
देहरादून। अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एमडीडीए ने अनियोजित विकास के खिलाफ बुधवार को लगभग 125 बीघा भूमि के लेआउट को ध्वस्त कर दिया। प्राधिकरण उपविधियों के तहत की गई इस कार्रवाई में अवैध रूप से विकसित की जा रही प्लॉटिंग की सड़कों पर बुलडोजर चलाया गया।
एमडीडीए द्वारा लगातार यह स्पष्ट किया जा रहा है कि प्राधिकरण क्षेत्र में बिना स्वीकृति किए जा रहे निर्माण एवं प्लॉटिंग न केवल नियमों का उल्लंघन हैं, बल्कि इससे शहरी अव्यवस्था, पर्यावरणीय असंतुलन एवं भविष्य की विकास योजनाओं पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्राधिकरण द्वारा समय-समय पर ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार विकास, आलोक नौटियाल द्वारा होरावाला रोड, छरबा, आईटीआई के समीप देहरादून क्षेत्र में लगभग 20 से 25 बीघा भूमि पर अवैध रूप से प्लॉटिंग की जा रही थी। बिना प्राधिकरण की अनुमति भूमि का विभाजन कर प्लॉट काटे जा रहे थे तथा आंतरिक सड़कें विकसित की जा रही थीं। एमडीडीए की टीम ने मौके पर पहुंचकर इन सभी अवैध संरचनाओं को ध्वस्त कर दिया और संबंधित लोगों को भविष्य में इस प्रकार की गतिविधियों से दूर रहने की चेतावनी दी।
इसी क्रम में तडियाल एवं जोशी द्वारा लांघा रोड, छरबा, सहसपुर देहरादून क्षेत्र में लगभग 100 बीघा भूमि पर की गई अवैध प्लॉटिंग के विरुद्ध भी बड़ी कार्रवाई की गई। यहां पर अवैध रूप से विकसित कॉलोनी के स्वरूप में प्लॉट चिन्हित किए गए थे तथा सड़कों का निर्माण किया जा रहा था। एमडीडीए की टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध रूप से बनाई गई सड़कों, सीमांकन एवं अन्य अस्थायी निर्माणों को ध्वस्त कर दिया।
एमडीडीए ने आम नागरिकों से अपील की है कि भूमि क्रय-विक्रय या निर्माण कार्य प्रारंभ करने से पूर्व प्राधिकरण से आवश्यक अनुमति अवश्य प्राप्त करें। बिना स्वीकृति किए गए निर्माण या प्लॉटिंग पर न केवल ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी, बल्कि नियमानुसार कानूनी कार्यवाही भी अमल में लाई जाएगी। प्राधिकरण द्वारा अवैध गतिविधियों पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है।

