
पहाड़ का सच देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड में तथाकथित वीआईपी के मामले में भाजपा नेता दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने का मुद्दा लगातार तूल पकड़ रहा है। शुक्रवार को कांग्रेस ने साइकिल रैली निकाल विरोध प्रदर्शन किया।
कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि दुष्यंत गौतम को राज्यपाल पद से हटाने की मांग पूरी होने तक पार्टी का आंदोलन जारी रहेगा।
कांग्रेस की यह रैली देहरादून के शिमला बाईपास क्षेत्र से शुरू हुई और बल्लूपुर होते हुए घंटाघर पहुंची।

उत्तराखंड राज्य आंदोलन के प्रणेता नेता स्वर्गीय इंद्रमणि बडोनी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर रैली का समापन किया गया।
रैली में कांग्रेस प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत,नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, विधायक प्रीतम सिंह, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष करन महारा, पूर्व मंत्री डॉ हरक सिंह रावत, एआईसीसी सदस्य कपिल सिप्पल, महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला, पीसीसी मीडिया चेयरमैन राजीव महर्षि, वीरेंद्र पोखरियाल, डॉ प्रतिमा सिंह, गोदावरी थपली सहित प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए।

पार्टी का आरोप है कि इस प्रकरण से जुड़े मुद्दों पर निष्पक्ष जांच और न्याय सुनिश्चित करने के लिए जवाबदेही तय होनी चाहिए। कांग्रेस ने दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने पर भी सवाल उठाए हैं। पार्टी का कहना है कि अंकिता भंडारी प्रकरण को लेकर उठ रही आशंकाओं के बीच उन्हें संवैधानिक पद पर नियुक्त किया जाना उचित नहीं है।
कांग्रेस ने इस मामले में उनकी नियुक्ति को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए उन्हें राज्यपाल पद से हटाने की मांग की है।
हालांकि, दुष्यंत गौतम की नियुक्ति और अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच के बीच संबंध को लेकर कांग्रेस की ओर से उठाई जा रही आशंकाओं को आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
अंकिता भंडारी के माता-पिता द्वारा दिल्ली में विरोध दर्ज कराने और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के उनके समर्थन में पहुंचने के बाद यह मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गया है।
उत्तराखंड कांग्रेस ने भी इस घटनाक्रम के बाद अपने आंदोलन को और तेज करने का रुख अपनाया है।
कांग्रेस का कहना है कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग केवल एक राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि प्रदेश की बेटियों की सुरक्षा, न्याय और जवाबदेही से जुड़ा सवाल है। पार्टी नेताओं ने इस प्रकरण को लेकर प्रदेशभर में जनसमर्थन जुटाने और सरकार पर दबाव बनाए रखने की बात कही है।


