
पहाड़ का सच, पौड़ी। ऐप से बुकिंग कर निजी वाहनों के जरिए व्यावसायिक रूप से सवारियां ढोने के मामलों पर परिवहन विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। पौड़ी में ऐप के माध्यम से यात्रियों को ले जा रही एक निजी नंबर की बाइक को विभागीय टीम ने पकड़कर सीज कर दिया।
मामले की जांच के लिए परिवहन विभाग ने अलग तरीका अपनाया। निजी नंबर की बाइक से ऐप आधारित राइड सर्विस संचालित किए जाने की सूचना मिलने के बाद एआरटीओ पौड़ी ने खुद यात्री बनकर ऐप के जरिए बाइक बुक की। बुकिंग के बाद बाइक चालक निर्धारित स्थान पर पहुंचा और एआरटीओ को बैठाकर रवाना हो गया। इस दौरान कंडोलिया के पास विभागीय टीम ने बाइक को रोक लिया। चालक से पीछे बैठे व्यक्ति के बारे में पूछताछ की गई तो उसने एआरटीओ को अपना परिचित बताया।
इसके बाद अधिकारियों ने पूरे मामले की जांच की और बाइक को पौड़ी स्थित आरटीओ कार्यालय ले जाकर सीज कर दिया। विभाग का उद्देश्य निजी नंबर पर पंजीकृत वाहनों के जरिए नियमों के विरुद्ध व्यावसायिक गतिविधियों को रोकना है। विभागीय अधिकारियों की निगरानी में की गई इस कार्रवाई से उन वाहन चालकों को स्पष्ट संदेश मिला है, जो निजी वाहन का इस्तेमाल व्यावसायिक सवारी सेवा के लिए कर रहे हैं।
वहीं श्रीनगर क्षेत्र में भी निजी वाहनों के व्यावसायिक इस्तेमाल पर नजर रखी जा रही है। जानकारी के मुताबिक, एआरटीओ मंगल सिंह ने यहां भी यात्री बनकर ऐसे वाहनों की गतिविधियों की जांच की। विभाग ऐप आधारित राइड सेवाओं के जरिए निजी नंबर के वाहनों से यात्रियों को ले जाने के मामलों को गंभीरता से ले रहा है। आने वाले दिनों में नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ जांच और कार्रवाई जारी रहने की संभावना है।
निजी श्रेणी में पंजीकृत वाहन और व्यावसायिक यात्री वाहन अलग-अलग नियमों के तहत संचालित होते हैं। यात्रियों को किराये पर ले जाने के लिए वाहन की श्रेणी, लागू परमिट संबंधी शर्तों, बीमा और सुरक्षा प्रावधानों का पालन करना जरूरी है। परिवहन विभाग की इस कार्रवाई का मकसद यात्री परिवहन में नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करना और बिना जरूरी अनुमति व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने वाले वाहनों पर रोक लगाना है। ऐसे में ऐप के जरिए सवारी उपलब्ध कराने वाले वाहन चालकों को भी अपने वाहन के पंजीकरण और लागू परिवहन नियमों की स्थिति स्पष्ट रखनी होगी।


