
– आधी रात को भी बिजली घरों के मुआयने पर निकल पड़ते हैं ध्यानी, मकसद, उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली मिले
– अफसर/कार्मिक भी रहते हैं सक्रिय व जवाबदेह, कार्मिकों के हितों का ख्याल भी रखते हैं एमडी
पहाड़ का सच देहरादून। यूपीसीएल व पिटकुल के प्रबंध निदेशक पीसी ध्यानी ने आला अफसरों के साथ शुक्रवार व शनिवार की देर रात्रि देहरादून के 132 केवी उपकेंद्र माजरा एवं बिंदाल का निरीक्षण किया। यह उनकी दैनंदिनी में शुमार हो गया है। .प्रबंध निदेशक द्वारा रात भर बिजली घरों का औचक निरीक्षण और मुआयना करना शीर्ष प्रबंधन की सक्रियता, जवाबदेही और उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली सेवा देने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। आपदा हो या दीवाली, धनतेरस जैसे बड़े त्योहारों या भारी बारिश/सर्दियों के मौसम में बिजली की मांग अचानक बढ़ जाती है।

एमडी द्वारा रात में निरीक्षण करने का मतलब है कि विभाग ‘अलर्ट मोड’ पर है ताकि किसी भी फाल्ट को तुरंत ठीक कर उपभोक्ताओं को बिना रुकावट बिजली दी जा सके। दरअसल, वातानुकूलित दफ्तरों से हटकर आधी रात को सब-स्टेशनों पर जाने से एमडी को तकनीकी कमियों, बुनियादी ढांचे की स्थिति और फील्ड स्टाफ की वास्तविक चुनौतियों का सीधा पता चलता है।
रात की शिफ्ट में अक्सर लापरवाही या अनुपस्थिति की शिकायतें आती हैं। जब सर्वोच्च अधिकारी खुद मैदान में उतरता है, तो ड्यूटी पर तैनात इंजीनियरों और लाइन स्टाफ में अनुशासन बना रहता है और वे चौबीसों घंटे (24×7) मुस्तैद रहते हैं। लोड डिस्पैच सेंटर या बिजलीघरों के निरीक्षण से यह देखा जाता है कि ओवरलोडिंग की समस्या तो नहीं है। यदि कोई तकनीकी गड़बड़ी दिखती है, तो उस पर तुरंत फैसला लेकर बड़े ब्रेकडाउन को टाला जा सकता है।
यह कदम यह संदेश देता है कि बिजली निगम जनता की समस्याओं (जैसे रात में अचानक ब्लैकआउट होना) को लेकर गंभीर है और शिकायत मिलने पर त्वरित निस्तारण के लिए जवाबदेह है। रात का मुआयना “रूल बाय एक्शन” (काम के जरिए नेतृत्व) को दर्शाता है, जिससे पूरे महकमे में यह कड़ा संदेश जाता है कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


