
पहाड़ का सच/एजेंसी।

वाराणसी। वाराणसी के गंगा नदी के बीचों बीच से एक हैरान करने वाला वीडियो सामने आया है। यहां इफ्तार पार्टी करने के बहाने एक मुस्लिम समुदाय के लोगों ने न सिर्फ बिरयानी खाई बल्कि मांस की हड्डियों को गंगा नदी में फेंक दी।

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही सभी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इस मामले में 14 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। वैसे तो इस समय रमजान का पाक महीना चल रहा है। इस बीच वाराणसी से आए एक वीडियो ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया। यहां एक सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने गंगा नदी के बीचों-बीच इफ्तार पार्टी की दावत उड़ाते दिखे, वीडियो सामने आते ही बवाल मच गया। इफ्तार की दावत उड़ा रहे युवकों ने न सिर्फ बिरयानी खाई बल्कि उससे निकली हड्डियां भी नदी में फेंक दीं।
वीडियो को लेकर बीजेपी कार्यकर्ताओं ने पुलिस से शिकायत कर दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने कुल 14 लोगों को गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी है। इस मामले में एफ़आईआर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने, धार्मिक स्थलों में बाधा डालने, विभाजनकारी और सरकारी आदेश की अवहेलना से जुड़ीं भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की 298, 299, 196 (1) (बी), 270, 279, 223 (बी) से जुड़ी धाराओं के तहत दर्ज की गई है। सभी 14 लोगों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज हो गया है।
वही इस मामले में अब जमकर राजनीति भी होने लगी है।समाजवादी पार्टी के मुखिया और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का बड़ा बयान सामने आया है। अखिलेश यादव ने कहा है कि आखिर नाव पर इफ्तार क्यों नहीं मना सकते ? इस दौरान सपा चीफ ने ये भी कहा कि उन लोगों ने पुलिस की हथेली पर ईदी नहीं रखी होगी। रख देते तो सब सही चलता ।
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने वाराणसी में गंगा नदी में नाव पर इफ्तार पार्टी करने वाले 14 युवकों की गिरफ्तारी पर कहा, “नालों का पानी सीधे गंगा में छोड़ा जा रहा है, उस पर भी FIR करवाइए न…”

कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा – “वाराणसी में गंगा नदी पर नाव में इफ्तार करने वाले 14 मुस्लिम युवकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। उन्होंने कौन सा कानून तोड़ा? उन्होंने कौन सा गुनाह किया? हम किस दिशा में जा रहे हैं?”

