
पहाड़ का सच/एजेंसी।

रायपुर। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत रायपुर दौरे पर हैं। अभनपुर में चल रहे विराट हिंदू सम्मेलन में शामिल हुए। सम्मेलन को संबोधित करते हुए मोहन भागवत ने समाज और राष्ट्र से जुड़े मुद्दों पर पांच प्रमुख बातों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संकटों पर केवल चर्चा से समाधान नहीं निकलता, बल्कि उपायों पर गंभीर मंथन आवश्यक है। उपाय हमारे पास ही मौजूद हैं, जरूरत है उन्हें अपनाने की।
हिंदू सम्मेलन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव सहाय भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव, भाजपा नेता धरमलाल कौशिक सहित भाजपा के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। आरएसएस प्रमुख ने कहा कि जीवन में कुछ मूल्यों को आत्मसात करना जरूरी है। पहली बात, अपनी दृष्टि से अलगाव और भेदभाव को निकालना होगा। सभी को अपना मानकर व्यवहार करें। हम पूरे हिंदू समाज को एक मानते हैं, लेकिन दुनिया हिंदुओं में भेद देखती है। जाति, पंथ और भाषा का फर्क किए बिना सबको अपना मित्र बनाना चाहिए। सभी भारतवासी हैं और पूरा भारत हमारा है। प्रत्येक व्यक्ति में राम विराजमान हैं। सभी व्यवस्थाएं सभी हिंदुओं के लिए खुली होनी चाहिए।
दूसरी बात, जब व्यक्ति अकेला पड़ जाता है तो वह नशे जैसी बुराइयों में उलझ जाता है। आपसी संवाद और मित्रों के साथ बातचीत से इससे बचा जा सकता है। आज घरों में भी बातचीत कम हो गई है। इसलिए सप्ताह में एक दिन पूरा परिवार साथ बैठे, भजन करे, मां के हाथ का बना भोजन करे और तीन-चार घंटे आपसी गपशप करे। पूर्वजों की सीख आज के समय में कितनी प्रासंगिक है, इस पर चर्चा हो। आदेश देने के बजाय संवाद से सहमति बनाकर उसे घर में लागू करें।
तीसरी बात, हम अपने और परिवार के लिए समय व धन खर्च करते हैं, लेकिन देश के लिए कितना करते हैं, इस पर विचार जरूरी है। देश सुरक्षित रहेगा तभी हम और हमारा परिवार सुरक्षित रहेंगे। हिंदुत्व की रक्षा के लिए जिन लोगों ने अपने प्राणों का बलिदान दिया, वे हमारे आदर्श हैं। इस विषय पर भी घर में साप्ताहिक बैठक होनी चाहिए। कुटुंब प्रबोधन और मंगल संवाद पर ध्यान देना आवश्यक है।
मोहन भागवत ने पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग बढ़ रही है, ऋतु चक्र बदल रहा है। जंगल कम होने से पानी की समस्या बढ़ रही है। इसलिए अपने घर से ही पानी बचाने की शुरुआत करें। नल टपक रहा हो तो तुरंत ठीक कराएं। सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग बंद करें। पेड़ लगाएं। घर के आंगन या छत पर सब्जियां उगाने का प्रयास करें और अपने आसपास हरियाली बढ़ाएं।
आरएसएस प्रमुख ने कहा कि घर के भीतर अपनी मातृभाषा का प्रयोग करें। भारत में अनेक भाषाएं हैं और सभी का सम्मान होना चाहिए। जिस राज्य में रहें, वहां की भाषा सीखने का प्रयास करें। अपनी पारंपरिक वेशभूषा अपनाएं। अंत में उन्होंने सभी नागरिकों से नियमों, कानूनों और संविधान का पालन करने की अपील की।
