
पूर्व सीएम हरीश रावत लोगों से मिले और भाजपा की नीतियों को जन विरोधी बताया
पीसीसी के पूर्व अध्यक्ष व पूर्व नेट्स प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह समेत कुमाऊं से कांग्रेस के सभी विधायक शामिल हुए
पहाड़ का सच हल्द्वानी। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत की ‘धन्यवाद एवं जनसंवाद यात्रा’ का कुमाऊं चरण काफी चर्चा और राजनीतिक गहमागहमी भरा रहा। प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा की आपत्तियों व चेतावनियों के बावजूद हरीश रावत ने सोमवार (5 अक्टूबर 2026) को कुमाऊं मंडल में यात्रा को जारी रखा।

हरीश रावत की यह यात्रा ऊधमसिंह नगर के जसपुर से शुरू होकर हल्द्वानी तक पहुंची। इस दौरान कई जगहों पर कार्यकर्ताओं और स्थानीय जनता ने उनका स्वागत किया:
• जसपुर (सुबह 11:30 बजे): यात्रा का शुभारंभ हुआ, जहां उन्होंने खुली गाड़ी में समर्थकों का अभिवादन स्वीकार किया।
• काशीपुर (दोपहर 12:45 बजे): कार्यकर्ताओं से मुलाकात और संवाद।
• रामनगर (दोपहर 02:00 बजे): पूर्व विधानसभा स्पीकर गोविंद सिंह कुंजवाल की मौजूदगी में उनका जोरदार स्वागत हुआ और उन्होंने जनसंवाद किया।
• कालाढूंगी (शाम 04:00 बजे): स्थानीय मुद्दों और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक।
• हल्द्वानी (शाम 05:00 बजे): हल्द्वानी पहुंचकर उन्होंने मुख्य जनसंवाद कार्यक्रम को संबोधित किया।

इस यात्रा के दौरान कुमाऊं क्षेत्र में हरीश रावत के समर्थकों ने बड़े-बड़े होर्डिंग्स और पोस्टर लगाए थे। इन पोस्टरों पर सबसे ज्यादा चर्चा हरीश रावत के “युवा लुक” (जींस और टी-शर्ट पहने हुए) की रही, जिस पर बड़े अक्षरों में स्लोगन लिखा था, ‘हरीश रावत: टाइगर इज बैक’। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि चुनौती बड़ी है, लेकिन उत्तराखंड के स्वाभिमान के लिए उनका संकल्प भी दृढ़ है।

हरीश रावत की इस व्यक्तिगत यात्रा को लेकर कांग्रेस के भीतर काफी गुटबाजी और मतभेद उभरकर सामने आए हैं। उत्तराखंड कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा ने 1 अक्टूबर को हरीश रावत को पत्र लिखकर इस समानांतर और व्यक्तिगत यात्रा पर कड़ी आपत्ति जताई थी। उन्होंने नसीहत दी थी कि आगामी विधानसभा चुनावों (2027) से पहले पार्टी को एकजुट दिखना चाहिए, न कि अलग-अलग कार्यक्रम करने चाहिए।


