
सीएम धामी ने अनुपूरक बजट के 166 करोड़ भी जल्द अवमुक्त करने के निर्देश
विभागों में प्रीपेड मीटर के प्रस्तावों की समीक्षा करेंगे सचिव, सीएम के निर्देश
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में यूपीसीएल एवं पिटकुल की समीक्षा बैठक
पहाड़ का सच देहरादून। ऊर्जा निगम/पिटकुल प्रबन्धन ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में गुरुवार को आला अधिकारियों की बैठक में सरकारी विभागों पर पुरानी देनदारी क्लियर कराने की राह खुलवाने में कामयाबी हासिल की है। सीएम धामी ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि 30 सितंबर 2026 तक यूपीसीएल का बकाया भुगतान जल्द करें। इससे निगम की माली हालत में काफी सुधार होने की सम्भावना है।
गुरुवार को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में यूपीसीएल एवं पिटकुल की समीक्षा बैठक के दौरान यूपीसीएल के प्रबन्ध निदेशक पीसी ध्यानी द्वारा निगम की वर्तमान वित्तीय स्थिति, देनदारियों एवं वित्तीय चुनौतियों के सम्बन्ध में मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया।

प्रस्तुतीकरण के दौरान निम्न बिन्दुओं पर विस्तृत चर्चा की गई:
अनुपूरक बजट में अतिरिक्त मांग के सापेक्ष स्वीकृति, सरकारी कार्यालयों के देय बकाया भुगतान, उपाकालि एवं उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के विभाजन पर परिसम्पत्तियों एवं दायित्वों का विवरण, उपाकालि द्वारा कराये जा रहे पूंजीगत कार्यों के सापेक्ष अंशपूंजी की विशेष व्यवस्था।
इसके अलावा सरचार्ज माफी योजना, मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना एवं दैवीय आपदा के अन्तर्गत कराये गये कार्यों का भुगतान, सरकारी कार्यालयों में स्मार्ट मीटर को प्रोत्साहित करने हेतु बजट की व्यवस्था, टैरिफ में वृद्धि न किए जाने के कारण उत्तर प्रदेश की भाँति उपाकालि के लिए लॉस गैप फंडिंग (Loss Gap Funding) की व्यवस्था।
निगग की वित्तीय स्थिति में सुधार के लिए राज्य सरकार से विभिन्न मदों में लम्बित धनराशि जारी करने, देनदारियों के रागायोजन तथा आवश्यक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।
मुख्यमत्री ने विभिन्न सरकारी विभागों को निर्देश दिए कि 30 सितंबर 2026 तक विद्युत मूल्य के सापेक्ष अवशेष धनराशि 539.61 करोड अवमुक्त किए जाएं। अनुपूरक बजट में स्वीकृत धनराशि 166 करोड़ को शीघ्र उपाकालि को अवमुक्त करने के निर्देश भी दिए।
भारत सरकार की आरडीएसएस योजना के अन्तर्गत प्रथम चरण में समस्त सरकारी संयोजनों पर स्थापित स्मार्ट मीटरों को प्रीपेड करने हेतु सरकारी बजट का आवंटन प्राथमिकता के आधार पर किये जाने हेतु कहा गया। उपाकालि द्वारा जो प्रस्ताव सरकार के समक्ष प्रस्तुत किये जा चुके हैं उनका परीक्षण करने के लिए मुख्यमंत्री द्वारा विभाग के सचिवों को दिशा निर्देश दिये गये।
इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री घोषणा के अन्तर्गत किए गए कार्यों के भुगतान, पूंजीगत कार्यों के लिए अशपूंजी की उपलब्धता तथा उत्तराखण्ड एवं उत्तर प्रदेश के मध्य परिसम्पत्तियों एवं दायित्वों के विभाजन से सम्बन्धित ट्रांसफर स्कीम के अंतर्गत देय धनराशि के विषय भी प्रस्तुत किए गए। बैठक में निगम की वित्तीय स्थिति को सुदृढ़ करने तथा विद्युत आपूर्ति व्यवस्था एवं विकास कार्यों को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए आवश्यक वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। .बैठक के अन्त में मुख्यमंत्री द्वारा आगामी कुम्भ मेला एवं दीपावली व अन्य त्योहारों के दृष्टिगत बिजली व्यवस्था को सुचारू रखने हेतु भी निर्देशित किया गया।
बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन , प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, प्रमुख सचिव (ऊर्जा) आर मीनाक्षी सुंदरम, यूपीसीएल/पिटकुल के प्रबन्ध निदेशक पीसी ध्यानी के अतिरिक्त मुख्य अभियन्ता, गौरव शर्मा, महाप्रबन्धक (वित्त), अमित कुमार कसल एवं अधीक्षण अभियन्ता, सुधीर कुमार सिंह सहित सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहे।


