
– प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा विभाग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग

देहरादून। देहरादून के सुंदरवाला स्थित एक स्कूल का प्रबंधन और नाम रातों रात बदल दिए जाने के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। गुरुवार सुबह जब अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने पहुंचे, तो गेट पर लगे नए बोर्ड और बदले हुए स्टाफ को देखकर वे हैरान रह गए। देखते ही देखते मामला विरोध प्रदर्शन में बदल गया और स्कूल परिसर में जमकर हंगामा हुआ।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, संबंधित विद्यालय का संचालन अब डीएवी पब्लिक स्कूल को सौंप दिया गया है। इस फैसले की जानकारी न तो अभिभावकों को पहले दी गई और न ही स्कूल स्टाफ को। इसी कारण सुबह से ही अभिभावकों, छात्रों और कर्मचारियों में भारी आक्रोश देखने को मिला। प्रदर्शनकारियों ने नए प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की और स्कूल गेट पर लगाए गए फ्लेक्स तक फाड़ डाले, स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि नए प्रधानाचार्य और शिक्षकों को परिसर में प्रवेश तक नहीं करने दिया गया।
दोपहर बाद स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों के बीच बातचीत हुई, लेकिन यह वार्ता किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी। अभिभावकों ने साफ तौर पर कहा कि जब तक स्थिति स्पष्ट नहीं होती, वे अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे। अभिभावकों की प्रमुख मांगों में शामिल है कि कम से कम तीन वर्षों तक फीस, यूनिफॉर्म और किताबों में कोई बदलाव न किया जाए।
उनका कहना है कि हाल ही में नए सत्र के लिए खरीदी गई सामग्री अब बेकार हो सकती है, जिससे आर्थिक नुकसान होगा। स्कूल से जुड़े कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि लंबे समय से सेवा दे रहे स्टाफ को बिना पूर्व सूचना के हटाया जा रहा है। कई कर्मचारी 25-30 वर्षों से संस्थान से जुड़े हुए थे। उनका कहना है कि पहले उन्हें बेहतर वेतन और सुविधाएं मिलती थीं, लेकिन नए प्रबंधन के तहत उनका भविष्य अनिश्चित हो गया है।
स्कूल के प्रधानाचार्य विनय भटनागर के अनुसार, प्रबंधन परिवर्तन का निर्णय उच्च स्तर पर लिया गया है और अब स्टाफ को नई शर्तों के अनुसार कार्य करना होगा। इस पूरे घटनाक्रम में छात्रों ने भी अभिभावकों का साथ दिया और प्रदर्शन में हिस्सा लिया। विरोध के चलते पूरे दिन स्कूल की शैक्षणिक गतिविधियां बाधित रहीं और परिसर में असमंजस की स्थिति बनी रही।
प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा विभाग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

