनता के मुद्दों पर चर्चा होगी, लेकिन पहले ही भाषण में राजनीतिक तंज से माहौल गर्मा गया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश पंत ने भावना नगरकोटी से संबोधन समाप्त करने का आग्रह किया, लेकिन उन्होंने बोलना जारी रखा। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल भी अपनी सीट से उठकर स्थिति संभालने पहुंचे, लेकिन तब तक विधायक मयूख महर विरोध जताते हुए मंच छोड़ चुके थे।
पिथौरागढ़ विधायक मयूख महर के उठते ही उनके समर्थक भी सभागार से बाहर निकलने लगे। इस दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने प्रदेश अध्यक्ष के सामने ही ‘मयूख महर मुर्दाबाद’ के नारे लगाए, जिससे सम्मेलन का माहौल थोड़ा सा तनावपूर्ण हो गया।
जिला पंचायत सभागार से बाहर आने के बाद विधायक मयूख महर ने कहा कि कार्यक्रम को लेकर सभी कार्यकर्ताओं में उत्साह था, लेकिन कुछ लोग कांग्रेस की प्रगति से परेशान हैं और बैठक को खराब करने के लिए षड्यंत्र रचा गया। जिस वक्ता को सबसे पहले मौका मिला, वह अपनी राजनीतिक खुंदक निकाल रही थीं। उन्हें आने वाले चुनाव के लिए अपनी योजनाएं रखनी थीं और बताना था कि महिलाओं, दलितों और युवाओं को कैसे संगठित करेंगे, लेकिन वह मंच पर आकर अप्रत्यक्ष रूप से विधायक को लज्जित करती रहीं। ऐसे में वहां बैठने का हमारा कोई औचित्य नहीं बनता था. अब वह महिला हैं, हम उन्हें कुछ नहीं कह सकते। सरकार ने उन्हें काफी अधिकार दिए हुए हैं।
हमारे पास आखिरी विकल्प यही था कि इस बैठक का बहिष्कार करें और इन कांग्रेसियों से अपनी इज्जत बचाएं: मयूख महर, कांग्रेस विधायक
हंगामे के बाद जब प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल से सवाल किया गया तो पहले वह मुस्कुराए और फिर कहा कि कोई बड़ी बात नहीं हुई है।
मैं अपने कार्यकर्ताओं से कहूंगा कि सभी लोगों को संयम रखना चाहिए। 500 लोगों में कौन क्या कर दे, किसे क्या पता। एक कार्यकर्ता ने कुछ कह दिया होगा, हो सकता है उसी से मयूख महर नाराज हुए हों। मैं खुद उनसे जाकर मिलूंगा।
विधायक मयूख महर के सभागार से बाहर जाने के बाद मंच से संबोधित करते हुए गोदियाल ने कहा, आज यहां जो हुआ, वह दिखाता है कि कहीं ओर से गाइडेड और इन गाइडेड मिसाइलों के कारण यहां का माहौल खराब हुआ। उन्होंने कार्यकर्ताओं से विवेक और संयम से काम लेने की अपील भी की थे। दरअसल, विवाद की जड़ पिछले साल हुए पिथौरागढ़ नगर निगम चुनाव को माना जा रहा है। उस चुनाव में विधायक मयूख महर अपनी पसंद की प्रत्याशी मोनिका महर को कांग्रेस का टिकट दिलाना चाहते थे, लेकिन पार्टी ने अंजू लुंठी को उम्मीदवार बनाया। इसके बाद मोनिका महर निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरीं और विधायक उनके समर्थन में खड़े हो गए। कांग्रेस दो गुटों में बंट गई, जिसका सीधा फायदा भाजपा को मिला। भाजपा प्रत्याशी कल्पना देवलाल महज 17 वोट से चुनाव जीत गईं।
कांग्रेस प्रत्याशी अंजू लुंठी को 3,379 वोट मिले, जबकि बागी मोनिका महर को 9,449 वोट मिले। दोनों के वोट जोड़ने पर कांग्रेस भाजपा से काफी आगे रहती। माना जा रहा है कि उसी राजनीतिक खींचतान की झलक अब परिवर्तन संकल्प सम्मेलन के मंच पर भी देखने को मिली। वही कांग्रेस का यह विवाद भाजपा को एक बैठे बैठाय एक मुद्दा भी मिल गया है।





