
– नशा बेचने वाले छोटे कारोबारी को पकड़ खुश मत हो,जड़ तक पहुंचो
– एंटी ड्रग्स कमेटियों को प्रो एक्टिव व अलर्ट मोड में लाओ
– नशे की लत में फंसे युवाओं की काउंसलिंग हो,अभिभावकों को भी समझाओ
पहाड़ का सच उधम सिंह नगर।
जिला उधम सिंह नगर दौरे पर आई कुमाऊं की पुलिस महानिरीक्षक रिद्धिम अग्रवाल ने अफसरों को दो टूक शब्दों में कहा कि नशे का कारोबार कर रहे बड़े सरगना को पकड़ो और उनकी संपत्ति जब्त करो तभी नशे का कारोबार खत्म हो सकता है।
उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे की लत से बाहर निकालने के लिए उनकी नियमित काउंसलिंग की जाए जिसमें अभिभावकों का सहयोग लिया जाए। इसके अलावा एंटी ड्रग्स कमेटियों को प्रो एक्टिव व अलर्ट मोड में लाया जाए। .पुलिस महानिरीक्षक पदभार ग्रहण करने के उपरान्त पहली बार जनपद ऊधमसिंह नगर के वरिष्ठ पुलिस कार्यालय पहुंची जहां उन्होंने जनपद के सभी अधिकारियों की बैठक ली। बैठक के बाद निम्न मुख्य बिन्दुओं पर निर्देश निर्गत किये गये ।
मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार ड्रग्स फ्री देवभूमि पर समीक्षा के दौरान निर्देशित किया गया कि नशे के खिलाफ समय – समय पर कार्रवाई की जा रही है परन्तु कार्यवाही में ध्यान दिया जाये कि केवल नशे के छोटे-छोटे कारोबारियों को पकड कर वाह-वाही न लूटी जाये, नशे के कारोबार में लिप्त बडे सरगानाओं के विरुध कठोर कार्यवाही कर उनकी सम्पत्ति जब्तीकरण की कार्यवाही भी की जाये ।
युवाओं को नशे के प्रभाव से दूर रखने के लिए शासन द्वारा प्रत्येक स्कूल /कालेज में एण्टी ड्रग्स कमेटी का गठन किया है किन्तु ये कमेटी प्रभावी नहीं हैं, इन्हें प्रभावी करने के लिए एण्टी ड्रग्स कमेटी के साथ लगातार गोष्ठियों का आयोजन किया जाये। जो युवा शुरुआती दौर में नशे के गिरफ्त में आ रहे हैं ऐसे युवाओं की कमेटी माध्यम से काउंसलिंग कर उनको नशे के दुष्प्रभाओं के बारे में बताया जाये जिससे उनको शुरुआती दौर में ही नशे की लत से निकाला जा सके।
परिजनों से भी अनुरोध है कि वो भी सजग हो, कहीं आपका बच्चा नशा तो नहीं कर रहा है, उसकी एक्टिविटी पर विशेष ध्यान दें। स्कूल / कालेज, पीजी में ऐसे युवाओं से भी अपील की जाये कि यदि उनका कोई दोस्त नशा कर रहा है तो उसकी सूचना स्कूल प्रबन्धन या परिजनों को अवश्य बताये ।
– पिट एनडीपीएस एक प्रभावी एक्ट है परन्तु उसका सही से पालन नहीं किया जा रहा है। इसका फायदा लेकर कुछ लोग नशे के कारोबार में सदैव एक्टिव रहते हैं। नशा तस्करों की मदद (फंडिंग, ड्रग्स का आदान प्रदान) करते हैं या शामिल रहते हैं। प्रत्येक थाना क्षेत्र में ऐसे लोगों को चिन्हित कर उनके विरुद्द पिट एनडीपीएस एक्ट के अन्तर्गत सख्ती से प्रिवेंटिव डिटेन्सन की कार्यवाही करें, जिसमें स्थानीय सूचना ईकाई को भी एक्टिव किया जाये ।
– महिला अपराधों के सम्बन्ध में गम्भीरता से निर्देश दिये गये कि बलात्कार एवं पॉक्सो पीडितों की महिलाओं की बाल कल्याण विभाग एवं स्वास्थ विभाग के साथ समन्यव स्थापित करते हुए जनपदों में मौजूद काउंसलर द्वारा वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से नियमित रुप से counselling कराई जाये,जिससे रेप विक्टिम सुसाईड जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकें ।
– आई जी ने लम्बित विवेचनाओं की समीक्षा में खासी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने क्षेत्राधिकारियों को निर्देश दिये कि समय-समय पर विवेचकों का ओ-आर लेकर अपने निकट परिवेक्षण जांच /विवेचनाओं का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण किया जाये जिससे जनता को न्याय मिल सके । साथ ही मुख्यालय एवं रेंज स्तर से चलाये जा रहे समस्त अभियानों पर आवश्यक कार्यवाही करते हुए शत प्रतिशत अनुपालन किया जाये ।
– बैठक में आईजी द्वारा बाबा तरसेम हत्याकांड में विगत दिवस पुलिस द्वारा की गयी कार्यवाही (अभियुक्त की गिरफ्तारी) की सराहना करते हुए कहा कि अन्य जो अभियुक्त प्रकाश में हैं या वॉछित हैं उनकी गिरप्तारी के लिए एसओजी व एसटीएफ के साथ समन्यव स्थापित करते हुए उनकी गिरफ्तारी शीघ्र की जाए ।
बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ऊधमसिंहनगर मणिकान्त मिश्रा , एसपी अपराध निहारिका तोमर, एसपी सिटी उत्तम सिंह नेगी , एसपी काशीपुर अभय सिंह , सुश्री निशा यादव प्रशिक्षु आईपीएस व जनपद के समस्त क्षेत्राधिकारी मौजूद रहे ।
