
ज्योतिष इंद्रमोहन डंडरियाल

🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
🌤️ *दिनांक – 02 फरवरी 2026*
🌤️ *दिन – सोमवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2082*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन – उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु – शिशिर ॠतु*
🌥️ *अमांत – 20 गते माघ मास प्रविष्टि*
🌥️ *राष्ट्रीय तिथि -12 माघ मास*
🌤️ *मास – फाल्गुन ( गुजरात-महाराष्ट्र -माघ )*
🌤️ *पक्ष – कृष्ण*
🌤️ *तिथि – प्रतिपदा 03 फरवरी रात्रि 01:52 तक तत्पश्चात द्वितीया*
🌤️ *नक्षत्र – अश्लेशा रात्रि 10:47 तक तत्पश्चात मघा*
🌤️ *योग – आयुष्मान सुबह 07:21 तक तत्पश्चात सौभाग्य*
🌤️ *राहुकाल – सुबह 08:31 से सुबह 09:51 तक*
🌤️ *सूर्योदय – 07:07*
🌤️ *सूर्यास्त – 05:54*
👉 *दिशाशूल – पूर्व दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण-
💥 *विशेष – प्रतिपदा को कूष्माण्ड (कुम्हड़ा पेठा) न खाएं क्योकि यह धन का नाश करने वाला है (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)*
🚩~*सनातन पंचांग* ~🚩
🌷 *अर्थप्रद सोमवार व्रत* 🌷
🙏🏻 *स्कंद पुराण में अर्थप्रद व्रत बताया है जिससे अर्थ की प्राप्ति हो और जीवन में से अनर्थ दूर हो | किसी भी सोमवार को शिवजी के मंदिर में जाकर, शिवलिंग पर दूध, बेलपत्र चढ़ाये और आठ नामों से शिवजी को प्रणाम करें | ये आठ मंत्र स्कंद पुराण में शिवजी के लिए बताये है कि भगवान शिवजी को को स्मरण करते हुये, उनको प्रणाम करते हुए आठ मंत्र बोले | आठ मंत्र इसप्रकार है –*
👉🏻 *ॐ दशभुजाय नम:*
👉🏻 *ॐ त्रिनेत्राय नम:*
👉🏻 *ॐ पंचवदनाय नम:*
👉🏻 *ॐ शूलिने नम:*
👉🏻 *ॐ श्वेतवृषभारूढाय नम :*
👉🏻 *ॐ सर्वाभरणभूषिताय नम:*
👉🏻 *ॐ उमादेहार्द्धस्थाय नम:*
👉🏻 *ॐ सर्वमूर्तये नम:*
➡️ *हर सोमवार को दूध, जल चढाते हुये बोले | ये व्रत बहेने भी कर सकती है |*
🚩~*सनातन पंचांग* ~🚩
🌷 *शक्तिवान बनने* 🌷
👉🏻 *खाली पेट अथवा भोजन के बीच आँवले का रस, मिश्री और घी थोडा-सा लेने से बलवान बन जायेगा, शक्तिवान बन जायेगा |*
🚩~*सनातन पंचांग*~🚩
🌷 *किसकी आयु कम हो जाती है* 🌷
➡️ *जिनको अति अभिमान होता है, जो अधिक एवं व्यर्थ का बोलते हैं उनकी आयु कम हो जाती है |*
➡️ *जो निंदा-ईर्ष्या करते है या दुर्व्यसन में फँसे हैं अथवा जो जरा-जरा बात में क्रुद्ध हो जाते हैं उनकी भी उम्र कम हो जाती है |*
➡️ *जो अधिक खाना खाते हैं, रात को देर से खाते हैं, बिनजरूरी खाते हैं, चलते-चलते खाते हैं, खड़े-खड़े हैं उनका भी स्वास्थ्य लडखडा जाता है और आयु कम हो जाती है |*
➡️ *जो मित्र, परिवार से द्रोह करते हैं, संतो, सज्जनों की निंदा करते है उनकी भी आयु कम होती है, जो ठाँस- ठाँस के खाता है, ब्रह्मचर्य का नाश करता रहता है वह जल्दी मरता है |*
➡️ *जो प्राणायाम और भगवद-मंत्र का जप नहीं करता उसकी लम्बी आयु होने में संदेह रहता है और जो ब्रह्मचर्य पालते हैं, प्राणायाम करते हैं उनकी आयु बढती है |*
🚩*~ सनातन पंचांग ~*🚩
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