
पहाड़ का सच देहरादून। राजधानी में एलपीजी का संकट गहरा गया है। देहरादून में 25 नहीं 32 दिन बाद दूसरा सिलेंडर मिल रहा है। हालात को देखते हुए प्रवासी अपने घर लौटने लगे हैं। होटल-ढाबे में भी गैस की भारी किल्लत है।

देहरादून में घरेलू रसोई गैस की किल्लत कम नहीं हो रही है। गैस कंपनियों ने दूसरा सिलेंडर 25 दिन बाद देने का नियम तो बनाया है लेकिन लोगों को यह 32 दिन बाद मिल रहा है। बैकलॉग के चलते बुकिंग के बाद डिलीवरी में सात दिन का अतिरिक्त समय लग रहा है।
देहरादून जिले में मंगलवार को गैस एजेंसियों को 22,500 सिलेंडर मिले। वहीं, 11 हजार सिलेंडरों की होम डिलीवरी की गई। वर्तमान में 33 हजार सिलेंडरों का स्टॉक बना हुआ है। गैस किल्लत के चलते लोग परेशान हैं और एजेंसियों के चक्कर काट रहे हैं। एजेंसी संचालक केवाईसी नहीं होने का हवाला देकर वापस लौटा रहे हैं। डीएसओ केके अग्रवाल ने बताया कि रसोई गैस की आपूर्ति अब सामान्य हो रही है।
