
– अमरमणि-मधुमणि जेल से बाहर, अब शूटर संतोष राय की रिहाई का आदेश
– 23 साल पुराने चर्चित हत्याकांड में उम्रकैद के तीन दोषियों की समयपूर्व रिहाई
पहाड़ का सच नैनीताल। उत्तर प्रदेश के बहुचर्चित मधुमिता शुक्ला हत्याकांड में पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी और उनकी पत्नी मधुमणि की समयपूर्व रिहाई के बाद, अब मुख्य शूटर संतोष कुमार राय की रिहाई का रास्ता भी पूरी तरह साफ हो गया है।
उत्तराखंड हाई कोर्ट की खंडपीठ ने इस मामले में अहम आदेश जारी किए हैं। उत्तराखंड हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह की खंडपीठ ने संतोष कुमार राय सहित उम्रकैद की सजा पूरी कर चुके तीन कैदियों की समयपूर्व रिहाई याचिकाओं पर सुनवाई की। सुनवाई के दौरान सरकार ने अदालत के समक्ष अपनी सहमति और नई सूची पेश की, जिसमें बताया गया कि सरकार तीनों कैदियों की रिहाई के लिए तैयार है।
हाईकोर्ट द्वारा आदेश जारी होने और सरकार की मंजूरी के बाद, अब केवल राज्यपाल की औपचारिक हरी झंडी मिलना बाकी है, जिसके तुरंत बाद शूटर संतोष राय को जेल से रिहा कर दिया जाएगा। वर्तमान में वह उत्तराखंड की सितारगंज जेल में बंद है। मई 2003 में लखनऊ की पेपर मिल कॉलोनी में गर्भवती कवयित्री मधुमिता शुक्ला की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। संतोष कुमार राय ने ही इस हत्याकांड को अंजाम दिया था।
साल 2007 में देहरादून की फास्टट्रैक कोर्ट ने पूर्व मंत्री अमरमणि, उनकी पत्नी मधुमणि, भतीजे रोहित चतुर्वेदी और शूटर संतोष राय को उम्रकैद की सजा सुनाई थी, जिसे बाद में नैनीताल हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने भी बरकरार रखा था। उत्तर प्रदेश सरकार की समयपूर्व रिहाई नीति (अच्छे आचरण और उम्र के आधार पर) के तहत अमरमणि त्रिपाठी और उनकी पत्नी मधुमणि को अगस्त 2023 में ही रिहा किया जा चुका है। वहीं, इस केस के एक अन्य दोषी रोहित चतुर्वेदी को भी सुप्रीम कोर्ट से राहत मिल चुकी है।


