
ज्योतिष इंद्रमोहन डंडरियाल

🚩*~ सनातन पंचांग ~*🚩
🌤️ *दिनांक – 25 मार्च 2026*
🌤️ *दिन – बुधवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2083 (गुजरात अनुसार 2082)*
🌤️ *शक संवत -1948*
🌤️ *अयन – उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु – वसंत ॠतु*
⛅ *अमांत – 11 गते चैत्र मास प्रविष्टि*
⛅ *राष्ट्रीय तिथि – 3 चैत्र मास*
🌤️ *मास – चैत्र*
🌤️ *पक्ष – शुक्ल*
🌤️ *तिथि – सप्तमी दोपहर 01:50 तक तत्पश्चात अष्टमी*
🌤️ *नक्षत्र – मृगशिरा शाम 05:33 तक तत्पश्चात आर्द्रा*
🌤️ *योग – सौभाग्य 26 मार्च रात्रि 03:09 तक तत्पश्चात शोभन*
🌤️*राहुकाल – दोपहर 12:23 से दोपहर 01:54 तक*
🌤️ *सूर्योदय – 06:16*
🌤️ *सूर्यास्त – 06:31*
👉 *दिशाशूल – उत्तर दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण- बुधवारी अष्टमी (दोपहर 01:50 से 26 मार्च सूर्योदय तक)*
💥 *विशेष – सप्तमी को ताड़ का फल खाने से रोग बढ़ता है तथा शरीर का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
🚩~*सनातन पंचांग* ~🚩
🌷 *बुधवारी अष्टमी* 🌷
➡ *25 मार्च 2026 बुधवार को दोपहर 01:50 से 26 मार्च सूर्योदय तक शुक्लपक्ष की बुधवारी अष्टमी हैं ।*
🌷 *बुधवायुक्तायां शुक्ला शुक्लाष्टम्यां, परयुता ग्राह्या*
👉🏻 *बुधवारी शुक्लपक्ष अष्टमी बहुत पुण्यशाली होती है और इस दिन किया गया स्नान, दान, धर्म, जप, तप आदि सब सूर्यग्रहण के समान फल देते हैं।*
🌷 *अमावस्या तु सोमेन सप्तमी भानुना सह।*
*चतुर्थी भूमिपुत्रेण सोमपुत्रेण चाष्टमी।*
*चतस्रस्तिथयस्त्वेताः सूर्यग्रहणसन्निभाः॥*
🙏🏻 *शिवपुराण, गरुड़पुराण, अग्निपुराण, भविष्यपुराण, स्कंदपुराण सभी में बुधाष्टमी की महत्ता का वर्णन है।*
🙏🏻 *भविष्यपुराण में श्रीकृष्ण बुधाष्टमी के व्रत की महत्ता बताते हुए कहते हैं कि इसको करने से नरक का मुख नहीं देखना पड़ता।*
🌷 *“बुधाष्टमीव्रतं भूयो ब्रवीमि शृणु पांडव ।*
*येन चीर्णेन नरकं नरः पश्यति न क्वचित् ।।”*
🚩~*सनातन पंचांग*~🚩
🌷 *ससुराल में तकलीफ हो तो* 🌷
👩🏻 *जिनको शादी के बाद कठिनाई आती है… ससुराल में ….उनको चैत्र मास शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को (यानि 26 मार्च 2026 गुरूवार को)– ॐ ह्रीं गौरिये नम: | ॐ ह्रीं गौरिये नम: | का जप करे | और प्रार्थना करे “की शिवजी की अति प्रिय हो माँ… हमारे परिवार में ये समस्या न रहें |*
🙏🏻 *”आपके परिचितों में किसी को भी बेटी, बहन शादी के बाद दिक्कते आती हो तो आप इनको बता दें | ऐसा करें बेटी न कर पाये तो बाप तो करे, भाई करें, बहन करें की मेरी बेटी, बहन को ऐसी तकलीफ न हो ऐसा संकल्प करें, नाम और गोत्र का उच्चारण करके |*
🙏🏻 *- Shri Sureshanandji Ahmedabad 12th April’ 2013*
🚩*~ सनातन पंचांग ~*🚩
🌷 *काम धंधे में सफलता एवं राज योग के लिए* 🌷
🙏🏻 *अगर काम धंधा करते हैं और सफलता नहीं मिलती हो या विघ्न आते हों तो शुक्ल पक्ष की अष्टमी को.. बेल के कोमल -कोमल पत्तों पर लाल चन्दन लगा कर माँ जगदम्बा को अर्पण करने से …. मंत्र बोले ” ॐ ह्रीं नमः । ॐ श्रीं नमः । ” और थोड़ी देर बैठ कर प्रार्थना और जप करने से राज योग बनता है गुरु मंत्र का जप और कभी -कभी ये प्रयोग करें नवरात्रियों में तो खास करें | देवी भागवत में वेद व्यासजी ने बताया है।*
🚩*~ सनातन पंचांग ~*🚩
🌷 *चैत्र नवरात्रि* 🌷
🙏🏻 *नवरात्रि की अष्टमी यानी आठवें दिन माता दुर्गा को नारियल का भोग लगाएं । इससे घर में सुख समृद्धि आती है ।*
🚩*~ सनातन पंचांग ~*🚩
🌷 *चैत्र नवरात्रि* 🌷
🙏🏻 *मन की शांति मिलती है मां महागौरी की पूजा से* 🌷
*नवरात्रि के आठवें दिन मां महागौरी की पूजा की जाती है। आदिशक्ति श्री दुर्गा का अष्टम रूप श्री महागौरी हैं। मां महागौरी का रंग अत्यंत गोरा है, इसलिए इन्हें महागौरी के नाम से जाना जाता है। नवरात्रि का आठवां दिन हमारे शरीर का सोम चक्रजागृत करने का दिन है। सोमचक्र ललाट में स्थित होता है। श्री महागौरी की आराधना से सोमचक्र जागृत हो जाता है और इस चक्र से संबंधित सभी शक्तियां श्रद्धालु को प्राप्त हो जाती है। मां महागौरी के प्रसन्न होने पर भक्तों को सभी सुख स्वत: ही प्राप्त हो जाते हैं। साथ ही, इनकी भक्ति से हमें मन की शांति भी मिलती है।*
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