
देवप्रयाग। टिहरी गढ़वाल जिला प्रशासन ने पर्यटकों की सुरक्षा और नियमों की अनदेखी पर देवप्रयाग के मूल्यागांव में संचालित “मां गंगा बजीं जम्पिंग” स्थल को सील कर दिया है।
गुरुवार को जिला प्रशासन द्वारा किए गए औचक निरीक्षण के दौरान सुरक्षा मानकों में गंभीर खामियां और भारी लापरवाही सामने आई है। जिसके बाद यह सख्त कदम उठाया गया। एसडीएम पंकज भट्ट के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम ने जब बंजी जंपिंग स्थल का निरीक्षण किया, तो वहां सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त पाई गई। बंजी जंपिंग जैसी उच्च जोखिम वाली साहसिक गतिविधि के दौरान किसी भी आपात स्थिति या दुर्घटना से निपटने के लिए जरूरी जीवनरक्षक चिकित्सा उपकरणों और प्राथमिक उपचार की कोई व्यवस्था नहीं थी। इसके साथ ही स्थल पर पर्यटकों के वाहनों के लिए पार्किंग का पूर्ण अभाव पाया गया है। जिसके कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर ही वाहन बेतरतीब खड़े किए जा रहे थे।
इससे यातायात व्यवस्था बाधित होने के साथ-साथ सड़क पर हादसों का खतरा भी लगातार बना हुआ था। जनसुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए एसीएम पंकज भट्ट के निर्देशों पर प्रशासन ने तुरंत प्रभाव से स्थल पर सभी प्रकार के संचालन पर रोक लगाते हुए इसे सील कर दिया। सील की गई इस संपत्ति को जंप मास्टर अनूप सिंह की सुपुर्दगी में देते हुए सख्त निर्देश दिए गए हैं कि सक्षम प्राधिकारी के अगले आदेशों तक न तो सील से छेड़छाड़ की जाए और न ही संपत्ति की सुरक्षा में कोई चूक हो।
वहीं एसडीएम ने साफ शब्दों में कहा कि लोगों की जान से ऊपर कोई एडवेंचर नहीं है। सारी कमियां दूर होने तक ये साइट सील रहेगी।
बताते चलें कि जून 2026 में देहरादून के एक 21 वर्षीय युवक की यहां बंजी जंपिंग के बाद तबीयत बिगड़ने से हुई मौत के बाद भी प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठे थे।


