
एक गिरफ्तार, तीन फरार, लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी
हरिद्वार। श्यामपुर रेंज में दो बाघों की संदिग्ध मौत के मामले में वन मंत्री सुबोध उनियाल बुधवार को घटनास्थल पहुंचे और अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश देते हुए विभागीय लापरवाही पाए जाने पर सीधे निलंबन की चेतावनी दी।
जानकारी के अनुसार सोमवार शाम श्यामपुर रेंज के सजनपुर बीट क्षेत्र में गश्त के दौरान वनकर्मियों को करीब दो वर्ष के नर बाघ का शव मिला था। मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए वन विभाग ने एक वन गुज्जर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। अगले दिन उसी क्षेत्र के आसपास एक मादा बाघ का शव भी बरामद हुआ, जिससे वन विभाग में हड़कंप मच गया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वन गुज्जरों की भैंस का शिकार बाघिन ने किया था। इसके बाद कथित तौर पर भैंस के शव पर जहरीला पदार्थ लगाया गया, जिसे खाने से बाघों की मौत हो गई। घटनास्थल से मृत भैंस का शव भी बरामद किया गया। दोनों बाघों के चारों पैर कटे हुए मिले, हालांकि उनकी खाल और दांत सुरक्षित पाए गए। पास के इलाके से बाघिन के बच्चों के शव मिलने की भी सूचना है।
वन विभाग को पहले से वन गुज्जरों की संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली थी, जिसके बाद इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया गया। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी रात के अंधेरे में बाघों की खाल उतारने और दांत निकालने की तैयारी में थे, लेकिन उससे पहले वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई।
वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि यह बेहद घृणित और गंभीर मामला है। इसकी गहन जांच कराई जाएगी और यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वन्यजीवों के साथ क्रूरता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मामले में एक आरोपी की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि तीन अन्य आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। उनकी तलाश में अलग-अलग टीमें उत्तराखंड के साथ अन्य राज्यों में भी दबिश दे रही हैं। घटना के बाद कई वन गुज्जर अपने डेरे छोड़कर चले गए हैं और पुलिस व वन विभाग उनसे पूछताछ कर रहे हैं।

