कांग्रेस का आरोप,मान्यता को लेकर धामी सरकार श्वेत पत्र जारी करे, अन्यथा आंदोलन, स्वास्थ्य मंत्री इस्तीफा मांगा
भाजपा का जवाब, सरकार दिल्ली के संपर्क में है,मान्यता का मसला जल्द सॉल्व होगा,कांग्रेस हर मामले में राजनीति न करे
पहाड़ का सच देहरादून। ...अब रुद्रपुर व पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज की मान्यता को लेकर कांग्रेस- भाजपा में वाकयुद्ध शुरू हो गया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि धामी सरकार की घोर विफलता और आपराधिक लापरवाही के उत्तराखंड के युवाओं का भविष्य दांव पर लग गया है चूंकि अभी तक कालेजों को मान्यता नहीं मिली है। कांग्रेस ने सरकार से श्वेत पत्र की मांग की है। भाजपा ने कांग्रेस को हर बात पर राजनीति न करने की सलाह दी है।

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता डा.प्रतिमा सिंह ने मीडिया को जारी एक बयान में कहा कि मेडिकल काउंसलिंग शुरू हो चुकी है पर रुद्रपुर और पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेजों की मान्यता पर सस्पेंस बरक़रार है। सरकार की अदूरदर्शिता, घोर प्रशासनिक नाकामी और लचर पैरवी के कारण उत्तराखंड के हजारों होनहार छात्रों का भविष्य अंधकार में है। राज्य में मेडिकल काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, लेकिन रुद्रपुर और पिथौरागढ़ राजकीय मेडिकल कॉलेजों की राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (NMC) से मान्यता को लेकर स्थिति अब तक साफ नहीं है।

प्रवक्ता के अनुसार सरकार की इस आपराधिक लापरवाही ने मेधावी छात्रों और उनके अभिभावकों को भारी मानसिक प्रताड़ना के दौर में धकेल दिया है।मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री पिछले कई महीनों से इन दोनों मेडिकल कॉलेजों का ढिंढोरा पीटकर जनता के बीच अपनी पीठ थपथपा रहे थे लेकिन सच यह है कि इन अस्पतालों में डॉक्टरों की भारी कमी है, जरूरी बुनियादी ढांचा (Infrastructure) लापता है और नेशनल मेडिकल काउंसिल के तय मानकों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई गई हैं।
कांग्रेस प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा, “नीट (NEET) की काउंसलिंग शुरू हो गई है, लेकिन असमंजस के कारण छात्र समझ नहीं पा रहे हैं कि वे इन कॉलेजों को अपनी चॉइस लिस्ट में भरें या नहीं। अगर छात्र इन्हें चुनते हैं और बाद में मान्यता नहीं मिलती, तो उनका पूरा साल बर्बाद हो जाएगा। भाजपा सरकार की इस नाकामी के कारण उत्तराखंड के गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के बच्चे आज राज्य छोड़कर दूसरे प्रदेशों के महंगे निजी कॉलेजों में जाने को मजबूर हो रहे हैं। नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री को अपने पद से तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए, जो अपने राज्य के बच्चों को तय वक्त पर मान्यता तक नहीं दिला सके।
उन्होंने कहा कि धामी सरकार तुरंत रुद्रपुर और पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेजों की मान्यता की वास्तविक स्थिति पर श्वेत पत्र जारी कर छात्रों के सामने सच रखे।काउंसलिंग में मिले सुरक्षा कवच जब तक NMC से अंतिम मंजूरी नहीं मिल जाती, तब तक काउंसलिंग प्रक्रिया में छात्रों के लिए एक सुरक्षित, वैकल्पिक व्यवस्था बनाई जाए ताकि किसी का भी साल खराब न हो।
डॉ. प्रतिमा सिंह ने चेतावनी दी है कि यदि उत्तराखंड सरकार ने अगले 24 घंटे के भीतर इस असमंजस को दूर कर छात्रों को न्याय नहीं दिया, तो कांग्रेस पार्टी चुप नहीं बैठेगी। छात्रों के हक और उनके भविष्य की रक्षा के लिए सड़कों से लेकर विधानसभा तक सरकार के खिलाफ एक उग्र और निर्णायक आंदोलन छेड़ा जाएगा।

धामी सरकार मेडिकल शिक्षा के विस्तार और छात्रों के भविष्य के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध : हनी पाठक
इसी सत्र से रुद्रपुर और पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेजों में पढ़ाई शुरू कराने को धामी सरकार गंभीर
*मेडिकल कॉलेजों को लेकर कांग्रेस फैला रही भ्रम, छात्रों के हित सुरक्षित करने को प्रतिबद्ध धामी सरकार*
*छात्रों के भविष्य को लेकर राजनीति नहीं, मेडिकल कॉलेजों के लिए गंभीरता से काम कर रही धामी सरकार*
भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश प्रवक्ता श्रीमती हनी पाठक ने कहा कि धामी सरकार उत्तराखंड में मेडिकल शिक्षा के विस्तार और प्रदेश के युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि रुद्रपुर और पिथौरागढ़ राजकीय मेडिकल कॉलेज उत्तराखंड के स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण परियोजनाएं हैं। इन मेडिकल कॉलेजों के निर्माण और आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि इसी शैक्षिक सत्र में मेडिकल की पढ़ाई शुरू हो, ताकि उत्तराखंड के मेधावी छात्र अपने ही प्रदेश में बेहतर चिकित्सा शिक्षा प्राप्त कर सकें।
श्रीमती हनी पाठक ने कहा कि कांग्रेस छात्रों के भविष्य को लेकर चिंता करने का केवल राजनीतिक दिखावा कर रही है, जबकि धामी सरकार इस विषय पर पूरी गंभीरता से कार्य कर रही है। मेडिकल कॉलेजों से संबंधित आवश्यक औपचारिकताओं और मान्यता की प्रक्रिया को लेकर राज्य सरकार लगातार संबंधित विभागों और केंद्रीय स्तर पर संपर्क एवं समन्वय बनाए हुए है। राष्ट्रीय स्तर पर भी मजबूत पैरवी की जा रही है, ताकि आवश्यक प्रक्रियाएं समयबद्ध तरीके से पूरी हों और छात्रों के हित पूरी तरह सुरक्षित रहें।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सरकार का प्रयास केवल मेडिकल कॉलेजों की इमारतें खड़ी करना नहीं, बल्कि उत्तराखंड में एक मजबूत चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य ढांचा विकसित करना है। इसके लिए आवश्यक संसाधनों, फैकल्टी, बुनियादी ढांचे और अन्य मानकों को पूरा करने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष को हर विकास कार्य में केवल राजनीति दिखाई देती है। जिन मेडिकल कॉलेजों के माध्यम से उत्तराखंड के युवाओं को भविष्य में बड़े अवसर मिलने जा रहे हैं, उन परियोजनाओं को लेकर कांग्रेस भ्रम और आशंका फैलाने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि धामी सरकार छात्रों और अभिभावकों की चिंताओं को पूरी तरह समझती है और किसी भी छात्र के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। सरकार सभी आवश्यक कदम उठाते हुए यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि रुद्रपुर और पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेजों में इसी शैक्षिक सत्र से मेडिकल शिक्षा प्रारंभ हो सके।
श्रीमती हनी पाठक ने कहा कि कांग्रेस को अनावश्यक बयानबाजी और भय का माहौल बनाने के बजाय उत्तराखंड के चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र के विस्तार में सरकार के सकारात्मक प्रयासों का समर्थन करना चाहिए। धामी सरकार पूरी जिम्मेदारी और गंभीरता के साथ कार्य कर रही है तथा प्रदेश के युवाओं के भविष्य को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी।

