हरीश जोशी/पहाड़ का सच देहरादून।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमारी सरकार का एक ही मूल मंत्र है “विकल्प रहित संकल्प”

हमने सिर्फ सत्ता चलाने के लिए नहीं, बल्कि उत्तराखंड के आने वाले वर्षों का मजबूत आधार तैयार करने के लिए काम किया है। हमारा हर फैसला उत्तराखंड की जनता के हित और पहाड़ के स्वाभिमान को समर्पित रहा है।
सीएम धामी से रविवार को पहाड़ का सच के इस संवाददाता ने मुलाकात की। मुलाकात के दौरान उनकी सरकार के कार्यक्रम व फैसलों से जुड़े कई विषयों पर सवाल जबाव हुए। रोजगार और भर्ती परीक्षा के बारे में सीएम धामी ने कहा कि पिछले पांच साल के अंतराल में 34,000+ सरकारी नौकरियां दी गई हैं। रोजगार और हमारे युवाओं का भविष्य हमारी सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता रही है। 34,000 से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्तियां दी हैं।
यह आंकड़ा पिछली सरकारों की तुलना में दोगुने से भी अधिक है। पहले भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक और धांधली की शिकायतें आम थीं, जिससे योग्य युवाओं का हक मारा जाता था। हमने सक्रिय नकल माफिया के कुचक्र को तोड़ने के लिए देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया। आज बिना किसी सिफारिश या रिश्वत के, पूरी पारदर्शिता के साथ परीक्षाएं हो रही हैं और सीधे मैरिट के आधार पर युवाओं को उनके घर पर नियुक्ति पत्र मिल रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल सरकारी क्षेत्र ही नहीं, हमने युवाओं के लिए निजी क्षेत्रों और स्वरोजगार में असीम संभावनाएं पैदा की हैं। औद्योगिक विकास और युवाओं के रोजगार को बढ़ावा देने के लिए राज्य में 30 से अधिक रोजगार-अनुकूल नीतियां तैयार की गई हैं। इसके अलावा हम ‘मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना’ लेकर आए हैं. इसके तहत हमारे युवाओं को जापानी और जर्मन जैसी विदेशी भाषाएं सिखाकर जर्मनी व जापान जैसे विकसित देशों में सीधे सम्मानजनक रोजगार से जोड़ा जा रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य में रहने वाले हर नागरिक, विशेषकर मातृशक्ति (महिलाओं) को समान अधिकार देने के लिए UCC लागू किया गया। इसके साथ ही हमने सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून, अतिक्रमण पर कड़ा प्रहार और दंगा रोधी कानून लागू किए हैं।
सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुचाने वाले दंगाइयों से ही नुकसान की भरपाई का कड़ा कानून भी हमारी सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड में कनेक्टिविटी की अभूतपूर्व क्रांति आ चुकी है।
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन और दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर पर काम बहुत तेजी से आगे बढ़ा है।ऑल वेदर रोड ने चारधाम यात्रा को सुगम और सुरक्षित बना दिया है। गढ़वाल के साथ-साथ कुमाऊं के प्राचीन मंदिरों के विकास के लिए हमने ‘मानसखंड मंदिर माला मिशन’ शुरू किया है, जिससे कुमाऊं क्षेत्र में भी पर्यटन, व्यापार और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं. सीमांत क्षेत्रों में ‘वाइब्रेंट विलेज’ योजना के तहत सीमावर्ती गांवों को देश का ‘पहला गांव’ घोषित कर वहां बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं, जिससे पलायन को रोकने में मदद मिल रही है।
हमने उत्तराखंड को केवल पर्यटन तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे एक इंडस्ट्रियल हब के रूप में विकसित किया है। देहरादून इन्वेस्टर्स समिट में हमें साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक के एमओयू (MoU) प्राप्त हुए थे, जिनमें से हजारों करोड़ की योजनाएं धरातल पर उतर चुकी हैं। इन उद्योगों के लगने से हमारे स्थानीय युवाओं को उनके ही जिलों और कस्बों में काम मिल रहा है।
सरकार ने राज्य की मूल निवासी महिलाओं के लिए सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण (Horizontal Reservation) को कानूनी रूप दिया, जिससे उनके लिए रोजगार के द्वार और सुरक्षित हुए हैं। अंत्योदय परिवारों को साल में 3 एलपीजी सिलेंडर मुफ्त दिए जा रहे हैं वहीं ‘लखपति दीदी योजना’ के माध्यम से ढाई लाख से अधिक महिलाओं को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा चुका है।
भविष्य के रोडमैप के संदर्भ में सीएम धामी ने कहा कि हमारा लक्ष्य उत्तराखंड को देश का अग्रणी और आदर्श राज्य बनाना है। हम पारिस्थितिकी (Ecology) और अर्थव्यवस्था (Economy) दोनों में संतुलन बनाकर काम कर रहे हैं. देवभूमि की जनता ने हमें जो आशीर्वाद दिया है, हम उनके एक-एक विश्वास पर खरे उतरेंगे। यह दशक उत्तराखंड का दशक है।

