
कोटद्वार। कोटद्वार में नाबालिग से दुष्कर्म मामले में पुलिस ने होटल संचालक शुभम रावत और सोनू को गिरफ्तार किया है। उन पर मुख्य अभियुक्तों को बिना पहचान पत्र के कमरा उपलब्ध कराने और साजिश में शामिल होने का आरोप है।

यह मामला तब सामने आया जब 31 मार्च 2026 को कोटद्वार निवासी एक व्यक्ति ने अपनी 16 वर्षीय बेटी के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई। बेटी सुबह 10 बजे घर से चली गई थी और वापस नहीं लौटी थी। शिकायत के आधार पर कोतवाली कोटद्वार में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। अपर पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार ठाकुर और क्षेत्राधिकारी निहारिका सेमवाल के पर्यवेक्षण में पुलिस टीमों का गठन किया गया।
त्वरित कार्रवाई करते हुए, पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से 3 अप्रैल 2026 को मुख्य अभियुक्त विमल रावत और कृष्णा भट्ट को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मामले की गहन विवेचना के दौरान यह खुलासा हुआ कि घटना के दिन होटल संचालक शुभम रावत और सोनू ने मुख्य अभियुक्तों को बिना किसी वैध पहचान पत्र और होटल रजिस्टर में प्रविष्टि के कमरा दिया था। पूछताछ में यह भी सामने आया कि उन्होंने अधिक पैसे लेकर कमरा उपलब्ध कराया था।
पुलिस के अनुसार, होटल संचालकों ने अभियुक्तों के साथ मिलकर षड्यंत्र रचा और घटना में सक्रिय रूप से सहयोग किया। इस आधार पर मुकदमे में धारा 61(2) बीएनएस और 16/17 पॉक्सो अधिनियम की धाराएं बढ़ाई गईं। पुलिस टीम ने आज होटल संचालक शुभम रावत और सोनू को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों को न्यायालय में पेश कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
