
– महिला कांग्रेस ने गिरधारी के बयान को लपका, शुक्रवार 2 जनवरी को मंत्री रेखा आर्य के आवास का घेराव

– मंत्री रेखा आर्य अपनी स्थिति स्पष्ट करे,गिरधारी बच्चियों से माफी मांगे
देहरादून। राज्य में अंकिता हत्याकांड से जुड़े वीआईपी मामले के आक्रोश में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल साहू के एक बयान ने आग में घी डालने का काम किया है। उत्तराखंड महिला कांग्रेस ने मंत्री पति का एक वीडियो जारी किया है जिसमें गिरधारी कहते सुने जा रहे हैं कि बिहार में लड़कियां बीस या पच्चीस हजार में मिल जाती हैं।
प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती ज्योति रौतेला ने राज्य की महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्रालय जैसी अत्यंत संवेदनशील जिम्मेदारी संभालने वाली मंत्री श्रीमती रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल साहू द्वारा सार्वजनिक मंच से दिये गये बयान जिसमें उन्होंने कहा कि ’’बिहार से 20-25 हजार रुपये में लड़कियां आसानी से मिल जाती हैं” की कठोर शब्दों में निन्दा करते हुए कहा कि रेखा आर्य के पति का यह बयान न केवल घोर निंदनीय और शर्मनाक है, बल्कि यह पूरे देश की महिलाओं और बच्चियों की गरिमा पर सीधा हमला है।
ज्योति रौतेला ने कहा कि गिरधरी लाल साहू का यह बयान महिलाओं को वस्तु के रूप में प्रस्तुत करता है और मानव तस्करी, बाल विवाह, महिला शोषण तथा लैंगिक अपराध जैसी जघन्य सामाजिक बुराइयों को सामान्य बनाने वाली उनके जैसे विकृत मानसिकता वाले लोगों की सोच को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि एक तरफ देश एवं प्रदेश की सरकार बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ जैसे अभियानों की बात करती है, वहीं मंत्री रेखा आर्य के पति की इस प्रकार की मानसिकता देश के संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों और महिला अधिकारों के पूर्णतः विरुद्ध है। .उन्होंने कहा कि इस पूरे प्रकरण का सबसे गंभीर और चिंताजनक पक्ष यह है कि यह बयान उस परिवार से आया है, जिसकी सदस्य स्वयं उत्तराखंड राज्य में महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्रालय की मंत्री हैं। यह मंत्रालय महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की रक्षा हेतु गठित किया गया है। ऐसे में मंत्री के पति द्वारा इस प्रकार की भाषा का प्रयोग न केवल नैतिक पतन को दर्शाता है, बल्कि सरकार की कथनी और करनी के बीच के गहरे अंतर को भी उजागर करता है।
ज्योति रौतेला ने कहा कि उत्तराखंड प्रदेश महिला कांग्रेस इस मामले में स्पष्ट और कठोर मांग करती है कि महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य इस पूरे प्रकरण पर तत्काल सार्वजनिक रूप से अपनी स्थिति स्पष्ट करें। गिरधारी लाल साहू अपने आपत्तिजनक और अमानवीय बयान के लिए देश व प्रदेश की समस्त महिलाओं और बच्चियों से बिना शर्त सार्वजनिक माफी मांगें।
महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्रालय इस बयान का संज्ञान लेते हुए गिरधारी लाल साहू के खिलाफ स्पष्ट और कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करे, ताकि समाज में यह संदेश जाए कि महिलाओं के सम्मान से खिलवाड़ किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। तथा इस गंभीर मामले में राज्य सरकार अपनी नैतिक और संवैधानिक जिम्मेदारी तय करे।
ज्योति रौतेला ने कहा कि उत्तराखंड प्रदेश महिला कांग्रेस स्पष्ट शब्दों में कहना चाहती है कि महिलाओं की गरिमा, सुरक्षा और सम्मान पर किसी भी प्रकार का हमला स्वीकार्य नहीं है। यदि सरकार और उसके प्रतिनिधि इस तरह की सोच को संरक्षण देंगे, तो महिला कांग्रेस सड़कों से लेकर सदन तक आन्दोलन करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश महिला कांग्रेस अंकिता भंडारी हत्याकांड और उनके पति द्वारा महिलाओं के बारे में दिये गये बयान के खिलाफ कल दिनांक 2 जनवरी 2026 को महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य के यमुना कॉलोनी स्थित आवास का घेराव करेगी।
