
ज्योतिष इंद्रमोहन डंडरियाल

🚩*~ सनातन पंचांग ~*🚩
🌤️ *दिनांक – 11 मार्च 2026*
🌤️ *दिन – बुधवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2082*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन – उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु – वसंत ॠतु*
⛅ *अमांत – 27 गते फाल्गुन मास प्रविष्टि*
⛅ *राष्ट्रीय तिथि – 19 फाल्गुन मास*
🌤️ *मास – चैत्र ( गुजरात-महाराष्ट्र-फाल्गुन)*
🌤️ *पक्ष – कृष्ण*
🌤️ *तिथि – अष्टमी 12 मार्च प्रातः 04:19 तक तत्पश्चात नवमी*
🌤️ *नक्षत्र – ज्येष्ठा रात्रि 10:00 तक तत्पश्चात मूल*
🌤️ *योग – वज्र सुबह 09:12 तक तत्पश्चात सिद्धि*
🌤️*राहुकाल – दोपहर 12:27 से दोपहर 01:55 तक*
🌤️ *सूर्योदय – 06:34*
🌤️ *सूर्यास्त – 06:23*
👉 *दिशाशूल – उत्तर दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण- बुधवारी अष्टमी,(सूर्योदय से 12 मार्च प्रातः 04:19 तक)*
💥 *विशेष – *अष्टमी को नारियल का फल खाने से बुद्धि का नाश होता है (ब्रह्मवैवर्त पुराण ब्रह्म खण्ड: 27,29,34)*
🚩*सनातन पंचांग*~🚩
🌷 *व्यतिपात योग* 🌷
➡️ *12 मार्च 2026 सुबह 09:59 से 13 मार्च सुबह 10:32 तक व्यतिपात योग है।*
🙏🏻 *व्यतिपात योग की ऐसी महिमा है कि उस समय जप पाठ प्राणायम, माला से जप या मानसिक जप करने से भगवान की और विशेष कर भगवान सूर्यनारायण की प्रसन्नता प्राप्त होती है जप करने वालों को, व्यतिपात योग में जो कुछ भी किया जाता है उसका १ लाख गुना फल मिलता है।*
🙏🏻 *वाराह पुराण में ये बात आती है व्यतिपात योग की।*
🚩*सनातन पंचांग*~🚩
🌷 *संतान आगमन पर* 🌷
👉🏻 *बच्चा पैदा हो उसको गुनगुने पानी से नहलाकर पिता की गोद में रखना चाहिये ।*
👦🏻 *पिता उस बच्चे को देखे और बोले उसके कान में*
🌷 *ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ (7 बार) अश्मा भव*
🌷 *ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ (7 बार) परशु भव*
🌷 *ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ (7 बार ) हिरन्यस्तुम भव*
👉🏻 *तू चट्टान की नाईं दृढ़ होना तू विघ्न बाधाओं और पापों को काटने वाला कुल्हाड़ा बनना तू सुवर्ण की नाईं- लोहे को दाग लग जाता है, तांबे को भी जंग लग जाता है, लेकिन सोना ज्यों का त्यों रहत है ऐसे ही तू संसार में निर्लेप रहना ऐसा करके बाप माँ की गोद में बच्चे को ड़ाल दे।*
👉🏻 *फिर माँ क्या करे ?उसे स्तन-पान न कराए कुछ भी उसके मुँह में न ड़ाले; पहले माँ को क्या करना चाहिए माँ हो, मौसी हो, जो भी हो, एक बूँद शहद की, दस बूँद घी की, दोनों को मिला दे, और सोने की सलाई से (अगर सोने की सलाई खरीदने की ताकत नहीं है तो चाँदी की सलाई पर सोने का पानी चढ़ा दे ) शहद और घी के विमिश्रण से (सममिश्रण होगा तो ज़हर बनता है- या तो शहद का वजन ज्यादा हो, या तो घी का ज्यादा हो; बराबरी में जहर होता है ) बालक की जीभ पर ॐ लिख देवें बाद में उसको जो भी देना हो, पानी/दूध दे सकते हैं बच्चा ऐसा बनेगा कि 7 पीढ़ी के खानदान में ऐसा नहीं हुआ होगा जैसा ये बालक/बालिका बनेंगें।*
