हरीश जोशी/पहाड़ का सच देहरादून। उत्तराखंड में नवंबर 2023 का सिल्क्यारा और हाल ही में अगस्त 2026 का पीपलकोटी टनल हादसा बड़े भूगर्भीय संकट रहे हैं, जिनमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने व्यक्तिगत रूप से मौके पर पहुंचकर और कमान संभालकर राहत कार्यों की निगरानी की।
आपदा के मुहाने पर उनकी निरंतर मौजूदगी ने राहत व बचाव कार्यों में लगी सरकारी मशीनरी के हौसले बुलन्द रखे और आपदा प्रभावितों तक से समय से मदद पहुंची।
पीपलकोटी टनल हादसा (चमोली) 2026: 13 अगस्त 2026 को चमोली के मायापुर पीपलकोटी में टीएचडीसी (THDC) की निर्माणाधीन टनल में अचानक मलबा और पानी भर गया। इस हादसे में पानी और दलदली मलबे के कारण 10 मजदूरों की दुखद मृत्यु हुई।
घटना की सूचना मिलते ही सीएम धामी ने खराब मौसम के बावजूद हेलीकॉप्टर से पीपलकोटी टनल स्थल का दौरा किया. उन्होंने टनल के अंदर जाकर राहत और बचाव कार्यों का जायजा लिया। घायलों से मिलने वे गोपेश्वर जिला अस्पताल और एम्स ऋषिकेश पहुंचे। मृतकों के परिजनों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की तथा घटना की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए।
सिल्क्यारा टनल हादसा (उत्तरकाशी) 2023: 12 नवंबर 2023 को यमुनोत्री हाईवे पर सिल्क्यारा में निर्माणाधीन सुरंग का एक हिस्सा ढह गया था। सुरंग के भीतर 41 मजदूर 17 दिनों तक अंदर फंसे रहे। भारी मलबा, कंक्रीट और ड्रिलिंग में आने वाली तकनीकी बाधाएं मुख्य समस्या थीं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खुद उत्तरकाशी में डेरा डाला। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पल-पल की जानकारी दी। केंद्रीय एजेंसियों, एनडीआरएफ (NDRF) और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया। 17वें दिन सभी 41 मजदूरों को सकुशल बाहर निकाला गया, जिसमें सीएम धामी ने राहत टीम का हौसला बढ़ाया।
सिल्क्यारा रेस्क्यू ऑपरेशन में अंतरराष्ट्रीय टनल विशेषज्ञ अर्नोल्ड डिक्स (Arnold Dix) ने मौके पर पहुंचकर तकनीकी सलाह और सहयोग दिया था, जिससे इस अभियान को वैश्विक पहचान मिली। बाद में विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों और बैठकों (जैसे ब्रिक्स आपदा जोखिम न्यूनीकरण कार्य समूह) में भी दुर्गम पहाड़ी परिस्थितियों में भारत और उत्तराखंड की इस सफल रेस्क्यू रणनीति और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की भूमिका की सराहना की।