पहाड़ का सच/एजेंसी
देहरादून। उत्तराखंड भाजपा प्रदेश अध्यक्षसत महेंद्र भट्ट के खिलाफ बेंगलुरु में शुद्धिकरण से जुड़े कथित बयान को लेकर जीरो एफआईआर दर्ज किया गया है। मुकदमा दर्ज होने के बाद उन्होंने कहा कि इस मामले में यदि कोई विवादित बयान आया हो तो सवाल उठना लाजिमी है। उन्होंने दोहराया कि भाजपा का इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है।

खड़गे की रैली के एक दिन बाद 10 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कुछ संगठनों ने शुद्धि हवन कराया था।
हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद हुआ कथित ‘शुद्धिकरण’ विवाद अब कर्नाटक पहुंच गया है। बेंगलुरु के विधान सौध पुलिस थाने में शुक्रवार को जीरो FIR दर्ज की गई है। इसमें उत्तराखंड भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट समेत अन्य लोगों के खिलाफ नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम और SC/ST एक्ट के तहत मामला दर्ज नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम और SC/ST एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
यह रिपोर्ट आदिवासी कांग्रेस के पूर्व उपाध्यक्ष टीआर रामप्पा की 31 अगस्त को दी गई शिकायत के आधार पर दर्ज हुई है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मामला आगे जांच के लिए संबंधित पुलिस थाने को भेजा जा सकता है
इस मामले पर महेंद्र भट्ट ने कहा कि शुद्धिकरण का यह कार्य भाजपा ने नहीं, बल्कि एक स्वयंसेवी संस्था ने किया था। कांग्रेस मुद्दाविहीन राजनीति कर रही है और सामाजिक विद्वेष फैलाने का काम कर रही है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि कानून के हाथ बहुत लंबे होते हैं और महेंद्र भट्ट को देर-सवेर कानून का सामना करना पड़ेगा। अगर उनसे कोई गलती हुई है, तो उन्हें सार्वजनिक रूप से अपनी गलती स्वीकार करनी चाहिए और उसका प्रायश्चित करना चाहिए।

