
पहाड़ का सच देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड में सीबीआई ने सहारनपुर की अभिनेत्री उर्मिला सनावर को नार्को और पॉलीग्राफ टेस्ट के लिए नोटिस दिया है। उर्मिला को शुक्रवार 23 अक्टूबर को कोर्ट में पेश होना है।
अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच के सिलसिले में अभिनेत्री उर्मिला सनावर की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं, क्योंकि उनका पॉलीग्राफ और नार्को टेस्ट कराए जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जानकारी के मुताबिक केंद्रीय जांच ब्यूरो की टीम इस मामले को लेकर तीसरी बार उत्तर प्रदेश के सहारनपुर स्थित उनके आवास पर पहुंची। जांच एजेंसी ने अभिनेत्री को अदालत में पेश होने के लिए आधिकारिक रूप से नोटिस सौंपा है।
23 अक्टूबर को देहरादून सीबीआई कोर्ट में होगी पेशी . जारी किए गए नोटिस के अनुसार, उर्मिला सनावर को आगामी 23 अक्टूबर को सुबह 10:30 बजे देहरादून स्थित सीबीआई के विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। देहरादून के विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट संदीप सिंह भंडारी की तरफ से यह नोटिस 21 अक्टूबर 2026 को जारी किया गया है। अदालत में मुख्य रूप से यह स्पष्ट किया जाएगा कि उर्मिला सनावर प्रस्तावित पॉलीग्राफ और नार्को टेस्ट के लिए अपनी स्वतंत्र इच्छा से सहमति दे रही हैं या नहीं।
कोर्ट यह भी पूरी तरह सुनिश्चित करेगा कि उनकी तरफ से दी जाने वाली यह रजामंदी किसी भी प्रकार के दबाव, धमकी, लालच अथवा अनुचित प्रभाव में न दी गई हो। .यह पूरा मामला सीबीआई की दिल्ली स्थित विशेष जांच शाखा-2 की देखरेख में आगे बढ़ रहा है। इस कानूनी प्रक्रिया में भारतीय न्याय संहिता 2023 की कई महत्वपूर्ण धाराओं का भी उल्लेख किया गया है, जिसके आधार पर जांच की दिशा तय की जा रही है। गौरतलब है कि इस हत्याकांड में कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर पहले भी तमाम सवाल उठते रहे हैं। उर्मिला सनावर से जुड़े कुछ कथित ऑडियो और वीडियो क्लिप सामने आने के बाद इस प्रकरण ने देश भर में खासा ध्यान खींचा था और मामला काफी सुर्खियों में रहा था।
परीक्षण को लेकर अदालत में तय होगी आगे की कानूनी प्रक्रिया . कानूनी जानकारों के अनुसार पॉलीग्राफ और नार्को टेस्ट को लेकर सहमति जताने तथा अदालत में स्वेच्छा की पुष्टि करने की प्रक्रिया बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण होती है। 23 अक्टूबर को अदालत में होने वाली सुनवाई का मुख्य उद्देश्य यही जांचना है कि अभिनेत्री इन वैज्ञानिक परीक्षणों के लिए बिना किसी बाहरी दबाव के तैयार हैं। अदालत में स्वेच्छा की पुष्टि होने के बाद ही परीक्षण की अनुमति और आगे की विधिक कार्रवाई पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। .इस हाई-प्रोफाइल मामले में सीबीआई की यह कार्रवाई जांच को एक नया मोड़ दे सकती है और आने वाले दिनों में कई अहम परतें खुल सकती हैं।


