
देहरादून। अंकिता मर्डर केस के वीआईपी की जांच के बाबत डॉ अनिल प्रकाश जोशी की ओर से दर्ज FIR पर पूर्व सीएम हरीश रावत ने उठाये सवाल। कहा कि, नयी FIR अंकिता की माता-पिता की ओर से दायर होनी चाहिए थी। सोशल मीडिया में भी पर्यावरणविद डॉ अनिल प्रकाश के इस कदम पर गम्भीर चर्चा शुरू हो गयी है। आम जनता पूछ रही है कि बीते तीन साल में डॉ जोशी ने अंकिता हत्या पर कभी कोई कदम उठाया? इस मुद्दे पर डॉ जोशी की सक्रियता के दस्तावेज भो खंगाले जा रहे हैं।

अब अचानक सीबीआई जांच के संदर्भ में डॉ जोशी ने FIR करवा दी। सोशल मीडिया में जनता यह भी सवाल कर रही है कि पर्यावरण से जुड़े कई अहम मुद्दों (पेड़ कटान आदि) पर जोशी जी जनता के बीच नजर नहीं आए। अब अचानक अंकिता के मुद्दे पर डॉ जोशी की ओर से अंकिता मर्डर पर वीआईपी की शिनाख्त को लेकर कराई गई प्राथमिकी ने राजनीतिक माहौल गर्म कर दिया है। चर्चित स्वामी दर्शन भारती के भी अचानक उर्मिला सनावर के साथ नजर आने पर यही सवाल उठे थे।
वनन्तरा रिसॉर्ट में बुलडोजर चलाने में किस किस की अहम भूमिका रही। और क्यों बुलडोजर चलवाया गया। सबूत मिटाने के इस मामले में कई लोगों के नाम की भी पूरे प्रदेश में चर्चा हो रही है।
देर रात बुलडोजर क्यों चलवाया गया..और इस कार्रवाई में कौन कौन शामिल थे। सीएम धामी के सीबीआई की जॉच सम्बन्धी जनफैसले में यह बिंदु भी प्रमुखता से जुड़ना चाहिए। डॉ जोशी की अंकिता प्रकरण में सवा तीन साल बाद एकाएक सक्रियता ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सलाहकारों की सलाह भी जगहंसाई का मुद्दा बनती जा रही है। /
