
वायरल हो रहे भाजपा विधायक अरविंद पांडे के पत्र का दिया हवाला, न्याययिक जांच की मांग

पहाड़ का सच देहरादून। उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने आरोप लगाया कि राज्य की भाजपा सरकार माफियाओं के प्रभाव में चलने वाली सरकार है। उन्होंने भाजपा विधायक अरविंद पांडे के सोशल मीडिया पत्र का हवाला देकर मामले की न्यायिक निगरानी में एसआईटी जांच की मांग की, और भाजपा विधायकों के भी असुरक्षित होने का दावा किया।
शुक्रवार को पार्टी प्रदेश मुख्यालय में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि वो पिछले तीन दिनों से राज्यपाल से एक विशेष महत्वपूर्ण विषय के संबंध में समय मांग रहे हैं, पर उन्हें समय नहीं दिया जा रहा है। इसलिए इस महत्वपूर्ण विषय को मीडिया के माध्यम से सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा की आजकल सोशल मीडिया पर एक पत्र वायरल हो रहा है जो सरकार पर बहुत सारे सवाल खड़े कर रहा है जिसकी जांच को लेकर कर ही वे राजपाल से समय मांग रहे थे परंतु उन्होंने समय नही दिया।
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पत्र का उल्लेख करते हुए गोदियाल ने कहा की सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा पत्र भाजपा के गदरपुर विधायक अरविंद पांडेय ने लिखा है, उन्ही के हस्ताक्षर हैं और उनके ही लेटर पैड पर यह पत्र है। उन्होंने जिस व्यक्ति को ये पत्र संबोधित किया है उसको काले रंग से मिटा दिया है पर जिन शब्दों का उपयोग किया गया है वो बता रहा है की यह पत्र किसे संबोधित किया गया है।
उन्होंने कहा कि पत्र में इतनी गंभीर बातें हैं जिनकी जांच न्यायिक देखरेख में कराना प्रदेश की जनता के विश्वास को कायम रखने के लिए बहुत महत्त्वपूर्ण है। गदरपुर विधायक ने अपने पत्र में कहा है कि सरकार में शीर्ष पदों पर बैठे लोग पिछले चार सालों से उनके ख़िलाफ़ षड्यंत्र रच रहे हैं। उन्होंने कहा की इन्हीं लोगों की शह पर 13 मार्च 2025( को बाजपुर थाने में उनके खिलाफ फर्जी मुकदमा दर्ज कराया गया। फिर 20 जनवरी 2026 को अरविंद पांडे पर दबाव बनाने के लिए उनके परिवार पर ज़मीन कब्जाने का झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया जिसमे 68 वर्षीय चलने में असमर्थ जीजा व कैंसर से पीड़ित बहिन को भी शामिल किया गया है।
विधायक ने अपने पत्र में ये भी ज़िक्र किया की कुछ चहेते पुलिस अधिकारियों का उपयोग उनके परिवार पर दबाव बनाने लिए किया जा रहा है। इतना ही नहीं स्टोन क्रशर व खनन का काम कर रहे लोगों को उनकी जान के पीछे लगा रखा है। कुछ मीडिया कर्मियो के माध्यम से जो सरकार के दबाव में हैं उनके ख़िलाफ़ भ्रामक खबरें फैलायी जा रही हैं कि वो भाजपा छोड़ रहे हैं, इस्तीफ़ा दे रहे हैं आदि।
गोदियाल ने कहा कि एक कुख्यात अपराधी सुखदेव सिंह नामधारी जो व्यापारी पोंटी चड्ढा हरदीप चड्ढा के हत्या का दोषी पाया गया, आठ साल जेल में रहकर आया अभी भी मामला उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन है उसके संबध प्रदेश सरकार से होना बहुत चिंता का विषय है। अरविंद पांडे अपने पत्र में इस बात का जिक्र करते कहते हैं कि ऐसे कुख्यात अपराधियों के साथ मिलकर उनके ख़िलाफ़ प्रेस कॉन्फ़्रेंस करायी गई और उनके निष्कासन की झूठी सूचना दी गई जनता को और तो और ऐसे कुख्यात अपराधी के पुत्र को दायित्वधारी राज मंत्री बनाया गया।
गोदियाल ने मांग की है कि इस पत्र की सत्यता की जांच प्रदेश हित में बहुत महत्वपूर्ण है। जिस प्रदेश का निर्माण शहीदों की शहादत से हुआ है उस प्रदेश का अहित नहीं होने दिया जाएगा। सरकार इस पत्र की जांच न्यायिक निगरानी में कराए जिससे जिससे दूध का दूध और पानी का पानी जो जाए। जब एक विधायक प्रदेश में अपने आपको सुरक्षित महसूस नहीं कर रहा है तो आम जानता का क्या हाल होगा।
पत्रकार वार्ता में बद्रीनाथ विधायक लखपत सिंह बुटोला, महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला, प्रवक्ता डॉ प्रतिमा सिंह, अभिनव थापर, मंजू त्रिपाठी, अमरेंद्र बिष्ट उपस्थित रहे।

भाजपा विधायक पांडेय ने शीर्ष नेताओं पर लगाया उपेक्षा, षड्यंत्र का आरोप
तरह तरह की चर्चाओं के बीच भाजपा विधायक अरविंद पांडेय की लेटर पॉलिटिक्स ने भाजपा का अंदरूनी माहौल एक बार फिर गरमा दिया है। उन्होंने शीर्ष नेताओं पर पिछले चार साल से लगातार षड्यंत्र और उपेक्षा का आरोप लगाया है। पांडेय ने एक पत्र जारी कर अपनी पीड़ा व्यक्त कर जांच की मांग की है। यह पत्र किसे भेजा है, यह अभी स्पष्ट नहीं है। वायरल पत्र में भाजपा विधायक पांडेय का नाम लिखा है। इसमें 12 जनवरी 2026 को ईमेल के माध्यम से शीर्ष नेता की ओर से किए गए उत्पीड़न की जानकारी दी गई थी।
वायरल पत्र में ये पांडेय ने ये आरोप लगाए
8 जनवरी 2026 को पुलिस अधीक्षक के माध्यम से उनके पुत्र को धमकाया गया। पुत्र को राजनीतिक और सामाजिक जीवन समाप्त करने की धमकी देकर उन्हें शीर्ष नेता से जबरन हाथ मिलाने को विवश किया गया। 13 मार्च 2025 को बाजपुर थाने में उनके विरुद्ध एक फर्जी प्राथमिकी दर्ज कराई गई। 20 जनवरी 2026 को उनके परिवार के सदस्यों पर भी जमीन कब्जाने की फर्जी प्राथमिकी हुई।
इसमें उनके 68 वर्षीय जीजा, कैंसर पीड़ित बहन और अन्य परिजनों को भी घसीटा गया है। एक और पत्र में कुछ लोगों पर अपनी हत्या का षड्यंत्र का भी आरोप लगाया है। सत्ता और संसाधनों का दुरुपयोग किया जा रहा। पांडेय ने कुछ पुलिस अधिकारियों को भी कथित तौर पर भ्रष्ट बताया है जिनके माध्यम से उनकी राजनीतिक छवि खराब की जा रही है, उनकी सामाजिक छवि को भी खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है। परिवार के सदस्यों को भी निशाना बनाने का आरोप। इन सभी आरोपों की गहन जांच की मांग की है। .भाजपा प्रवक्ता ने कहा, विधायक का पत्र कूटरचित और मनगढ़ंत

कांग्रेस को दूसरों को ज्ञान देने के बजाए अपने घर की आपसी खींचतान पर ध्यान देना चाहिए – मनवीर
भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने पूर्व मंत्री व विधायक अरविंद पांडे के वायरल पत्र को निराधार और कूटरचित करार दिया है। चौहान ने कहा कि विधायक ने पार्टी के संज्ञान में ऐसा कोई पत्र नहीं दिया है और न ही इसकी सत्यता स्पष्ट है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी नेतृत्त्व विधायक से पक्ष जानकर यथोचित कार्रवाई करेगा।
उन्होंने कहा कि अनुशासनहीनता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगी। चौहान ने कांग्रेस अध्यक्ष के बयानों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए कहा कि कांग्रेस को दूसरों को ज्ञान देने के बजाए अपने घर की आपसी खींचतान और उज्याडु बल्द जैसे उपनामों वाले आंतरिक कलह पर ध्यान देना चाहिए।

