
– रानीहाट एवं ऋषिकेश उपसंस्थानों को मानव रहित संचालन हेतु विकसित करने के निर्देश
– एमडी ने गैरसैण विधानसभा सत्र के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति के अफसरों को दिए निर्देश
पहाड़ का सच श्रीनगर। पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड (PTCUL) के प्रबंध निदेशक पी.सी. ध्यानी द्वारा रविवार को प्रातः 7 बजे से 8 बजे के मध्य रेलवे विकास निगम लिमिटेड (RVNL) हेतु नवनिर्मित 132 केवी उपसंस्थान रानीहाट का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान प्रबंध निदेशक द्वारा उपसंस्थान में स्थापित विभिन्न विद्युत उपकरणों की कार्यप्रणाली का अवलोकन किया गया तथा रिमोट ऑपरेशन के माध्यम से उपकरणों के संचालन की स्थिति का परीक्षण किया गया। इस दौरान उपसंस्थान में उपलब्ध सबस्टेशन ऑटोमेशन सिस्टम (SAS) की सुविधाओं का उपयोग करते हुए इसके मानव रहित संचालन की संभावनाओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

प्रबंध निदेशक द्वारा PTCUL के नवनिर्मित 132 केवी उपसंस्थान रानीहाट एवं 132 केवी उपसंस्थान ऋषिकेश को मानव रहित (Manless) उपसंस्थानों के रूप में संचालित किए जाने की संभावनाओं की समीक्षा की गई। दोनों उपसंस्थानों में सबस्टेशन ऑटोमेशन सिस्टम उपलब्ध होने के दृष्टिगत संबंधित अधिकारियों को इनके रिमोट ऑपरेशन एवं निगरानी की व्यवस्थाओं का समुचित आकलन करते हुए मानव रहित संचालन की दिशा में आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए।
इस पहल का उद्देश्य आधुनिक तकनीक एवं स्वचालन प्रणाली का अधिकतम उपयोग करते हुए उपसंस्थानों के संचालन को अधिक प्रभावी, विश्वसनीय एवं दक्ष बनाना है। मानव रहित संचालन की व्यवस्था लागू किए जाने से परिचालन दक्षता में वृद्धि, उपकरणों की दूरस्थ निगरानी तथा उपलब्ध तकनीकी संसाधनों के बेहतर उपयोग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा सकेगा।
प्रबंध निदेशक द्वारा अवगत कराया गया कि PTCUL द्वारा विद्युत पारेषण व्यवस्था के आधुनिकीकरण, नवीन तकनीकों को अपनाने तथा उपलब्ध संसाधनों के अधिकतम उपयोग के माध्यम से विद्युत तंत्र की विश्वसनीयता एवं परिचालन दक्षता बढ़ाने हेतु निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
प्रबंध निदेशक, PTCUL पी. सी. ध्यानी द्वारा 400 केवी उपसंस्थान खंदूखाल का निरीक्षण, विधानसभा सत्र के दौरान निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश
पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड (PTCUL) के प्रबंध निदेशक पी.सी. ध्यानी द्वारा आगामी विधानसभा सत्र के दृष्टिगत 400 केवी उपसंस्थान खंदूखाल का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य सत्र के दौरान विद्युत व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने तथा निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा करना था।
निरीक्षण के दौरान प्रबंध निदेशक ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विधानसभा सत्र की अवधि में विद्युत व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखी जाए तथा सभी अधिकारी एवं कर्मचारी पूर्ण सतर्कता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। उन्होंने विशेष रूप से श्रीनगर क्षेत्र के 400 केवी उपसंस्थान एवं उससे संबंधित विद्युत तंत्र की कार्यप्रणाली पर निरंतर निगरानी रखने तथा विद्युत आपूर्ति में किसी भी संभावित व्यवधान को रोकने के लिए आवश्यक एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए।
प्रबंध निदेशक ने स्पष्ट किया कि सत्र के दौरान विद्युत आपूर्ति की विश्वसनीयता एवं निरंतरता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके लिए सभी संबंधित अधिकारियों को अलर्ट मोड में रहने, उपसंस्थानों एवं संबंधित उपकरणों की स्थिति पर नियमित निगरानी रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
इसके अतिरिक्त, विकसित भारत @ 2047 के राष्ट्रीय संकल्प के दृष्टिगत प्रबंध निदेशक द्वारा सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निगम की आगामी परियोजनाओं एवं निर्धारित लक्ष्यों को पूर्ण समर्पण भाव, निष्ठा एवं मनोयोग से पूर्ण करने हेतु प्रेरित किया गया। उन्होंने कार्यों के समयबद्ध निष्पादन, कार्यकुशलता में निरंतर सुधार तथा संगठनात्मक उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए सामूहिक उत्तरदायित्व एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने पर बल दिया।
निरीक्षण के दौरान प्रबंध निदेशक द्वारा रात्रि 9:30 बजे तक 400 केवी उपसंस्थान खंदूखाल में विद्युत व्यवस्था एवं अन्य संबंधित कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान उन्होंने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों से वार्ता कर व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।
इसी क्रम में रविवार UPCL के संबंधित क्षेत्रों एवं पौड़ी टिहरी व कर्णप्रयाग सर्किल के अंतर्गत आने वाले विद्युत उपकेंद्रों का निरीक्षण प्रस्तावित है। उक्त निरीक्षण के दौरान UPCL के संबंधित अधिकारियों की उपस्थिति भी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि विद्युत व्यवस्था की समीक्षा करते हुए आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें।
प्रबंध निदेशक द्वारा अवगत कराया गया कि PTCUL एवं UPCL द्वारा विधानसभा सत्र के दौरान निर्बाध एवं सुचारु विद्युत आपूर्ति बनाए रखने हेतु समन्वय के साथ कार्य किया जा रहा है। दोनों संस्थानों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को विद्युत व्यवस्था की निरंतर निगरानी रखने तथा जनहित में विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, विकसित भारत @ 2047 के लक्ष्य की प्राप्ति में ऊर्जा क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका को ध्यान में रखते हुए विकास कार्यों को गति देने एवं निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के लिए प्रतिबद्धता व्यक्त की गई।


