पहाड़ का सच देहरादून। यूजेवीएन लिमिटेड के 144 मेगावाट क्षमता वाले चीला विद्युत गृह की इकाई संख्या-4 के व्यापक नवीनीकरण, आधुनिकीकरण एवं उच्चीकरण (Renovation, Modernization & Upgradation—RMU) कार्यों के पश्चात इकाई को शुक्रवार को सफलतापूर्वक ग्रिड के साथ सिंक्रोनाइज कर दिया गया। यह उपलब्धि प्रदेश की जलविद्युत उत्पादन क्षमता को सुदृढ़ करने तथा स्वच्छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा की उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।

इस महत्वपूर्ण उपलब्धि की जानकारी देते हुए यूजेवीएन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक अजय कुमार सिंह ने बताया कि 14 अगस्त 2026 को इकाई संख्या-4 को RMU कार्यों के पश्चात सफलतापूर्वक ग्रिड के साथ सिंक्रोनाइज किया गया। सिंक्रोनाइजेशन के दौरान निर्धारित परीक्षणों के क्रम में 36 मेगावाट क्षमता की इकाई को सफलतापूर्वक 39 मेगावाट लोड तक संचालित किया गया। यह इकाई की बढ़ी हुई क्षमता, दक्षता, प्रदर्शन एवं परिचालन विश्वसनीयता का महत्वपूर्ण प्रमाण है।
सिंह ने कहा कि 36 मेगावाट की इकाई का 39 मेगावाट तक सफल संचालन अपने आप में एक उल्लेखनीय तकनीकी उपलब्धि है। स्थापित क्षमता में प्रति इकाई 3 मेगावाट की वृद्धि को दीर्घकालीन उत्पादन के परिप्रेक्ष्य में देखा जाए तो इससे आने वाले वर्षों में प्रदेश को अतिरिक्त स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण योगदान प्राप्त होगा।
उन्होंने बताया कि 36 मेगावाट की चार इकाइयों से युक्त 144 मेगावाट क्षमता के चीला विद्युत गृह की इकाई संख्या-4 में किए गए RMU कार्यों का मुख्य उद्देश्य महत्वपूर्ण विद्युत एवं यांत्रिक उपकरणों तथा सहायक प्रणालियों को आधुनिक तकनीकी मानकों के अनुरूप उन्नत करना, इकाई की कार्यक्षमता एवं विश्वसनीयता बढ़ाना तथा इसके दीर्घकालीन सुरक्षित संचालन एवं उत्पादन जीवनकाल को बढ़ाना था।
प्रबंध निदेशक ने कहा कि RMU कार्यों के सफल समापन और इकाई के पुनः ग्रिड से जुड़ने से चीला विद्युत गृह की उत्पादन क्षमता, परिचालन दक्षता और विश्वसनीयता को नई मजबूती मिली है। इससे राज्य की विद्युत व्यवस्था को अतिरिक्त स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराने के साथ-साथ ग्रिड की मांग के अनुरूप विद्युत आपूर्ति को अधिक प्रभावी ढंग से सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी।
