
पहाड़ का सच देहरादून। उत्तराखंड राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद द्वारा राज्य सरकार स्वास्थ्य योजना (एसजीएचएस/गोल्डन कार्ड) से संबंधित कर्मचारियों एवं पेंशनरों की समस्याओं को लगातार प्रमुखता से उठाए जाने का सकारात्मक परिणाम सामने आया है।
परिषद के आग्रह पर 12 जून 2026 को चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग में आयोजित बैठक में उठाए गए विभिन्न बिंदुओं पर कार्यवृत्त जारी कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। जारी कार्यवृत्त के अनुसार राज्य सरकार स्वास्थ्य योजना को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं कर्मचारी हितैषी बनाने के उद्देश्य से गेप फंडिंग की व्यवस्था, आश्रितों की 25 वर्ष की आयु सीमा समाप्त करने, अस्पतालों को किए जाने वाले भुगतानों की वार्षिक ऑडिट व्यवस्था, शिकायत निवारण प्रणाली को अधिक सुदृढ़ बनाने तथा अस्पतालों में कैशलेस उपचार व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है।
इसके साथ ही सैनिक अस्पतालों में कैशलेस उपचार, राजकीय चिकित्सालयों में विभिन्न प्रकार की कैशलेस डायग्नोस्टिक सुविधाओं का विस्तार, आयुष चिकित्सा पद्धति को योजना से जोड़ने, अस्पतालों में पारदर्शिता बढ़ाने तथा लाभार्थियों को उपचार एवं भुगतान संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने जैसे महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए हैं।
कार्यवृत्त में अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद उपचार एवं व्यय का विवरण मोबाइल पर उपलब्ध कराने, ओवरचार्जिंग की शिकायतों के त्वरित निस्तारण, कॉल सेंटर को अधिक प्रभावी बनाने तथा संबंधित अधिकारियों के नाम एवं दूरभाष संख्या अस्पतालों में प्रदर्शित करने के भी निर्देश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त सेवानिवृत्ति के उपरांत यूपीएस (UPS) धारकों को भी योजना का लाभ प्रदान किए जाने तथा फ्री डायग्नोस्टिक स्कीम में आधार कार्ड के साथ गोल्डन कार्ड को भी वैध पहचान पत्र के रूप में मान्यता देने की दिशा में भी आवश्यक कार्यवाही किए जाने का निर्णय लिया गया है।
परिषद के अध्यक्ष अरुण पांडे ने कहा कि राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद लंबे समय से गोल्डन कार्ड योजना से जुड़ी व्यावहारिक समस्याओं को लगातार शासन के समक्ष प्रमुखता से उठाती रही है। परिषद के निरंतर प्रयासों एवं सकारात्मक संवाद का ही परिणाम है कि कर्मचारियों एवं पेंशनरों के हित में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि परिषद को विश्वास है कि इन निर्णयों का समयबद्ध एवं प्रभावी क्रियान्वयन होने से राज्य के हजारों कर्मचारियों, पेंशनरों तथा उनके आश्रितों को बेहतर, पारदर्शी एवं सुलभ स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि परिषद शेष लंबित समस्याओं के समाधान के लिए भी शासन स्तर पर निरंतर प्रयास करती रहेगी।

