
एससी-एसटी एक्ट में फंसाने की देते हैं धमकी
देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी में ठगों ने नगर निगम की सरकारी जमीन का भी सौदा कर लिया। झांसा दिया कि जमीन तो मिल जाएगी लेकिन “ऊपर तक पैसे देने पड़ेंगे”।
ठगी का आरोप सत्ताधारी भाजपा की पूर्व पार्षद और उसके पति पर है। रायपुर थाने में इनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।जोगीवाला के रहने वाले पर्व वालिया ने रायपुर थाना क्षेत्र के रहने वाली भाजपा की पूर्व पार्षद नीतू वाल्मीकि और उसके पति राकेश वाल्मीकि उर्फ तिनका पर 75 लाख रुपये की ठगी का आरोप लगाया है। आरोप है कि नगर निगम की जमीन दिलाने के नाम पर उनसे पैसे लिए हैं।
आरोपियों ने पीड़ित को नगर निगम की एक जमीन दिखाते हुए दावा किया कि जमीन का आवंटन कराया जा सकता है। यह भी कहा गया कि पूर्व पार्षद होने के कारण वे जमीन आवंटन की प्रक्रिया पूरी करवा देंगे और ऊपर तक पैसे देने पड़ेंगे। उन्होंने इसी भरोसे में अलग-अलग समय पर 75 लाख रुपये ले लिए।
पीड़ित का कहना है कि बाद में जानकारी मिली कि आरोपी कई अन्य लोगों के साथ भी इसी प्रकार की धोखाधड़ी कर चुके हैं। आरोप है कि पैसे वापस मांगने पर वे एससी एक्ट में फंसाने और राजनीतिक पहुंच का डर दिखाकर धमकाते हैं। वीवीआईपी हस्तियों के साथ खिंचवाई गई तस्वीरें दिखाकर प्रभाव जमाते हैं।
पीड़ित के अनुसार रायपुर थाने में दोनों पक्षों के बीच एक समझौता हुआ, जिसमें 42.50 लाख रुपये दो माह के भीतर लौटाने की बात तय हुई थी। बताया गया कि थाने में आठ लाख रुपये दिए गए जबकि शेष राशि का भुगतान तय समय में नहीं किया गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि समझौते के बाद भी आरोपी थाने में पेश नहीं हो रहे और भुगतान से बच रहे हैं।
पीड़ित पर्व वालिया ने आरोप लगाया कि पैसे वापस करने के लिए पूर्व पार्षद और उसके पति पर दबाव बनाया जाता है तो दोनों लोग एससी-एसटी एक्ट में फंसाने की धमकी देते हैं।

