
देहरादून। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने उत्तराखंड की धामी सरकार के चार वर्ष के कार्यकाल पर टिप्पणी करते हुए कहा कि धामी सरकार की पिछले चार वर्ष की प्रमुख उपलब्धियां हैं, प्रदेश में भ्रष्टाचार, महिलाओं का बलात्कार और दर-दर की ठोकरें खाते बेरोजगार।

उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के चलते खनन माफिया, भू माफिया और शराब माफिया राज्य सरकार पर हाबी रहे हैं। एक ओर शराब नीति शराब माफिया की इच्छानुसार बनाकर घर-घर शराब पहुंचाने का काम किया गया वहीं खनन माफिया के दबाव में खनन पट्टों की अवधि बढ़ाई गई तथा भूमाफिया के हितों को देखते हुए प्रदेश का भू-कानून बनाया गया।
गोदियाल ने कहा कि राज्य की धामी सरकार ने पिछले चार वर्ष के कार्यकाल में राज्य की आम जनता के हित में एक भी कार्य नहीं किया जिस पर राज्य की जनता को गर्व महसूस हो।
उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के चलते राज्य सरकार के मंत्रियों पर आय से अधिक सम्पत्ति के आरोप लगते गये परन्तु सरकार जांच के नाम पर एक कदम भी आगे नहीं बढ़ी। सरकारी नौकरियों में भर्ती के नाम पर महाघोटालों को अंजाम दिया गया, परीक्षा पेपर लीक करवाकर नौजवानों के हितों पर कुठाराघात किया गया। सहकारिता जैसे विभाग में विभागीय मंत्री द्वारा अपने परिजनों को नौकरी दी गई जबकि आम पढ़ा लिखा नौजवान सडकों पर धक्के खाने को मजबूर होता रहा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकास की गंगा केवल भाजपा सरकारों के जुमलों में बहती है जिसका पानी चुनाव समाप्त होते ही सूख जाता है। गोदियाल ने कहा कि धामी सरकार के पिछले चार वर्ष के कार्यकाल में महिलाओं और नाबालिगों के साथ जितने अत्याचार और बलात्कार हुए हैं उसने अब तक के सारे रिकार्ड तोड़ दिये हैं। अंकिता भंडारी हत्याकांड में भाजपा नेता की संलिप्तता तथा हत्याकांड के लिए जिम्मेदार वीआईपी का नाम भाजपा सरकार चार साल में उजागर नहीं कर पाई है।
उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड हो, हेमा नेगी हत्याकांड हो, पिंकी हत्याकांड हो, चाहे बहादराबाद बलात्कार और हत्याकांड हो भाजपा की राज्य सरकार इन मानवता को शर्मसार करने वाली घटनाओं पर चुप्पी साधे हुए है। भाजपा सरकार के चार साल के कार्यकाल में हुए महिला अत्याचार एवं बेरोजगारों के हितों पर हुए कुठाराघात की घटनाओं से साबित हो गया है कि भ्रष्टाचारी और बलात्तकारियों को राज्य की धामी सरकार का पूरा संरक्षण प्राप्त है।
श्री गणेश गोदियाल ने कहा कि अधिनस्थ सेवा चयन आयोग भर्ती पेपर लीक मामला हो, लोकसेवा आयोग भर्ती में भ्रष्टाचार हो, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग में भर्ती घोटाले का मामला हो, सहकारिता विभाग में भर्ती घोटाले और भ्रष्टाचार का मामला हो धामी सरकार ने सभी भ्रष्टाचारियों को बचाने का काम किया है तथा भाजपा नेता व सरकार में बैठे मंत्री सीना ठोक कर भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलिरेंस की बात करते रहे जो केवल प्रदेश की जनता को बेवकूफ बनाने जैसा है।
उन्होंने कहा कि घोटालों के इन सारे प्रकरणों में भाजपा नेताओं की संलिप्तता के चलते राज्य सरकार इनकी जांच सीबीआई से कराने से कतराती रही है। मंत्री की आय से अधिक सम्पत्ति मामले और उद्यान विभाग में हुए घोटाले की जांच के लिए स्वयं उच्च न्यायालय नैनीताल सरकार को जांच के निर्देश देने पड़े। उन्होंने कहा कि यही हैं भाजपा की धामी सरकार की चार वर्ष की उपलब्धियां और इसके सिवा कुछ नहीं हैं।
