
ज्योतिष इंद्रमोहन डंडरियाल

🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
🌤️ *दिनांक – 25 अप्रैल 2026*
🌤️ *दिन – शनिवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2083 (गुजरात अनुसार 2082)*
🌤️ *शक संवत -1948*
🌤️ *अयन – उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु – ग्रीष्म ॠतु*
⛅ *अमांत – 12 गते वैशाख मास प्रविष्टि*
⛅ *राष्ट्रीय तिथि – 5 वैशाख मास*
🌤️ *मास – वैशाख*
🌤️ *पक्ष – शुक्ल*
🌤️ *तिथि – नवमी शाम 06:27 तक तत्पश्चात दशमी*
🌤️ *नक्षत्र – अश्लेशा रात्रि 08:04 तक तत्पश्चात मघा*
🌤️ *योग – गण्ड रात्रि 11:43 तक तत्पश्चात वृद्धि*
🌤️*राहुकाल – सुबह 09:00 से सुबह 10:37 तक*
🌤️ *सूर्योदय – 05:41*
🌤️ *सूर्यास्त – 06:51*
👉 *दिशाशूल – पूर्व दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण-
💥 *विशेष – नवमी को लौकी खाना गोमांस के समान त्याज्य है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
💥 *ब्रह्म पुराण’ के 118 वें अध्याय में शनिदेव कहते हैं- ‘मेरे दिन अर्थात् शनिवार को जो मनुष्य नियमित रूप से पीपल के वृक्ष का स्पर्श करेंगे, उनके सब कार्य सिद्ध होंगे तथा मुझसे उनको कोई पीड़ा नहीं होगी। जो शनिवार को प्रातःकाल उठकर पीपल के वृक्ष का स्पर्श करेंगे, उन्हें ग्रहजन्य पीड़ा नहीं होगी।’ (ब्रह्म पुराण’)*
💥 *शनिवार के दिन पीपल के वृक्ष का दोनों हाथों से स्पर्श करते हुए ‘ॐ नमः शिवाय।’ का 108 बार जप करने से दुःख, कठिनाई एवं ग्रहदोषों का प्रभाव शांत हो जाता है। (ब्रह्म पुराण’)*
💥 *हर शनिवार को पीपल की जड़ में जल चढ़ाने और दीपक जलाने से अनेक प्रकार के कष्टों का निवारण होता है ।(पद्म पुराण)*
🚩~*सनातन पंचांग*~🚩
👉🏻 *कब करे मोहिनी एकादशी का व्रत 26 या 27 अप्रैल,शंख मे एक वस्तु डालकर करे यह उपाय लक्ष्मी प्राप्ति का बनेगा योग*
🌷 *व्यापार में वृद्धि हेतु* 🌷
👉🏻 *रविवार को गंगाजल लेकर उसमें निहारते हुए २१ बार गुरुमंत्र जपें, गुरुमंत्र नहीं लिया हो तो गायत्री मंत्र जपें | फिर इस जल को व्यापार-स्थल पर जमीन एवं सभी दीवारों पर छिडक दें | ऐसा लगातार ७ रविवार करें, व्यापार में वृद्धि होगी |*
🚩*~ सनातन पंचांग ~*🚩
🌷 *करोडो गौ दान का फल* 🌷
🙏🏻 *सात धामों में द्वारका धाम । मोक्षदायी नगरियों में*
🌷 *अयोध्या मथुरा माया काशी कांची अवन्तिका। पुरी द्वारावती चैव सप्तैता मोक्षदायका:||*
🙏🏻 *और पश्चिम की तरफ सिर करके जो द्वारका का सुमिरन करते हुये स्नान करता है तो उसे करोडो गोदान फल मिलता है |*
🚩*~ सनातन पंचांग ~*🚩
🌷 *वास्तु शास्त्र* 🌷
🏡 *किचन में दवाईयां रखने की आदत वास्तु के अनुसार बिल्कुल गलत मानी जाती है। ऐसा करने से लोगों की सेहत में उतार-चढाव बना रहता हैं।* 🙏💐🚩🌹🪷🕉️🍀🌺🌹💐🙏

