बिना बीमा वाहन के पकड़े जाने पर जेल की सजा या भारी भरकम जुर्माना

देहरादून। उत्तराखण्ड के वाहन चालकों के लिए एक परेशानी खड़ी वाली खबर सामने आई है। मोटरयान अधिनियम के तहत अब वाहन चालक गियर वाली मोटरसाइकिल के लाइसेंस पर बिना गियर वाला दोपहिया वाहन यानी स्कूटी और उसी के तरह के वाहन नहीं चला सकेंगे। इसके लिए उन्हें अलग से लाइसेंस बनाना होगा जिनका गियर वाले मोटरसाइकिल का लाइसेंस बना हुआ है उन्हें बिना गियर वाले दोपहिया वाहन का उल्लेख भी अपने लाइसेंस में कराना होगा।
नए बदलाव में वाहन चालकों को एक सुविधा भी मिली है। अब उत्तराखंड का निवासी प्रदेश के किसी भी आरटीओ कार्यालय से ड्राइविंग लाइसेंस बनवा सकेगा। इसके लिए उसी जिले या संभाग के आरटीओ तक सीमित रहने की जरूरत नहीं होगी। इसी तरह वाहन पंजीकरण को लेकर भी क्षेत्रीय सीमा में बदलाव किया गया है। पहले सामान्य तौर पर वाहन का पंजीकरण उस संभाग या उपसंभाग में कराया जाता था जहां वाहन मालिक रहता था। नए प्रावधान के तहत प्रदेश के भीतर दूसरे स्थान से भी वाहन पंजीकरण कराने का रास्ता खुल गया है। इससे खासकर नौकरी या पढ़ाई के कारण अपने गृह जिले से अलग शहर में रहने वाले लोगों को सुविधा मिल सकती है।
बता दें उत्तराखंड में वाहन का बीमा करने में लापरवाही वाहन स्वामी की जेब पर अब भारी पड़ने वाली है। बिना बीमा के लाइसेंस वाहन चलाते पकड़े जाने पर पहली बार में बेस प्रीमियम का तीन गुना अथवा ₹5000 जो भी अधिक हो वसूल किया जाएगा। प्रदेश में पूरे देश की तरह जन विश्वास अधिनियम लागू हो चुका है ,जिसमें मोटरयान अधिनियम के अंतर्गत कई दंड के प्राविधानों को सरल करने के साथ आर्थिक दंड बढ़ाया गया है।
नए संशोधन में वाहन बीमा को लेकर कई बदलाव किए गए हैं। इसमें बिना बीमा वाहन के पकड़े जाने पर जेल की सजा का प्रविधान समाप्त कर दिया गया है। इसमें यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई दूसरी बार बिना बीमा के वाहन के साथ पकड़ा जाता है तो उससे बीमा के बेस प्रीमियम का पांच गुना अथवा 10 हजार रुपये, जो भी अधिक हो वह वसूल किया जायेगा।
