
पहाड़ का सच, देहरादून।
परिवहन विभाग द्वारा लालतप्पड़ और डाकपत्थर लांघा रोड पर खुले फिटनेस सेंटर का महानगर सिटी बस यूनियन विरोध कर रही है। यूनियन के अध्यक्ष विजय वर्धन डंडरियाल ने पत्र लिखकर परिवहन आयुक्त एवं संयुक्त परिवहन आयुक्त को ट्रांसपोर्टरों की समस्या से अवगत कराया है। उन्होंने कहा गया है कि वर्तमान में जो भी दोनों फिटनेस केंद्र डोईवाला ब्लॉक लालतप्पड़ में हो या डाकपत्थर लांघा रोड पर है, दोनों की दूरी देहरादून कार्यालय से 30 से 35 किलोमीटर की दूरी पर है और यदि मसूरी से कोई वाहन फिटनेस के लिए आता है तो उसे 60 से 70 किलोमीटर की दूरी पड़ेगी इन दोनों फिटनेस सेंटर पर जाने के लिए 60 प्रतिशत वाहनों को बिना परमिट जाना होगा। ऐसी परिस्थिति में कोई एक्सीडेंट हो जाता है तो वाहन स्वामियों का तो घर बार और वाहन बेचकर भी इंश्योरेंस क्षतिपूर्ति से पीछा नहीं छूटेगा और यदि दोनों स्थानों पर कोई भी वाहन फिटनेस करने के लिए जाता है तो उसका पूरा दिन खराब होगा और यदि वाहन में कोई खराबी आ गई तो उसको सुधार के लिए भी कई बार चक्कर काटने पड़ेंगे और दोबारा वाहन फिटनेस के लिए भी स्लॉट लेना पड़ेगा जिससे 100 से 150 किलोमीटर वाहनों की अधिक संचालन होने पर 2000 से 3000 का डीजल का खर्चा भी बढ़ जाएगा।
जबकि भारत सरकार का उद्देश्य किसी भी वाहन स्वामी को परेशान करना नहीं है बल्कि उनका उद्देश्य भ्रष्टाचार को दूर कर किसी भी स्थान पर वाहन की फिटनेस करना है। वाहन स्वामियों की सुविधा हेतु जब तक कोई फिटनेस सेंटर देहरादून शहर के माइल्स से 5 से 7 किलोमीटर की परिधि में नहीं खुल जाता तब तक देहरादून परिवहन कार्यालय में ही वाहनों की फिटनेस जारी रखी जाए जिससे परिवहन व्यवसायियों को वाहन फिटनेस फजीहत से दूर रखा जा सके। अन्यथा ऐसी दशा में देहरादून महानगर में रजिस्टर्ड 40000 वाहनों को मजबूरन हड़ताल शुरू करनी पड़ेगी। इसलिए पहले चरण में हमारे द्वारा 25 मार्च 2025 को मंगलवार दोपहर 12 बजे परिवहन मुख्यालय का सहस्त्रधारा रोड पर घेराव किया जाएगा
यहां यह भी उल्लेखनीय है की माननीय उच्च न्यायालय नैनीताल द्वारा पारित आदेश में वाहनों की फिटनेस परिवहन कार्यालय में जारी रखी जाने हेतु अंतरिम आदेश पारित किए गए और दिनांक 14 मई 2025 को माननीय उच्च न्यायालय के समक्ष याचिका सूचीबद्ध होनी निश्चित है तथा परिवहन विभाग के आदेश माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों के विपरीत जारी किया गया है जिस पर रोक लगाया जाना आवश्यक है।
