
– पति-पत्नी और ‘वो’ की लड़ाई से बाहर निकला भ्र्ष्टाचार का नया मामला
– पति ने मंत्री पत्नी पर कसा तंज, जब शादी हुई तो दो कपड़ों में आई थी
पहाड़ का सच देहरादून/बरेली। उत्तराखण्ड भाजपा के प्रभारी रहे दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाने से उठे विवाद के बाद अब उत्तराखंड में भाजपा मंत्री रेखा आर्य के घर का कलह जगजाहिर हो गया है। इससे सत्तारूढ़ दल की परेशानी बढ़ी है।
बीते 24 घण्टे में भाजपा सरकार में महिला व बाल विकास मंत्री रेखा आर्य की अपने पति और ‘वो’ के लफड़े ने प्रदेश और देश में हलचल मचा दी। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या द्वारा पति के खिलाफ FIR दर्ज कराने के बाद अब उनके पति गिरधारी लाल साहू ने वीडियो जारी कर पलटवार किया है।
कार में बैठकर बयान देते हुए साहू ने मंत्री द्वारा उसके ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को फर्जी और निराधार बताया है। उसने दावा किया है कि वायरल ऑडियो AI से तैयार किया गया है।
साहू ने कहा, “माननीय मंत्री जी, जिस ऑडियो को आपने डाला है, वो AI से बनाई गई है, घर तोड़ने के लिए बनाई गई है। आप घमंड में चूर हैं कि मैं जीवन भर मंत्री रहूंगी। ऐसा नहीं है, जीवन में चढ़ाव-उतार आते हैं।”
साहू ने अपने राजनीतिक योगदान का हवाला देते हुए कहा, “आप वो दिन भूल गईं कि मैंने सड़क पर खड़ी एक महिला को कहां से कहां पहुंचा दिया। ये पूरा उत्तराखंड जानता है कि दो सलवार-कुर्ते में शादी करके आई महिला को मैंने कहां पहुंचाया।”
पति ने चेतावनी भरे लहजे में कहा, “मैं ईमानदारी से कह रहा हूं, अगर आपने ये फर्जी तहरीर वापस नहीं ली तो भोले बाबा, बनखंडी नाथ बाबा तुमसे चुन-चुन कर एक-एक चीज का हिसाब लेंगे।”
भ्रष्टाचार को लेकर साहू ने गंभीर आरोप लगाए। साहू ने कहा, “साहू जी ने हमेशा यही कहा कि भ्रष्टाचार मत करो। इन बच्चों के पेट का राशन मत काटो। आज किसी और मंत्री का नाम भ्रष्टाचार में नहीं है, तुम्हारा नाम पूरे देश में है।”उसने आगे दावा किया, “जिस महिला के पास पांच रुपये नहीं थे, आज उसके पास 210 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति है। इसकी किसी भी एजेंसी से जांच करा लो।”
गिरधारी साहू ने मुख्यमंत्री और जनता से न्याय की अपील की। उन्होंने कहा, “मैंने 17 साल तक सोमेश्वर की जनता के सामने झोली फैलाकर आपके लिए वोट मांगे। पत्रकार बंधुओं और मुख्यमंत्री जी, जो मेरे मित्र और भाई भी हैं, आप न्याय करें। मैंने पहले भी मुख्यमंत्री जी से इनके भ्रष्टाचार की शिकायत की थी।” और उन्हींने इसे डांटा भी था।
मुकदमा दर्ज होने के बाद गिरधारी साहू के भ्र्ष्टाचार के आरोप के बाद भाजपा बैकफुट पर दिखाई दे रही है। घर की आग से 210 करोड़ की संपत्ति और भ्र्ष्टाचार की कहानी प्रदेश के घर घर तक पहुंचनी शुरू हो गयी है। चुनावी साल में हाई प्रोफाइल पत्नी व पति के बीच मची महाभारत से पार्टी की छवि पर लग रहे डेंट को भाजपा कैसे क्लीन करेगी?


