
ज्योतिष इंद्रमोहन डंडरियाल

🚩*~ सनातन पंचांग ~*🚩
🌤️ *दिनांक – 09 अप्रैल 2026*
🌤️ *दिन – गुरूवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2083 (गुजरात अनुसार 2082)*
🌤️ *शक संवत -1948*
🌤️ *अयन – उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु – वसंत ॠतु*
⛅ *अमांत – 26 गते चैत्र मास प्रविष्टि*
⛅ *राष्ट्रीय तिथि – 19 चैत्र मास*
🌤️ *मास – वैशाख (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार चैत्र)*
🌤️ *पक्ष – कृष्ण*
🌤️ *तिथि – सप्तमी रात्रि 09:19 तक तत्पश्चात अष्टमी*
🌤️ *नक्षत्र – मूल सुबह 08:48 तक तत्पश्चात पूर्वाषाढा*
🌤️ *योग – परिघ शाम 05:58 तक तत्पश्चात शिव*
🌤️*राहुकाल – दोपहर 01:53 से शाम 03:27 तक*
🌤️ *सूर्योदय – 06:58*
🌤️ *सूर्यास्त – 06:41*
👉 *दिशाशूल – दक्षिण दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण-
💥 *विशेष – सप्तमी को ताड़ का फल खाने से रोग बढ़ता है तथा शरीर का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
🚩~*सनातन पंचांग* ~🚩
वरुथिनी एकादशी (कृष्ण पक्ष)
⚠️
तिथि प्रारंभ: 12 अप्रैल 2026, रविवार — रात 08:12 बजे
तिथि समाप्त: 13 अप्रैल 2026, सोमवार — रात 09:45 बजे
व्रत रखने की तिथि: 13 अप्रैल 2026 (सोमवार)
🌷 *शिवलिंग के दर्शन हेतु* 🌷
🙏🏻 *शिवलिंग पर दूध, जल चढाने जाना हो तो हमेशा सुबह खाली पेट जाना चाहिए | जो जाते हो वो इस बात का ध्यान रखे | चाय – नाश्ता न करके जाए |*
🚩*~ सनातन पंचांग ~*🚩
🌷 *कलह, धन-हानि व रोग-बाधा से परेशान हों तो* 🌷
🏡 *घर में कलहपूर्ण वातावरण, धन-हानि एवं रोग-बाधा से परेशानी होती हो तो आप अपने घर में मोरपंख कि झाड़ू या मोरपंख पूजा-स्थल में रखें |*
➡️ *नित्य नियम के बाद मन-ही-मन भगवन्नाम या गुरुमंत्र का जप करते हुए इस पंख या झाड़ू को प्रत्येक कमरे में एवं रोग-पीड़ित के चारों तरफ गोल-गोल घुमाये |*
➡️ *कुछ देर ‘ॐकार ‘ का कीर्तन करें-करायें | ऐसा करने से समस्त प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है तथा ऊपरी एवं बुरी शक्तियों का प्रभाव भी दूर हो जाता है |*
🚩*~ सनातन पंचांग ~*🚩
🌷 *आम के आम, गुठलियों के दाम* 🌷
*आम की गुठली को तोड़कर उसमें निकली गिरी को टुकड़े करके नमक में सेक ले 100 ग्राम लेने से साल भर B12 की कमी नही होगी।*
🙏🏻 पंचक अवधि (April 2026 Panchak)
आरंभ (शुरुआत): 17 अप्रैल 2026, शुक्रवार — सुबह लगभग 07:08 बजे
समापन (अंत): 22 अप्रैल 2026, बुधवार — सुबह लगभग 05:52 बजे
🚩*~ सनातन पंचांग ~*🚩
🙏🏻🌷💐🌸🌼🌹🍀🌺💐🙏🏻🌹
