
लोकतंत्र को मजबूत करने के बजाय संस्थाओं पर अविश्वास का माहौल बना रहा इंडी गठबंधन !
पहाड़ का सच देहरादून। भाजपा प्रवक्ता सुरेश जोशी ने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल ‘लोकतंत्र बचाओ–वोट बचाओ’ के नाम पर जनता को भ्रमित करने और अपनी राजनीतिक जमीन तलाशने का प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाने वाले विपक्षी दलों को पहले अपने दावों के समर्थन में ठोस तथ्य और प्रमाण जनता के सामने रखने चाहिए। उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया निर्धारित नियमों और चरणों के तहत पूरी की गई है। मतदाता सूची के सत्यापन के साथ दावे और आपत्तियां दर्ज कराने तथा उनके निस्तारण के लिए भी निर्धारित प्रक्रिया अपनाई गई। .ऐसे में पूरी प्रक्रिया को सवालों के घेरे में खड़ा करने से पहले कांग्रेस को यह बताना चाहिए कि वह किस तथ्य के आधार पर निर्वाचन व्यवस्था पर अविश्वास पैदा करने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने आग्रह किया कि यदि किसी पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाया है तो उसके लिए भी निर्वाचन आयोग ने निर्धारित प्रक्रिया उपलब्ध कराई है। वास्तविक मतदाता की समस्या का समाधान प्रक्रिया के माध्यम से हो सकता है। .राजनीतिक मंच और प्रेस वार्ताओं के जरिए भ्रम पैदा करने से नहीं। ईसीआई नेट को लेकर इंडी गठबंधन द्वारा उठाए गए सवालों पर कहा कि केवल किसी तकनीकी व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर देना उसे गलत साबित नहीं करता। यदि विपक्ष के पास सॉफ्टवेयर या निर्वाचन प्रक्रिया में किसी गड़बड़ी का कोई प्रमाण है तो उसे तथ्यों और दस्तावेजों के साथ सार्वजनिक करना चाहिए। बिना प्रमाण के आरोप लगाकर चुनावी व्यवस्था और संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाना जनता के बीच भ्रम फैलाने की कोशिश है।
उन्होंने कटाक्ष किया कि इंडी गठबंधन लोकतंत्र बचाने की बात कर रहा है, लेकिन लोकतंत्र की संस्थाओं पर लगातार अविश्वास का वातावरण बनाने का प्रयास कर रहा है। इसी किसी भी तरह से लोकतंत्र को मजबूत करने वाला कदम नहीं ठहराया जा सकता है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में सवाल पूछने का अधिकार सभी को है, लेकिन सवालों के साथ तथ्य और जिम्मेदारी भी होनी चाहिए। मतदाता का अधिकार अत्यंत महत्वपूर्ण है और भाजपा हर पात्र नागरिक के मताधिकार की सुरक्षा तथा निष्पक्ष निर्वाचन प्रक्रिया के पक्ष में है। लेकिन मतदाता अधिकारों की आड़ में चुनावी प्रक्रिया को बदनाम करने की किसी भी कोशिश को स्वीकार नहीं किया जा सकता।


