– कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने छात्र के समर्थन में दिया धरना, प्रियंका गांधी, कुमारी शैलजा व पूर्व सीएम हरीश रावत भी शामिल हुए
पहाड़ का सच/ एजेंसी।
नई दिल्ली। एक महीने पहले जंतर मंतर पर हुए छात्र आंदोलन में पैलेट गन से घायल हुए 19 वर्षीय छात्र साहिल लोचब की शिकायत पर अज्ञात लोगों के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। पहले मुकदमा दर्ज करने में आनाकानी कर रही दिल्ली पुलिस के बर्ताव को देख कांग्रेस नेता राहुल गांधी व प्रियंका गांधी डीसीपी ऑफिस के बाहर धरने पर बैठ गए थे।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन के कथित इस्तेमाल और 19 वर्षीय छात्र साहिल लोचब को गंभीर चोटें आने के मामले में दिल्ली पुलिस ने आखिरकार एफआईआर दर्ज कर ली है। यह एफआईआर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा द्वारा संसद मार्ग पुलिस स्टेशन के बाहर करीब साढ़े सात घंटे तक दिए गए कड़े धरने के बाद दर्ज की गई है।
20 जुलाई को ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) और छात्रों के नेतृत्व में दिल्ली पुलिस परीक्षा 2025 के पेपर लीक के खिलाफ जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन और ‘संसद चलो’ मार्च आयोजित किया गया था। पीड़ित छात्र साहिल लोचब (निवासी नजफगढ़, दिल्ली यूनिवर्सिटी SOL छात्र) के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान दोपहर में अचानक पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया, जिससे वहां भगदड़ मच गई।
साहिल जब हाथ में तिरंगा लेकर भीड़ में आगे बढ़ रहा था, तभी नीली वर्दी (संभावित रैपिड एक्शन फोर्स – RAF) पहने एक व्यक्ति ने बड़ी बंदूक से उस पर कई मेटल पैलेट (छर्रे) दाग दिए। सीटी स्कैन की रिपोर्ट के अनुसार, साहिल की छाती, हाथ और दाहिनी आंख के पास 200 से ज्यादा छर्रे लगे हैं।
डॉक्टरों के मुताबिक साहिल की दाहिनी आंख की रोशनी वापस आने की संभावना 1 प्रतिशत से भी कम है और उसे अब सिर्फ अंधेरा दिखाई देता है। उसका इलाज एम्स (AIIMS) और सफदरजंग अस्पताल में चल रहा है।
शुक्रवार को हुए घटनाक्रम के अनुसार राहुल गांधी सुबह करीब 11:30 बजे साहिल और उसकी मां को लेकर पहले मंदिर मार्ग और फिर संसद मार्ग थाने पहुंचे। जब पुलिस ने केस दर्ज करने से मना कर दिया, तो राहुल गांधी वहीं डीसीपी (DCP) कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। करीब साढ़े सात घंटे चले इस हाई-वोल्टेज धरने के बाद शाम को पौने सात बजे दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज की।
दिल्ली पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 के तहत मुकदमा दर्ज किया है।धारा 118(1): खतरनाक हथियारों या साधनों से जानबूझकर गंभीर चोट पहुंचाना।
धारा 125: लापरवाही या उतावलेपन से ऐसा काम करना, जिससे दूसरों की जान या व्यक्तिगत सुरक्षा खतरे में पड़े।
राहुल गांधी ने कहा कि “एक महीना हो गया है, छर्रे अभी भी शरीर और आंख में हैं। पुलिस पर ऊपर (गृह मंत्रालय/अमित शाह) से दबाव था, इसलिए एफआईआर रोकने की कोशिश की जा रही थी। यह न्याय की दिशा में पहला कदम है। इससे पहले दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पर फैक्ट-चेक जारी कर पैलेट गन या गोली चलने की खबरों को अफवाह बताया था और कहा था कि छात्र को किसी भोथरी वस्तु से सामान्य चोट आई थी। हालांकि, अब आधिकारिक तौर पर केस दर्ज कर जांच सब-इंस्पेक्टर मोहित वर्मा को सौंप दी गई है।

